एंपैथी और सिंपैथी में अंतर क्या है? – Difference between Empathy and Sympathy in Hindi

आज हम जानेंगे एंपैथी और सिंपैथी में अंतर क्या है (What is difference between Empathy and Sympathy in Hindi), के बारे में पूरी जानकारी। इस दुनिया में ऐसे बहुत सारे शब्द है, जो एक दूसरे से काफी मिलते-जुलते हैं और जिन लोगों को उन शब्दों के बीच के अंतर के बारे में जानकारी नहीं होती है, वह उन दोनों ही शब्दों को एक ही शब्द मानते हैं और उनका एक ही अर्थ समझते हैं। अब एंपैथी और सिंपैथी की ही बात ले लीजिए। यह दोनों शब्द आपस में काफी मिलते-जुलते हैं और कई लोगों को तो लगता है कि यह समानार्थी शब्द है, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।

इन दोनों के बीच काफी डिफरेंस है। हालांकि यह दोनों ही मानवीय भावना है, परंतु भावना होने के बावजूद इन दोनों में कुछ ना कुछ अंतर अवश्य है। इसलिए हमने सोचा कि क्यों ना एक ऐसा आर्टिकल तैयार किया जाए जिसमें इन दोनों शब्दों एंपैथी और सिंपैथी, के बीच के अंतर को बताया जाए तो आज के लेख में हमसे जुड़े रहे और जाने एंपैथी और सिंपैथी से जुड़ी हुई सभी जानकारियां विस्तार से वो भी हिंदी में, इसलिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

एंपैथी क्या है? – What is Empathy in Hindi?

empathy aur sympathy me kya antar hai
एंपैथी और सिंपैथी में अंतर क्या है

हिंदी भाषा में इसका मतलब समानुभूति होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह एक प्रकार की दूसरे के मन की स्थिति को जानने की योग्यता है अथवा समझने की योग्यता है। हम आपको इसे उदाहरण देकर के समझाते हैं। मान लीजिए कि रामू के साथ कोई घटना घट गई और उसने अपने साथ घटित हुई घटना को श्यामू को बताया परंतु श्यामू के साथ भी वह घटना घटित हो चुकी है।

इस प्रकार श्यामू को यह अच्छी तरह से पता है कि रामू के दिल और दिमाग पर क्या बीत रही है। इस प्रकार से अब रामू अपनी भावनाओं के बारे में श्यामू को बता रहा है, तो उसे श्यामू से समानुभूति यानी की एंपैथी है। कहने का मतलब यह है कि किसी व्यक्ति के दुख को हम जब उसी प्रकार से समझते हैं, जैसे कि वह हमें बता रहा है तो उसे ही समानुभूति कहा जाता है।

हमें तब तक किसी भी व्यक्ति के दुख के बारे में नहीं पता चल पाता है, जब तक कि वही दुख हमारे ऊपर नहीं बीतता है और जब हमारे ऊपर जो बीती होती है। वही किसी और व्यक्ति के ऊपर बीती होती है, तो वह अगर उन बातों को हमारे साथ शेयर करता है, तो उसे समानुभूति कहते हैं।

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सिंपैथी क्या है? – What is Sympathy in Hindi?

सिंपैथी का हिंदी में मतलब सहानुभूति होता है, जिसका अर्थ यह होता है कि जब कोई पीड़ित व्यक्ति हमारे दुख में हमारे साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा होता है। इसका मतलब यह होता है, कि उस व्यक्ति को हमारे साथ सहानुभूति है और वह हमारे प्रति दया के भाव को प्रकट कर रहा है। सहानुभूति का मतलब समान भावना भी होती है।

उदाहरण के तौर पर हमें अपने दोस्त के प्रति अधिकतर सहानुभूति होती है। सहानुभूति अधिकतर ऐसी अवस्था में प्रकट होती है, जब किसी व्यक्ति पर कोई दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है या फिर किसी व्यक्ति को कोई परेशानी आ जाती है। जैसे कि मान लीजिए कि कोई बंदर अगर तकलीफ में फंसा हुआ है, तो उसके साथ सहानुभूति होने के तौर पर अन्य बंदर भी उसके साथ या फिर उसके आसपास इकट्ठा हो जाते हैं।

इसके अलावा अगर कोई कौवा बीमार है, तो दूसरे कौवे भी उस कौवे के आस-पास इकट्ठा हो जाते हैं। जिसके पीछे सहानुभूति ही वजह होती है। सिंपैथी के टोटल तीन प्रकार है – जिसमें पहली है – सक्रिय सहानुभूति यानी की एक्टिव सिंपैथी। इसमें व्यक्ति किसी व्यक्ति की सिचुएशन को देख कर के आगे बढ़ करके उसकी सहायता करता है। सिंपैथी का दूसरा प्रकार है – निष्क्रिय सहानुभूति यानी कि पैसिव सिंपैथी

इसमें व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के साथ लगाव तो होता है, परंतु वह उसकी कुछ सहायता करने का भाव अपने मन में नहीं ला पाता है। इसका तीसरा प्रकार है – व्यक्तिगत सहानुभूति यानी की पर्सनल सिंपैथी। इसके अंतर्गत व्यक्ति को किसी प्राणी विशेष या फिर किसी अन्य व्यक्ति की तकलीफों को देख कर के उसके प्रति सहानुभूति होने लगती है। उदाहरण के तौर पर दर्द से तड़प रहे व्यक्ति के प्रति हमदर्दी जताना।

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एंपैथी और सिंपैथी में अंतर – Difference between Empathy and Sympathy in Hindi

  1. दूसरे व्यक्ति के दर्द को अपने लेवल पर अनुभव करने की जो योग्यता होती है, उसे सहानुभूति यानी की सिंपैथी कहते हैं और दूसरे व्यक्ति का जो दर्द है, ठीक उसी दर्द को अपने मन में महसूस करने की योग्यता को समानुभूति यानी की एंपैथी कहते हैं।
  2. सिंपैथी एक सामान्य अनुभूति है और एंपैथी बहुत-ही गहरी अनुभूति है।
  3. एंपैथी में सामने वाले व्यक्ति की हर तरह से मदद करने की भावना होती है, जबकि सिंपैथी में ऐसा कुछ नहीं होता।
  4. सिंपैथी में आप सामने वाले व्यक्ति के दुख दर्द में थोड़ी-ही हद तक शामिल होते हैं, वही एंपैथी में आप सामने वाले व्यक्ति के दर्द को अपने अंदर महसूस करते हैं।

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निष्कर्ष

आशा है आपको एंपैथी और सिंपैथी के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में एंपैथी और सिंपैथी (Difference between Empathy and Sympathy in Hindi) को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को एंपैथी और सिंपैथी के बारे में जानकारी मिल सके।

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