टर्टल और टॉर्टोइस में क्या अंतर है? – Difference between Turtle and Tortoise in Hindi.

आज हम जानेंगे टर्टल और टॉर्टोइस कार्ड में अंतर (Difference between Turtle and Tortoise), के बारे में पूरी जानकारी। आपने किसी ना किसी व्यक्ति के मुंह से यह कहावत तो सुनी ही होगी कि पूरी दुनिया में एक ही इंसान के जैसे दिखाई देने वाले 7 लोग होते हैं। हालांकि वह कौन लोग होते हैं, इसके बारे में किसी को नहीं पता। इसी प्रकार दुनिया में कुछ जानवर ऐसे भी हैं, जो बिल्कुल एक जैसी दिखाई देते हैं और उनका आकार, रंग, रूप भी एक जैसा ही होता है परंतु इसके बावजूद भी उनके अंदर कई भिन्नता होती है, जिसके बारे में अधिकतर लोगों को पता नहीं होता है।

अब टर्टल और टॉर्टोइस को ही ले लीजिए। इन दोनों का आकार एक जैसा होता है और दोनों की पीठ के ऊपर एक स्ट्रांग कवच होता है, जो हिंसक प्राणियों से इन्हें बचाने का काम करता है। एक जैसा दिखाई देने के बावजूद और एक जैसा आकार होने के बावजूद भी इनमें कई अंतर होते हैं, जिसके बारे में जानना आवश्यक होता है। इस आर्टिकल के द्वारा हमने टर्टल और टॉर्टोइस में अंतर क्या है, इस बात को क्लियर करने का प्रयास किया है। टर्टल और टॉर्टोइस की सारी जानकारी के बारे में विस्तार से जानने के लिए, इस लेख को अंत तक पढ़े।

टर्टल क्या है? – What is a Turtle in Hindi?

Difference between Turtle and Tortoise in Hindi
टर्टल और टॉर्टोइस

टर्टल को हिंदी भाषा में कछुआ कहा जाता है और अगर इसके प्राप्ति स्थान के बारे में बात करें तो यह अधिकतर समुद्र के अंदर, तालाब के अंदर या फिर नदी के अंदर पाया जाता है। कछुआ की बॉडी के ऊपर का हिस्सा बहुत ही स्ट्रांग होता है। इसकी बॉडी के ऊपर वाले हिस्से में एक ठोस कवच होता है जो बहुत ही मजबूत होता है। इसकी मजबूती का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अगर 50 किलो का वजन इस पर पड़ जाता है तो भी यह नहीं टूटता है।

अपनी पीठ के ऊपर मौजूद इस कवच के कारण कछुआ कई बार खतरनाक प्राणियों से बच जाता है। कछुआ अपने चारों पैर और अपने सर को अपनी बॉडी के अंदर कर लेता है। इस प्रकार कई बार यह हिंसक जानवरों का निवाला होने से बच जाता है। कछुआ की एक ही नहीं बल्कि कई प्रजातियां होती हैं। इसकी प्रजातियां ग्रीक कछुआ, मार्जिनल कछुआ, क्लेनमैन कछुआ, हर्मन कछुआ, रूसी कछुआ, अंगोनोका कछुआ, तेंदुआ कछुआ, विकिरणित कछुआ, मकड़ी कछुआ, अल्दाबराचेइल ग्रैंडिडिएरी हैं।

कछुआ के कुछ प्रकार को हम घर में पाल सकते हैं और कुछ पालतू नहीं होते हैं। कछुआ के भोजन के बारे में बात करें तो कछुआ मांसाहारी और शाकाहारी दोनों प्रकार का खाना खाता है। इस प्रकार कछुआ को सर्वाहारी जानवर की लिस्ट में रखा जाता है। कछुआ हरी सब्जियां जैसे कि ब्रोकली, बीन और साग अवश्य खाते हैं। इसके अलावा यह बीज और फल, फूल, पत्ते भी खा लेते हैं, साथ ही यह छोटे-मोटे कीड़े मकोड़े भी खाते हैं। इसके अलावा यह मेंढक, मछली भी खाते हैं।

कछुआ को लेकर के विभिन्न प्रकार की धार्मिक मान्यताएं भी मौजूद है। हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा माना जाता है कि अगर कछुआ को घर में रखा जाता है, तो घर में धन की कोई भी कमी नहीं होती है, क्योंकि कछुआ को घर में रखने से धंधे-पानी में बरकत होने लगती है और इस प्रकार घर में पैसों की बरसात होने लगती है। इसके अलावा अगर कछुआ घर में होता है, तो घर में हमेशा सुख शांति बनी रहती है। साथ ही कछुआ पालने से लोगों की उम्र भी बढ़ती है और विभिन्न प्रकार की खतरनाक एनर्जी लोगों से और उनके घरों से दूर होती है।

जो लोग अपने नए बिजनेस को चालू करते हैं वह अगर चांदी का कछुआ अपने ऑफिस या दुकान में रखते हैं, तो ऐसा करना उनके बिजनेस के लिए शुभ माना जाता है। एक ऐसी भी मान्यता है कि अगर घर में कछुआ पाला जाता है तो उस घर में रहने वाले लोगों को अच्छी नौकरी प्राप्त होती है, साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता प्राप्त होती है। इसके अलावा कछुआ घर के लोगों को बुरी नजर से बचाने का काम करता है।

अगर आप टर्टल को पालना चाहते हैं तो टर्टल को पालने का सबसे बढ़िया समय ठंडी का मौसम माना जाता है, क्योंकि ठंडी का वातावरण इनके लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा अगर आपको टर्टल को गर्मी के मौसम में पालने का विचार आ रहा है तो आपको इसे ठंडक मिलती रहे इसका इंतजाम अवश्य करना चाहिए, साथ ही आपको टर्टल को हफ्ते में एक या फिर दो बार पानी में अवश्य भिगोना चाहिए।

आप चाहे तो इसके लिए टर्टल के लिए एक बढ़िया सा एक्वेरियम भी खरीद करके ला सकते हैं। टर्टल पानी में जब भींगता है, तो उसकी बॉडी हाइड्रेटेड रहती है। इसके अलावा कभी भी टर्टल को ऊंचाई से नीचे ना गिरने दे। ऐसा होने पर इसका खोल खुल सकता है और इसका कवच टूट सकता है। जिसके कारण इंफेक्शन फैल सकता है और टर्टल की मृत्यु भी हो सकती है।

ये भी पढ़े: क्रेडिट और डेबिट कार्ड में क्या अंतर है

टॉर्टोइस क्या है? – What is Tortoise in Hindi?

Tortoises एक ऐसा प्राणी होता है, जो मुख्य तौर पर जमीन पर रहते हैं और दूसरे टर्टल की तरह इनकी बॉडी के ऊपर भी एक बहुत ही कडा़ कवच होता है और उसी कवच के द्वारा इनकी बॉडी ढ़की हुई होती है। Tortoises का जो ऊपरी भाग होता है उसे कारापेश कहा जाता है और इसका जो नीचे वाला भाग होता है उसे प्लास्ट्रन कहा जाता है। इसके टोटल चार पैर होते हैं और हर पैर में 5-5 नाखून होते हैं तथा जाल युक्त उंगलियां भी होती हैं।

मादा Tortoises, वह जमीन को खोदती है और उसके अंदर अपने अंडों को देती है जो कि सामान्य तौर पर 1 से लेकर के 30 की संख्या में होते हैं और मादा Tortoises अधिकतर अंडे देने का काम रात के समय में ही करती है। अंडे देने के बाद मादा Tortoises अंडों को मिट्टी और बालू से ढ़क देती है। टॉर्टोइस की बहुत सी प्रजीतिया पाई जाती है।

इनके अंडो से बच्चे निकलने का समय अलग-अलग प्रजाति के अनुसार अलग-अलग है। सामान्य तौर पर अंडे में से बच्चे निकलने का टाइम 60 दिन से लेकर के 120 दिनों के आस पास होता है। Tortoises अपना ज्यादातर समय जमीन पर ही व्यतीत करते हैं और इनके पास खोलदार और गोल खोल होती है। हालांकि Tortoises के मुकाबले में टर्टल पानी में तेजी के साथ तैर सकता है।

ये भी पढ़े: कर्ड और योगर्ट में क्या अंतर है

टर्टल और टॉर्टोइस में क्या अंतर है? – What is the difference between Turtle and Tortoise in Hindi?

टर्टल और टॉर्टोइस
  1. टर्टल पानी में आसानी से तैर सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ टॉर्टोइस जमीन और पानी दोनों जगह आसानी से रह सकते हैं।
  2. टर्टल के पास गुथे हुए पैर होते हैं, जो पानी में तैरने में उन्हें सहायक साबित होते हैं। वही टॉर्टोइस के पास ऐसे पैर और पंजे होते हैं, जिसके जरिए वह जमीन पर खुदाई कर सकते हैं।
  3. टॉर्टोइस औसतन 80 से 150 जीते है। ज्यादातर टर्टल 10 से 80 साल जीते है, परंतु समुद्री टर्टल 100 से 150 साल तक जीते है।
  4. टर्टल और टॉर्टोइस में, टर्टल सर्वाहारी होता है और टॉर्टोइज शाकाहारी होता है।
  5. टर्टल और टॉर्टोइस के मामले में लोग टर्टल पालना ज्यादा पसंद करते है।
  6. टर्टल अपना अधिकतर समय पानी में गुजारना पसंद करते हैं। वही टॉर्टोइस अधिकतर समय जमीन पर रहना पसंद करते हैं।

ये भी पढ़े: गांव और शहर में क्या अंतर है

निष्कर्ष

आशा है आपको टर्टल और टॉर्टोइस में क्या अंतर है के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में टर्टल और टॉर्टोइस में क्या अंतर है (What is the difference between Turtle and Tortoise in Hindi) को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को टर्टल और टॉर्टोइस में क्या अंतर है के बारे में जानकारी मिल सके।

आपको हमारा यह लेख कैसा लगा?

यह टीम लेख की गुणवत्ता की जांच करके आप तक नई जानकारी पहुंचाने का काम करती है।

Leave a Comment