एडवोकेट क्या होता है? Advocate कैसे बने? जानिए Advocate बनने से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे एडवोकेट (Advocate) कैसे बने पूरी जानकारी (How To Become Advocate Details In Hindi) के बारे में क्योंकि पुलिस और एडवोकेट का आपस में 36 का आंकड़ा होता है, क्योंकि जहां एक तरफ पुलिस अपराधियों को कड़ी मेहनत करके पकड़ने का काम करती है, वही वकील अदालत में वकालत करके निर्दोष लोगों को रिहा करवाता है और अपराधियों को सजा दिलवाता है। वकील का पेशा ऐसा पेशा है, जिसमें आप को अदालत में कई लोगों के सामने दूसरे पक्ष के वकील से तकरार करनी पड़ती है।

वकील को अंग्रेजी भाषा में Advocate या फिर Lawyer कहा जाता है। अगर आप वकील, एडवोकेट या फिर लायर बनना चाहते हैं तो इस पेज पर आपको इसकी पूरी जानकारी प्राप्त होगी। आज के इस लेख में जानेंगे कि Advocate Kaise Bane, एडवोकेट बनने के लिए क्या करे, Advocate Meaning In Hindi, Advocate Kya Hota Hai, एडवोकेट बनने का तरीका, Advocate Kaise Bante Hain, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

एडवोकेट किसे कहते हैं? – What is Advocates Information in Hindi?

Advocate Kaise Bane
Advocate Kaise Bane

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जो वकील होता है उसे ही एडवोकेट कहते हैं और अधिवक्ता और लॉयर को भी एडवोकेट ही कहते हैं। एडवोकेट अदालत में वकालत करने का काम करता है। जब कोई पीड़ित व्यक्ति किसी एडवोकेट से अपने केस को हैंडल करने की मांग करता है, तब वकील उस पीड़ित व्यक्ति के आग्रह पर उसके केस को हाई कोर्ट, जिला कोर्ट और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाता है और उसे न्याय देने का काम करता है। कुल मिलाकर एक एडवोकेट अदालत में पीड़ित व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया का पालन करके न्याय दिलाने का काम करता है।

एडवोकेट बनने के लिए क्या करें? – What to do to Become Advocate?

जिस प्रकार किसी भी मंजिल को पाने के लिए हमें मेहनत करनी पड़ती है, उसी प्रकार एडवोकेट बनने के लिए भी आपको मेहनत करनी पड़ेगी। मेहनत के साथ-साथ आपको एडवोकेट कैसे बना जाता है, इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी रखनी होगी, तभी आप स्टेप बाय स्टेप Advocate बनने की राह पर आगे बढ़ेंगे। चलिए आपको बताते हैं एडवोकेट कैसे बने और एडवोकेट बनने के लिए कौन सी योग्यताएं आपके अंदर होनी चाहिए।

एडवोकेट बनने की योग्यता – Qualification to become a lawyer

  • Advocate बनने के लिए सबसे पहले तो उम्मीदवार का बारहवीं कक्षा का पास होना जरूरी है।
  • इसके साथ ही उसे अपनी 12वी कक्षा को कम से कम 50% अंकों के साथ पास करना जरूरी है।
  • एडवोकेट बनने के लिए किसी भी प्रकार की एज लिमिट को तय नहीं किया गया है।

एडवोकेट कैसे बने? – How to Become Advocate Information in Hindi?

ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें यह डिसीजन लेने में काफी समय लग जाता है कि Advocate बनना उनके लिए सही रहेगा या फिर नहीं। हम आपको बता दें कि अगर आप Advocate बनते हैं, तो यह आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके पीछे वजह यह है कि वकालत एक ऐसी चीज है, जो अनंत काल तक चलेगी। अगर आपके अंदर अदालत में बहस करने का और लोगों को समझाने का गुण है, तो आप एक अच्छे Advocate बनने की कोशिश कर सकते हैं।

एडवोकेट के प्रकार – Types of Advocate

एडवोकेट मुख्य तौर पर तीन डिफरेंट प्रकार के होते हैं जो हमारे भारत देश की अलग-अलग कोर्ट में वकालत करने का काम करते हैं जैसे कि,

  1. भारत की सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट
  2. भारत की हाई कोर्ट के एडवोकेट
  3. भारत के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के एडवोकेट

जो एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट होते हैं, वह इंडिया की सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं। इसके अलावा जो एडवोकेट हाई कोर्ट के एडवोकेट होते हैं, वह इंडिया के हाई कोर्ट में वकालत करते हैं तथा ऐसे एडवोकेट जो डिस्ट्रिक्ट लेवल के एडवोकेट होते हैं, वह डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वकालत का काम करते हैं। इसके अलावा अलग-अलग फील्ड के स्पेशल एडवोकेट भी होते हैं जैसे कि एस्टेट एडवोकेट, क्रिमिनल लॉयर, सिविल राइट एडवोकेट, प्रॉपर्टी एडवोकेट इत्यादि।

एडवोकेट बनने की प्रक्रिया – Process to Become Advocate

एडवोकेट कैसे बना जाता है और एडवोकेट बनने की प्रक्रिया क्या है, इसके बारे में अब हम आपको नीचे स्टेप बाय स्टेप बता रहे हैं, ताकि आप अपने एडवोकेट बनने के सपने को पूरा कर सकें।

1. 12वीं कक्षा को पास करें।

एडवोकेट बनने के लिए और वकालत करने के लिए सबसे पहले उम्मीदवार को अपनी 12वीं कक्षा को किसी भी स्ट्रीम के साथ कम से कम 50% के साथ पास करना पड़ता है।

2. एंट्रेंस एग्जाम दें

12वीं कक्षा को पास करने के बाद जब आप एलएलबी के कोर्स में एडमिशन लेंगे या फिर कानून से संबंधित किसी भी कोर्स में एडमिशन प्राप्त करने की कोशिश करेंगे, तो उससे पहले आपको कुछ एंट्रेंस एग्जाम को देना पड़ेगा और इंटरेस्ट एग्जाम को पास करने के बाद ही आपको आपके कानून के कोर्स में एडमिशन प्राप्त होगा। सामान्य तौर पर कानून से संबंधित कोर्स में एडमिशन पास करने के लिए आपको जो एंट्रेंस एग्जाम देनी होती है, उनके नाम इस प्रकार हैं।

  • CLAT – common law admission test
  • AILET – All india law entrance test
  • LSAT – Law school admission test

3. एलएलबी में एडमिशन ले

जब उम्मीदवार 12वीं कक्षा को कम से कम 50% अंकों के साथ पास कर लेते हैं, तो उसके बाद उन्हें एलएलबी के कोर्स में एडमिशन के लिए अप्लाई करना होता है। कई राज्यों में एलएलबी के कोर्स में एडमिशन प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कुछ एंट्रेंस एग्जाम भी देनी पड़ सकती है। एग्जाम को पास करने के बाद उन्हें एलएलबी के कोर्स में एडमिशन मिल जाता है।

एलएलबी का कोर्स टोटल 3 साल का कानून से संबंधित कोर्स होता है। इसमें विद्यार्थियों को कानून की धारा और कानून के बारे में पढ़ाई करवाई जाती है। एलएलबी के अलावा भी ऐसे कई कोर्स हैं, जिसे लोग एडवोकेट बनने के लिए करते हैं, जो इस प्रकार है।

  • LLB
  • BA LLB
  • B.Sc LLB
  • B.com LLB
  • BBA LLB
  • BTech LLB

ऊपर हमने आपको जो डिग्री बताई है यह 5 साल की डिग्री होती है। हालांकि अगर आप एलएलबी का कोर्स करते हैं तो एलएलबी का कोर्स करने में आपको सिर्फ 3 साल का समय देना होता है।

4. इंटर्नशिप करें

जब आप एलएलबी की पढ़ाई 3 साल तक करके पूरी कर ले, तो उसके बाद आपको इंटर्नशिप के लिए अप्लाई करना होता है। इंटर्नशिप के अंदर आपको अदालतों में मुकदमे की सुनवाई किस प्रकार होती है, Advocate किस प्रकार बहस करते हैं, कानून की धारा क्या है इस प्रकार और इससे संबंधित अन्य जानकारी प्राप्त होती है।

5. स्टेट बार काउंसिल के लिए इनरोल करें

किसी भी बार काउंसिल में आपको अपने आपको इंटर्नशिप को पूरा करने के बाद इनरोल करवाना आवश्यक होता है। जब आप किसी भी बार काउंसिल में अपने आप को इनरोल करवाते हैं तो उसके बाद आपको ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन को पास करना पड़ता है। इस एग्जाम का आयोजन इंडिया की बार काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा एक निश्चित तिथि को करवाया जाता है।

जो उम्मीदवार इस एग्जाम में शामिल होता है और इस एग्जाम को पास कर लेता है, उसके बाद उसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ से एक प्रैक्टिस सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाता है और यही प्रैक्टिस सर्टिफिकेट मिलने के बाद उसके एडवोकेट, वकील, लॉयर या फिर अधिवक्ता बनने का सफर पूरा हो जाता है। इस सर्टिफिकेट को पाने के बाद व्यक्ति चाहे तो वकालत स्टार्ट कर सकता है और अगर वह आगे की पढ़ाई करना चाहता है तो फिर वह मास्टर इन लॉ की पढ़ाई के लिए विभिन्न कॉलेज में एडमिशन पाने की कोशिश कर सकता है।

एडवोकेट बनने के लिए कौशल – Skills to become Advocate

  • एडवोकेट बनने के लिए आपके अंदर भीड़ को फेस करने का जज्बा होना चाहिए, क्योंकि अदालत में कई लोगों के सामने आपको वकालत करनी होती है।
  • एडवोकेट बनने के लिए आपका आई क्यू लेवल भी अच्छा होना चाहिए, क्योंकि आप को अदालत में विभिन्न प्रकार के सबूत पेश करने होते हैं।
  • एडवोकेट बनने के लिए आपका स्वभाव तेज तर्रार होना चाहिए, ताकि आप बिना डरे अदालत में अपनी बात को लोगों के सामने और जज के सामने रख सकें।
  • एडवोकेट बनने के लिए आपको कानूनी प्रक्रिया के बारे में पता होना चाहिए ताकि आप पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिला सके।

एडवोकेट का वेतन – Salary of Advocate

देखिए Advocate की सैलरी इस बात पर आधारित होती है कि वह Private Advocate है या फिर Government Advocate है। जहां तक देखा जाए तो Private Advocate को किसी भी प्रकार की सैलरी प्राप्त नहीं होती है, उनकी जो भी कमाई होती है, वह किसी केस या फिर मामले में वकालत करके ही होती है। वही Government Advocate जो होते हैं उन्हें गवर्नमेंट की तरफ से अच्छी खासी तनख्वाह दी जाती है।

Private Advocate की कमाई की बात की जाए तो इनकी कमाई इस पर डिपेंड होती है कि यह महीने में कितने केस हैंडल करते हैं, वहीं अगर Government Advocate की सैलरी के बारे में बात की जाए तो Government Advocate को महीने की सैलरी के तौर पर तकरीबन ₹60,000 से लेकर ₹90,000 तक प्राप्त होते हैं और Private Advocate केस के वादी से अपनी फीस लेते हैं।

एडवोकेट बनने के लाभ – Benefits of Becoming Advocate

एडवोकेट बन कर आप अदालत में वकालत कर सकते हैं और अगर आप किसी भी प्रकार से Government Advocate बन जाते हैं तो आपको गवर्नमेंट की तरफ से काफी अच्छी सैलरी भी दी जा सकती है। इसके अलावा प्राइवेट एडवोकेट बनने पर आप अपने पास आने वाले कस्टमर को उसके केस की पैरवी करने के बदले में उससे पैसे ले सकते हैं और एडवोकेट के पद से रिटायर होने के बाद आप लोगों को कानूनी सलाह देकर भी पैसे कमा सकते हैं।

निष्कर्ष

आशा करते हैं कि आपको Advocate Details In Hindi की पूरी जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। अगर फिर भी आपके मन में Advocate Kaise Bane (How To Become Advocate In Hindi) और एडवोकेट कैसे बने? को लेकर कोई सवाल हो तो, आप बेझिझक Comment Section में Comment कर पूछ सकते हैं।

अगर यह जानकारी पसंद आया हो तो, जरूर इसे Share कर दीजिए ताकि Advocate Kya Hota Hai बारे में सबको जानकारी प्राप्त हो।

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advocateमैं इस ब्लॉग का संस्थापक और एक पेशेवर ब्लॉगर हूं। यहाँ पर मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी और मददगार जानकारी साझा करता हूं। ❤️

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