हिचकी क्या होता है? हिचकी कैसे रोके? जानिए हिचकी रोकने से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे हिचकी कैसे रोके पूरी जानकारी (How to Stop Hiccups in Hindi) के बारे में क्योंकि चाहे बड़े लोग हो, चाहे बूढे लोग हो या फिर चाहे बच्चे हो, सभी को हिचकी आती है और हिचकी आना एक नॉर्मल प्रक्रिया मानी जाती है। कई लोग ऐसे होते कि उनहे बार बार हिचकी आती है। कई लोग तो हिचकी आने पर यह कहते हैं कि उन्हें कोई उनका प्रिय आदमी याद कर रहा है इसीलिए उन्हें हिचकी आती है। जो महिलाएं प्रेग्नेंट होती है उन्हें भी लगातार हिचकी आने की प्रॉब्लम होती है।

जब किसी व्यक्ति को हिचकी आती है तो वह अपनी हिचकी को बंद करने के लिए सामान्य तौर पर पानी पी लेता है और पानी पीने के 4 से 5 सेकंड के बाद ही उसकी हिचकी बंद हो जाती है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Hichki Kaise Roke, हिचकी रोकने के लिए क्या करे, Hiccups Meaning In Hindi, Hiccups Kaise Roke, हिचकी रोकने का तरीका, Hichki Kyon Aata Hai, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

हिचकी क्या होता है? – What is Hiccups Information in Hindi?

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Hichki Kaise Roke
Hichki Kaise Roke

आयुर्वेद की नजरों से देखा जाए तो बॉडी में कोई भी बीमारी कफ, पित्त, वात के कारण होती है। इसी प्रकार हमारी बॉडी में हिचकी के पैदा होने का कारण वात और कफ होता है। आपको बता दें कि, वैसे तो सांस लेने की नली के द्वारा हिचकी की परेशानी उत्पन्न होती है परंतु हिचकी आने में हमारी बॉडी के डाइजेस्टिव सिस्टम की भी भूमिका होती है। हिचकी को हिक्का भी कहा जाता है। हमारे पेट से हमारे छाती कि जो मांसपेशियां जुड़ी हुई होती है, जब उनमें संकुचन होता है तो हमें हिचकी आती है।

मुख्य तौर पर पेट और छाती से जुड़ी हुई मांसपेशियां सांस छोड़ने में और सांस लेने में हमारी सहायता करती हैं, परंतु जब इनके ऊपर प्रेशर पड़ता है तो आपकी बॉडी की जो आवाज निकालने वाली नली होती है, वह अचानक से बंद हो जाती है जिसके कारण हिचकी आने लगती है।

हिचकी के कितने प्रकार होते हैं? – How Many Types of Hiccups

आयुर्वेद में कुल पांच प्रकार की हिचकी का वर्णन किया गया है।

  1. महाहिक्का: व्यक्ति को इस प्रकार की हिचकी में काफी तेज हिचकी आती है।
  2. महा-गम्भीरा: व्यक्ति को इस प्रकार की हिचकी में गंभीर आवाज के साथ हिचकी आती है।
  3. व्येपता हिक्का: इस प्रकार की हिचकी में व्यक्ति को लगातार ना आ करके थोड़ी थोड़ी देर में हिचकी आती है।
  4. क्षुद्रा हिक्का: थोड़ी देर के लिए ही हिचकी इस प्रकार की हिचकी में आदमी को आती हैं और फिर बंद हो जाती है।
  5. अन्नजा हिक्का: इस प्रकार की हिचकी धीमी आवाज के साथ आती है और पानी पी लेने पर बंद हो जाती है।

हिचकी आने का कारण क्या है? – What is the Cause of Hiccups?

महिलाओ में हिचकी आने की प्रॉब्लम पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखी जाती है और हमारी बॉडी में मौजूद सांस लेने वाली नली इसमें बहुत ही इंपॉर्टेंट किरदार अदा करती है। जब हमारी सांस लेने वाली नली किसी भी प्रकार से अचानक से बंद हो जाती है तो हमें हिचकी आने लगती है। कई बार अगर कोई इंसान ज्यादा खाना खा लेता है या फिर ज्यादा हवा निगल लेता है अथवा मसालेदार या फिर ज्यादा गर्म खाना खा लेता है या फिर किसी भी प्रकार का टेंशन लेता है, तो उसे भी हिचकी आ सकती है। हिचकी आने के कुछ अन्य कारण नीचे हम मेंशन कर रहे है।

  • कोई व्यक्ति अगर फास्ट फूड का सेवन अत्यधिक मात्रा में करता है तो उसे यह समस्या हो सकती है।
  • किसी व्यक्ति को अगर बदहजमी है परंतु फिर भी वह खाना खा रहा है तो उसे हिचकी आ सकती है।
  • अगर कोई व्यक्ति किसी ऐसी जगह पर रह रहा है जहां का वातावरण ठंडा है तो उसे हिचकी आ सकती है।
  • किसी भी प्रकार का टेंशन लेने पर भी हिचकी आती है।
  • धिक देर तक चिंगम खाने से भी व्यक्ति को हिचकी आती है।
  • लगातार अधिक देर तक हंसने के कारण भी आदमी को हिचकी आ सकती है।
  • खाना खाने के दरमियान बात करने पर हिचकी आ सकती है अथवा ज्यादा खाना खाने पर हिचकी आ सकती है।
  • खाना खाने के दरमियान बीच में पानी पीने पर भी हिचकी पैदा हो सकती है।
  • जो लोग ज्यादा शराब पीते हैं उन्हें भी हिचकी आने की समस्या होती है।
  • ठंडा खाना खाने पर भी हिचकी आ सकती है।

गर्भवती महिलाओं को हिचकी क्यों आती है? – Why do Pregnant Ladies get Hiccups

  • जब कोई महिलाएं प्रेग्नेंट हो जाती है तो उसके पेट में पलने वाले बच्चे के ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए महिला की सांस लेने की प्रोसेस नॉर्मल से थोड़ी सी ज्यादा हो जाती है और अगर ऐसी अवस्था में ऑक्सीजन कम इनटैक करने पर डायाफ्राम में संकुचन उत्पन्न होता है तो महिला को हिचकी आने लगती है।
  • प्रेग्नेंट महिलाएं टेंशन मुक्त रहकर के और एक हेल्थी लाइफस्टाइल अपना करके हिचकी की प्रॉब्लम को ठीक कर सकती हैं।
  • गर्भवती महिलाएं कभी-कभी अगर ज्यादा खाना खाती है या फिर जल्दी खाना खाती है तो उसे हिचकी आती है।
  • गर्भावस्था के दरमियान पेट पर प्रेशर पड़ने के कारण भी हिचकी आ सकती है।

हिचकी कैसे रोके? – How to Stop Hiccups in Hindi

हिचकी स्टार्ट होने पर ऑटोमेटिक ही सामान्य तौर पर कुछ समय के बाद बंद हो जाती है परंतु अगर किसी व्यक्ति को लगातार 1 से 2 दिन तक हिचकी आने की समस्या है तो यह उसके लिए चिंता का विषय है। हिचकी की लगातार आने वाली प्रॉब्लम को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय करना चाहिए, जो नीचे आपको बताए जा रहे हैं।

1. हिचकी रोकने के लिए मिश्री और आंवले का इस्तेमाल करे

बता दें कि अगर आपको लगातार हिचकी आ रही है और पानी पीने के बावजूद भी आपकी हिचकी बंद नहीं हो रही है तो अपनी हिचकी को बंद करने के लिए आप आंवले और मिश्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको करना यह है कि आपको पीपल, आंवला और सोंठ का एक-एक ग्राम चूर्ण लेना है और उसके बाद आपको उसके अंदर मिश्री मिला लेनी है और फिर आपको इसे खा जाना है। ऐसा करने पर 5 से 10 सेकेंड के अंदर ही यह चीज आपकी हिचकी को बंद कर देगी।

2. हिचकी रोकने के लिए मिश्री और पिपली का इस्तेमाल करे

आप पिपली और मिश्री का इस्तेमाल करके भी अपनी हिचकी को रोक सकते हैं और इस तरीके को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है। बस आपको पिसी हुई मिश्री और पिपली के चूर्ण को आपस में मिला लेना है और उसके बाद जिस व्यक्ति को हिचकी आ रही है उसे आपको इसे सूंघाना है। अगर आपको खुद ही हिचकी आ रही है तो आप खुद भी इसे सूंघ सकते हैं।

3. हिचकी रोकने के लिए नींबू और नमक का इस्तेमाल करे

नींबू और नमक का इस्तेमाल करके अपनी हिचकी को रोकने के लिए सबसे पहले आपको एक चुटकी नमक लेना है और उसके अंदर आपको पुदीने के थोड़े से पत्ते और नींबू का रस मिलाना है। उसके बाद आपको इसे पी जाना है।बता दें कि इसे पीने पर आपकी हिचकी तो बंद हो ही जाएगी, साथ ही यह आपके पेट में मौजूद गैस का भी नाश करेगी।

4. हिचकी रोकने के लिए सोंठ और हरड़ का इस्तेमाल करे

अपनी हिचकी को रोकने के लिए आपको सबसे पहले बड़ी हरड़ का चूर्ण और शोंठ का चूर्ण लेना है और दोनों को आपस में मिक्स कर लेना है। इसके बाद आपको हल्के गुनगुने पानी में तकरीबन 4 ग्राम इस चूर्ण को डालना है और उसके बाद आपको धीरे-धीरे करके इसे पी जाना है। ऐसा करने पर सिर्फ पांच से 10 सेकेंड के अंदर ही आपकी हिचकी पूरी तरह से बंद हो जाएगी।

5. हिचकी रोकने के लिए शहद और कुटकी का इस्तेमाल करे

शहद और कुटकी का इस्तेमाल करके भी आप अपनी हिचकी को बंद कर सकते हैं। इसके लिए आपको तकरीबन 4 से 5 दिन तक इसका सेवन करना पड़ेगा। सबसे पहले आपको शहद में कुटकी के चूर्ण को एक दो चुटकी मिला लेना है और उसके बाद इसे खा लेना है। लगातार 3 से 4 दिन तक ऐसा करने से आपको आराम मिल जाएगा।

6. हिचकी रोकने के लिए मक्खन और हींग का इस्तेमाल करे

दो चम्मच मक्खन और दो चम्मच हींग का पाउडर ले करके आपको हल्के गुनगुने पानी में डाल लेना है और उसके बाद उस पानी को पी जाना है। यह हिचकी रोकने का बहुत ही बढ़िया उपाय माना जाता है।

हिचकी रोकने के कुछ घरेलू टिप्स और उपाय – Some Home Tips and Remedies to Stop Hiccups

1. अगर आप जल्दी से अपनी हिचकी को बंद करना चाहते हैं और हिचकी की समस्या से राहत पाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक ताजा नींबू काट लेना है और फिर उस नींबू का रस आपको हल्का-हल्का चूसना है। ऐसा करने पर आपकी हिचकी बंद हो जाएगी।

2. हिचकी बंद करने के लिए आपको तीन चार इलायची को एक गिलास पानी में उबाल लेना है और फिर उस पानी को ठंडा करके पी जाना है। ऐसा करने से भी आपकी हिचकी बंद हो जाएगी।

3. एक चम्मच शहद को ले करके आपको एक गिलास ठंडे पानी में डालना है और उसके बाद इस पानी को पी जाना है। यह भी हिचकी बंद करने का सर्वोत्तम उपाय माना जाता है।

4. अगर आपको सामान्य तौर पर हिचकी आती है तो आप नॉर्मल पानी भी पी सकते हैं क्योंकि आम तौर पर सामान्य हिचकी में पानी पीने पर हिचकी बंद हो जाती है।

5. अगर किसी व्यक्ति को बार-बार और लगातार हिचकी आ रही है तो उसे दिन में कम से कम 3 बार चित्रकादि वटी को लेना चाहिए। इसका सेवन करने से हिचकी बंद हो जाती है।

6. अगर किसी बच्चे को हिचकी आने की समस्या है तो उसे एक चम्मच शहद या फिर पीनट बटर खिलाना चाहिए। ऐसा करने पर उसकी हिचकी बंद हो जाएगी।

7. हिचकी की समस्या से पांच से 10 मिनट के अंदर छुटकारा पाने के लिए आदमी को अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर चूस लेना चाहिए। अदरक का रस जैसे ही आदमी के शरीर में जाएगा, धीरे-धीरे हिचकी आना बंद हो जाएगी।

डॉक्टर से कब सलाह लें?

सामान्य तौर पर जब किसी व्यक्ति को हिचकी आने लगती है तो वह कम समय में अपने आप बंद हो जाती है या पानी पीने के बाद हिचकी आना बंद हो जाती है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को हिचकी 1 दिन से अधिक समय तक रहती है, तो यह नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को डॉक्टर के पास जाकर अपना चेकअप जरूर करवाना चाहिए।

निष्कर्ष

आशा है आपको Hiccups Details In Hindi के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में Hichki Kaise Roke (How To Stop Hiccups In Hindi) और हिचकी कैसे रोके? को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को Hiccups Kaise Roke के बारे में जानकारी मिल सके।

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