गिलोय क्या होता है? गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं? गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे एवं नुकसान क्या है? जानिए Giloy ka Kadha Kaise Banaye से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे गिलोय का काढ़ा कैसे बनाए (Giloy ka kadha kaise banaye in Hindi), के बारे में पूरी जानकारी। कोरोनावायरस ने भारत में लाखों लोगों की जान ले ली है, और इस वायरस से बचने के लिए डॉक्टर के हिसाब से बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना आवश्यक माना गया है। जिसके लिए डॉक्टर के साथ ही साथ आयुर्वेदिक योगाचार्य भी गिलोय का काढ़ा पीने की सलाह दे रहे हैं। यही वजह है कि आजकल गिलोय के काढ़े की भारी मात्रा में डिमांड उत्पन्न हो गई है और इसीलिए गिलोय की कीमत भी बढ़ गई है।

गिलोय का काढ़ा पीने से बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे काफी हद तक इंसान कोरोना वायरस से प्रभावित होने से बच जाता है। गिलोय क्या होता है? गिलोय कहाँ पाया जाता है? गिलोय की तासीर क्या होती है? गिलोय का काढ़ा कैसे बनाए? गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए कौन सी सामग्री लगती है? गिलोय का काढ़ा बनाने की विधि, गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे एवं नुकसान क्या है? गिलोय का काढ़ा कब तक पीना चाहिए? आदि सारी जानकारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए, इस लेख को अंत तक पढ़े।

गिलोय क्या होता है? – What is Giloy in Hindi?

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गिलोय का काढ़ा कैसे बनाए
Giloy

जंगलों में, खेतों की मेढ़ पर और पहाड़ों की चट्टान पर, खास करके नीम के पेड़ पर पाई जाने वाली गिलोय एक प्रकार की बेल होती है। इसमें जो फल लगते हैं, उसका आकार मटर के बीज की तरह होता है और इसका तना हरे रंग का होता है। जब गर्मी का मौसम आता है, तब गिलोय के पौधे पर पीले रंग के छोटे फूल लगते हैं। इसकी पत्तियों के अंदर फास्फोरस, कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा मौजूद होती है। 

इसको अंग्रेजी में हार्ट-लीव्ड मूनसीड कहते है। गिलोय को गुडुची के नाम से जाना जाता है। इसका वानस्पतिक नाम टीनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया होता है। गिलोय का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है और इसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर इस्तेमाल काढ़ा बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने वाली कंपनियां भी गिलोय का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयों को तैयार करने में करती हैं।

गिलोय की तासीर क्या है? – What is Taseer of Giloy in Hindi?

गर्म तासीर वाले गिलोय का इस्तेमाल इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए आजकल लोगों के द्वारा भारी मात्रा में किया जा रहा है। जब से डॉक्टर के द्वारा यह कहा गया है कि कोरोना वायरस से बचाव करने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना चाहिए और इसके लिए गिलोय का काढ़ा पीना चाहिए, तब से ही गिलोय की बिक्री में काफी तेजी से उछाल आया हुआ है। गिलोय के काढ़े में आप चाहे तो हल्दी, नीम की पत्तियां और तुलसी भी मिला सकते हैं और एक स्ट्रांग काढ़ा बना सकते हैं।

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गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं? – How to make Giloy Kadha in Hindi?

गिलोय का काढ़ा पीने का फ़ायदा यह है कि यह एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी होती है, इसलिए इसके किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट नहीं देखे जाते हैं। यह बॉडी में जाने के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करती है और बढ़ाती भी है, जिससे आप विभिन्न प्रकार के छोटे-मोटे इंफेक्शन से बचे रहते हैं। यहां तक कि सर्दी, खांसी और बुखार जैसी प्रॉब्लम को दूर करने के लिए गिलोय का काढ़ा रामबाण इलाज माना जाता है।

इसे अगर आप इन स्तिथियों में पीते हैं, तो यह 2 से 3 दिन के अंदर ही आपको आराम दे देता है। अगर आप भी गिलोय का काढ़ा पीना चाहते हैं, तो नीचे हमने आपको गिलोय का काढ़ा कैसे बनाया जाता है अथवा गिलोय का काढ़ा बनाने की विधि दी है।

गिलोय का काढ़ा बनाने की सामग्री – Items required for making Giloy Kadha in Hindi

  • 4-6 इंच गिलोय का तना
  • 7 नीम की पत्तियों का डंठल
  • 10 तुलसी की पत्तियां
  • 20 ग्राम गुड़

गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं? – How to make Giloy Kadha in Hindi?

Giloy Kaadha

नीचे जानिए गिलोय का काढ़ा बनाने का तरीका क्या है अथवा गिलोय का काढ़ा घर पर कैसे बनाएं।

1. सबसे पहले तो आपको गिलोय का तना लेना है। उसे छोटे-छोटे टुकड़े में काट लेना है, काटने के बाद आपको उसे अच्छी तरह से कुचल लेना है।

2. अब आपको एक पतीला लेना है और उस पतीले में आपको गुड़, नीम और तुलसी की पत्तियों को डालना है, साथ ही आपको इसके अंदर कम से कम 4 कप पानी भी डालना है।

3. इसके बाद आपको इसके अंदर गिलोय के काटे हुए छोटे-छोटे टुकड़े भी डाल देने हैं। इसके बाद आपको गैस चालू करनी है और पतीले को गैस पर रख देना है। अब इसे तकरीबन 8 से 10 मिनट तक उबलने देना है।

4. जब पतीले का पानी आधा रह जाए, तब आपको गैस बंद करके इसे उतार लेना है। अब आपको इसे छानकर के एक गिलास में भर लेना है और फिर धीरे-धीरे पी जाना है।

बता दे कि गिलोय के काढ़े का मुख्य तौर पर इस्तेमाल मौसमी बुखार को दूर करने के लिए या फिर नॉर्मल बुखार को दूर करने के लिए किया जाता है। दोनों ही प्रकार के बुखार में यह कभी-कभी तो तुरंत, कभी-कभी 2 से 3 दिन में अच्छा परिणाम देता है।

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गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे क्या है? – What are the Benefits of drinking Giloy Kadha?

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नीचे हमने आपको गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे अथवा गिलोय का काढ़ा पीने के बेनिफिट के बारे में बताया हुआ है।

  • यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को तेज करने का काम करता है।
  • विभिन्न प्रकार के छोटे-मोटे इंफेक्शन से बॉडी को बचाता है।
  • त्वचा पर कील मुंहासे और पिंपल होने से रोकता है।
  • डेंगू से बचाने का काम करता है।
  • गठिया में भी फायदेमंद है।
  • ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है।
  • चेहरे पर निखार लाता है।
  • सर्दी, जुखाम, खांसी और बुखार को दूर रखता है।

गिलोय के नुकसान क्या है? – What are the demerits of Giloy in Hindi?

जो व्यक्ति डायबिटीज की किसी भी प्रकार की दवाइयां ले रहे हैं, उन्हें गिलोय को लेने से बचना चाहिए क्योंकि यह बॉडी में ब्लड शुगर को कम करने का काम करता है। साथ ही हम आपको यह भी बता दें कि पाचन क्षमता के लिए इसे अच्छा माना जाता है, परंतु इसकी तासीर गर्म होती है। यही वजह है कि इसका ज्यादा सेवन करने पर पेट में गैस या जलन की दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा प्रेग्नेंट महिलाओं को गिलोय का सेवन करने से पहले डॉक्टर से अवश्य सलाह ले लेनी चाहिए।

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क्या गिलोय का काढ़ा कोरोना वायरस से बचा सकता है?

देखा जाए तो, कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा वृद्ध लोग ही पीड़ित हो रहे हैं, जिसके पीछे वजह यह है कि वृद्ध लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही कमजोर होती है और यही वजह है कि जब कोई वृद्ध व्यक्ति कोरोना वायरस से पीड़ित हो जाता है, तो उसके बचने की उम्मीद काफी कम हो जाती है। बता दें कि गिलोय का काढ़ा मुख्य तौर पर बॉडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़िया करने का काम करता है।

इसलिए अगर आप गिलोय का काढ़ा पीते हैं, तो यह आपको कोरोना से संक्रमित होने से बचाने का काम करता है और इस बात की पुष्टि भी डॉक्टर के द्वारा की जा चुकी है। इसलिए कोरोना काल में गिलोय के काढ़े की भारी मात्रा में डिमांड हुई थी। गिलोय आयुर्वेदिक जड़ी बूटी होती है, जो इम्यूनिटी बूस्ट करने के अलावा अन्य कई प्रकार से सेहत के लिए फायदेमंद होती है।

गिलोय का काढ़ा कब तक पीना चाहिए? – When to drink Giloy Kadha in Hindi?

आयुर्वेदिक दृष्टि से देखा जाए तो लंबे समय तक गिलोय का काढ़ा नहीं पीना चाहिए, क्योंकि गिलोय का काढ़ा गर्म तासीर वाला होता है। यही वजह है कि गर्मी के दिनों में इसे कम लेने की सलाह दी जाती है। ठंडी के महीने में इसका इस्तेमाल आप अपनी इच्छा के अनुसार या फिर डॉक्टर के बताए अनुसार कर सकते हैं। अगर आप इसे बुखार को दूर करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको 2 से 3 दिन में ही अच्छे रिजल्ट मिलेंगे।

गिलोय (Giloy) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिलोय क्या है?

बेल।

क्या गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है?

हां।

गिलोय की तासीर क्या है?

गर्म।

क्या गिलोय का काढ़ा लंबे समय तक पी सकते हैं?

नहीं।

निष्कर्ष

आशा है आपको गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में गिलोय का काढ़ा कैसे बनाएं (How to make Giloy Kaadha in Hindi) को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी मिल सके।

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