पाइल्स फिशर और फिस्टुला में अंतर क्या है? – Difference between Piles Fissure and Fistula in Hindi

आज हम जानेंगे पाइल्स फिशर और फिस्टुला में अंतर क्या है (What is difference between Piles Fissure and Fistula in Hindi), के बारे में पूरी जानकारी। इंसानों को गलत खान-पान के कारण या फिर अन्य किसी वजह से कभी ना कभी कोई ना कोई बीमारी हो ही जाती है, जिनमें कुछ बीमारी सामान्य होती है, तो कुछ बीमारियां काफी गंभीर होती है। बात कर अगर पाइल्स फिशर और फिस्टुला की तो यह भी काफी दर्द भरी बीमारी मानी जाती है।

इसमें व्यक्ति का उठना बैठना हराम हो जाता है और जो दर्द इसमें पैदा होता है, वह सहा नहीं जाता है। इसलिए पाइल्स फिशर और फिस्टुला क्या है? इसके बारे में पता होना चाहिए। ताकि इसके लक्षण जान करके इसका उचित इलाज समय पर किया जा सके। इस आर्टिकल में हम आपको पाइल्स फिशर और फिस्टुला में डिफरेंस बता रहे हैं। तो आज के लेख में हमसे जुड़े रहे और जाने पाइल्स फिशर और फिस्टुला से जुड़ी हुई सभी जानकारियां विस्तार से वो भी हिंदी में, इसलिए लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

पाइल्स फिशर क्या है? – What is Piles Fissure in Hindi?

Piles Fissure and Fistula me kya antar hai
पाइल्स फिशर और फिस्टुला में अंतर क्या है
पाइल्स फिशर और फिस्टुला में अंतर क्या है

जब किसी व्यक्ति को पाइल्स फिशर हो जाता है तो, उसे काफी दर्द होता है और सामान्य तौर पर यह गुदा के आसपास में अधिक होता है‌। गुदा के आसपास में या तो दरार बन जाती है या फिर किसी कट का निशान हो जाता है। जिसे पाइल्स फिशर कहा जाता है। जब आप बाथरूम करते हैं, तो आपका मल बड़े साइज में निकलता है, जिसके कारण आपको अत्याधिक दर्द का एहसास होता है, साथ ही कभी-कभी जब आप टॉयलेट करते हैं, तो आपके टॉयलेट में से खून भी निकलता है।

पाइल्स फिशर के लक्षण के बारे में बात करें तो अगर किसी व्यक्ति को टॉयलेट करने के दरमियान या फिर बाथरूम करने के दरमियान ज्यादा दर्द का एहसास होता है, साथ ही टॉयलेट के साथ खून भी निकलता है। इसके अलावा टॉयलेट पर गहरा लाल रंग दिखाई देता है या फिर गुदा के आसपास लगातार खुजली बनी हुई रहती है/ जलन होती है या फिर गुदा के पास की त्वचा पर गांठ बन जाती है तो यह इसके लक्षण माने जाते हैं।

किसी व्यक्ति को पाइल्स फिशर क्यों हो जाता है, अगर इसके बारे में चर्चा करें तो किसी व्यक्ति को अगर लगातार डायरिया की प्रॉब्लम है, तो उसे पाइल्स फिशर हो सकता है। इसके अलावा लगातार पेट में कब्ज रहने के कारण भी पाइल्स फिशर की प्रॉब्लम होती है, साथ ही मांसपेशियों के असामान्य तौर पर टाइट होने की वजह से भी यह समस्या होती है।

अगर आप यह चाहते हैं कि आपको पाइल्स फिशर ना हो, तो इसके लिए आपको कब्ज को मुख्य तौर पर
रोकने का प्रयास करना चाहिए और बता दे कि कब्ज को रोकने के लिए आपको अपने खाने में सुधार करना चाहिए। खाने के अंतर्गत आप को संतुलित भोजन ग्रहण करना चाहिए। संतुलित भोजन का मतलब होता है कि एक ऐसा भोजन जिसमें सभी पौष्टिक तत्वों की भरपूर मात्रा हो। संतुलित भोजन आपको फाइबर, फल और सब्जियों में से प्राप्त होता
है।

इसके अलावा दिन भर में आपको कम से कम 10 गिलास पानी भी अवश्य पीना चाहिए और अगर गर्मियों का मौसम है, तो आपको दिन भर में 15 गिलास पानी पीना चाहिए, साथ ही आपको रोजाना टाइम मिलने पर कसरत भी करनी चाहिए अथवा आप योगा भी कर सकते हैं। इसके अलावा आपको किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करना चाहिए ना ही अत्याधिक मात्रा में चाय का सेवन आपको करना चाहिए।

हम आपको यह भी बता दें कि पाइल्स फिशर से बचने के लिए जब कभी भी आपको टॉयलेट जाने की इच्छा हो तो आपको बिल्कुल भी देर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अगर आप टॉयलेट जाने में देरी करेंगे, तो ऐसा होने पर आपकी आंतो पर काफी प्रेशर आएगा, जिसकी वजह से आप का मल कड़क बन जाएगा और मल त्याग करने में आपको दर्द भी होगा। इसके अलावा आपको टॉयलेट करने के दरमियान ज्यादा देर तक टॉयलेट में नहीं बैठना है ना हीं ज्यादा प्रेशर लगाना है क्योंकि अगर आप ज्यादा प्रेशर लगाएंगे तो आपकी गुदा नलिका पर दबाव बढ़ेगा।

जिसकी वजह से आपको बवासीर होने की समस्या भी हो सकती है। पाइल्स फिशर से निजात पाने के लिए आपको ठीक मात्रा में फल, सब्जियों का सेवन करना है। साथ ही आपको ऐसे अनाज का सेवन करना है, जिससे फाइबर की भी अच्छी मात्रा प्राप्त हो और प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा उपलब्ध हो। इसके अलावा आपको दिन भर में 12 गिलास पानी पीना है। आप चाहे तो खाना पचाने वाले किसी टेबलेट या फिर चूर्ण का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि आपके पेट में गैस या फिर एसिडिटी ना बने।

ये भी पढ़े: शिया और सुन्नी मुसलमान में अंतर क्या है? – Difference between Shia and Sunni Musalmaan in Hindi

फिस्टुला क्या है? – What is Fistula in Hindi?

देखा जाए तो सामान्य तौर पर किसी भी इंसान की बॉडी में फिस्टुला तभी पैदा होता है, जब उसे बॉडी में कही पर चोट लग जाती है, या फिर कोई सर्जरी हुई होती है, अन्यथा बॉडी में कही पर इन्फेक्शन या सूजन होती है। फिस्टुला हमारी बॉडी के किसी भी पार्ट को नुकसान पहुंचा सकती है और यह एक प्रकार का अननेचुरल और अबनॉर्मल जोड़ होता है, जो बॉडी के दो पार्ट को जोड़ने का काम करता है। फिस्टुला को हिंदी भाषा में भगंदर कहा जाता है।

फिस्टुला होने के कारणों के बारे में बात करें तो यह कब्ज के कारण भी हो जाता है। इसके अलावा यह आंतों की सूजन के कारण भी पैदा होता है, साथ ही गुदा भाग के इलाके में किसी भी प्रकार के इंफेक्शन के कारण भी यह हो जाता है। इसके अलावा कोई घाव लग जाता है तो उसके कारण भी फिस्टुला होता है। कई लोगों को यह समस्या होती है परंतु इसकी पहचान ना हो पाने के कारण वह इसे नजरअंदाज करते रहते हैं। फिस्टुला के कुछ लक्षण होते हैं, जिनके बारे में जानना अति आवश्यक होता है।

अगर किसी व्यक्ति को अपने गुदाद्वार के आसपास दर्द का एहसास होता है या फिर वहां पर सूजन का एहसास होता है, तो यह इसके लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा यदि गुदा द्वार में से मवाद या खून निकलता है, या फिर व्यक्ति को बैठने में परेशानी होना, ठंड लगना, बुखार आना, लागतार थकान होना, सूजन और खुजली होना भी फिस्टुला के लक्षण है। इसकी ट्रीटमेंट करने के लिए फिस्ट्लोटोमी का सहारा लिया जाता है। इसके अलावा फिस्टुला को भर कर के भी इसकी ट्रीटमेंट होती है साथ ही रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी करके भी इसका इलाज किया जा सकता है।

इसके अलावा सेटन प्लेसमेंट भी इसका इलाज करने के लिए करवाया जा सकता है। फिस्टुला हो जाने पर ऐसी चीजों का ज्यादा सेवन करना चाहिए, जिसमें हाई क्वालिटी का फाइबर उपलब्ध हो, साथ ही दिन भर में 12 से 15 गिलास पानी पीना चाहिए। इसके अलावा तरल पदार्थ का भी अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए और पेट में कब्ज ना बने इसके लिए किसी आयुर्वेदिक चूर्ण या फिर टेबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए।

ये भी पढ़े: एसी और डीसी में अंतर क्या है? – Difference between Alternating Current and Direct Current in Hindi

पाइल्स फिशर और फिस्टुला में अंतर – Difference between Piles Fissure and Fistula

  1. पाइल्स फिशर और फिस्टुला में ज्यादा अंतर नहीं है, पाइल्स फिशर में भी व्यक्ति को गुदा द्वार के आसपास दर्द होता है और फिस्टुला में भी व्यक्ति को दर्द होता है
  2. दोनों के होने के पीछे सबसे बड़ा कारण पेट में कब्ज माना जाता है।
  3. पाइल्स फिशर में टॉयलेट करने के दरमियान दर्द होता है, साथ में खून भी निकलता है। वही फिस्टुला में गुदा
    में फोड़ा हो जाता है और दर्द भी होता है।

निष्कर्ष

आशा है आपको पाइल्स फिशर और फिस्टुला में अंतर क्या है के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में पाइल्स फिशर और फिस्टुला में अंतर क्या है (Difference between Piles Fissure and Fistula in Hindi) को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को पाइल्स फिशर और फिस्टुला में अंतर क्या है के बारे में जानकारी मिल सके।

आपको हमारा यह लेख कैसा लगा?

यह टीम लेख की गुणवत्ता की जांच करके आप तक नई जानकारी पहुंचाने का काम करती है।

Leave a Comment