TRP(Television Rating Point) क्या होता है? T.V में टीआरपी रेटिंग कैसे तय होती है? TRP Full Form in Hindi से जुडी़ सभी जानकारियां

TV TRP क्या है?(trp in hindi) या Television Rating Point क्या है? TRP Mean kya hota hai? TRP ka Full Form kya hai? इसके बारे में मैंने यहाँ पर विस्तार से बताया है.  हम सभी ने अक्सर टीआरपी का नाम सुना ही होगा। हम खुद भी बोलते नजर आते होंगे कि इस शो की टीआरपी बहुत high है या इस वाले शो की TRP Rate बहुत down है या यह शो तो, इस हफ्ते बहुत बडा़ हिट रहा है। मगर ये टीआरपी क्या है और यह शो की सफलता के लिये इतनी जरूरी क्यों है? तो आईये हमारी इस पोस्ट में आपको trp in hindi और टीआरपी से जुडी़ सभी जानकारियां के बारे बताते है।

रियेलिटी शो से लेकर फिक्शन्ड शो तक अथवा न्यूज चैनल से लेकर खेल संबंधी चैनल्स तक सभी टी.आर.पी. पर ही निरकभर करते हैं। आपने Reality Show Bigg Boss 13 में होस्ट सलमान खान को बार बार यह कहते हुये सुना होगा कि शो की टीआरपी सबसे high चल रही है| या 15 हफ्तों से शो नंबर 1 पर चल रहा है अर्थात् Colors Channel का वह शो बहुत बडा़ हिट रहा है। शो या चैनल के Hit साबित होने के पीछे टीआरपी की क्या भूमिका होती है? वैसे बहुत से लोगों ने TRP का नाम तो सुना है मगर उनमें से बहुत कम लोग TRP क्या है जानते होंगे। trp in hindi

TRP क्या है? (What is Trp in Hindi)

TV TRP क्या है या Television Rating Point क्या है? TRP Mean kya hota hai? TRP ka Full Form kya hai?
TRP क्या है? टीआरपी से जुडी़ सभी जानकारियां

TRP ka full form Television Rating Point होती है। अर्थात् टेलीविजन पर आने वाले चैनल्स की एक अंक गणना जिसकी वजह से उनकी रैंकिंग का निर्धारण होता है। इस Rating Point द्वारा ही Television के किसी भी सीरियल या शो को सफल या असफल किया जाना या फिर दर्शकों को क्या चीज अधिक पसंद आ रही है इन सबका निर्धारण किया जाता है।

मगर सवाल यह भी है कि यह कैसे पता चलता है कि किसकी TRP अधिक है या T.V पर दर्शकों द्वारा क्या अधिक देखा जा रहा है। चैनल्स की रैंटिग का आकलन करने के लिये बडे़ शहरों में एक विशेष डिवाइस या युक्ति खो कुज खास स्थानों पर फिट कर दिया जाता है, इस डिवाइस को People Meter कहा जाता है। ये विशेष किस्म की डिवाइस या tool है जो सभी घरों में नहीं लगायी जाती है।

भारत में RAM और TAM द्वारा शो की सफलता का निर्धारण किया जाता है। जिसमें से RAM (Radio Audience Measurement in India) द्वारा Radio के कार्यक्रमों की rating point द्वारा निर्धारित की जाती है। मगर हम यहां बात कर रहे है टेलीविजन की टीआरपी की तो भारत में TAM (Television Audience Measurement in India) ऐजेंसी television के चैनलों की टीआरपी का अनुमान लगाने का कार्य करती है। TAM का कार्य उस डिवाइस अथवा People Meter की frequency के द्वारा यह पता लगाती है किस चैनल को दर्शकों द्वारा Television पर अधिक देखा गया है और किसको उतना ही कम देखा गया है। कम टीआरपी वाले चैनल्स और उनके शॉज़ असफल होने के कारण काफी नुकसान में चले जाते हैं। अब आप  TRP क्या है(trp in hindi) समझ गए होंगे, अगर कोए पूछे TRP क्या है और यह कैसे काम करता है तो उसे यह आर्टिकल TRP क्या है दिखा दे 

अतः सामान्य सी बात है कि केवल टीआरपी पर ही निर्भर करेगा कि किस शो की लोकप्रियता अधिक और किस शो को दर्शकों द्वारा ना पसंद किया जा रहा है। जिस चैनल को लगातार बिना बदले अधिक देखा जाता है उसकी टीआरपी उतनी ही अधिक आती है अब आप समझ गए होंगे TRP(Television Rating Point) क्या है

Trp Ka Full Form in Hindi

TRP Ka full form ‘Television Rating Point’ (टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट) होती है

TV Channel की TRP Rating कैसे चेक की जाती है?

Indian Television Measurement Agency द्वारा एक विशेष युक्ति (Special device) को कुछ चयनित स्थानों में लोगों के घरों के पास लगा दिया जाता है। जिससे Television से निकलने वाली frequency को उस गैजेट से जांच कर यह पता लगाती है कि कौनसा चैनल सबसे अधिक देखा जाता है।

ऐजेंसी इसी प्रकार प्रत्येक चैनल की frequency का पता और विवरण कर शो की रैंकिंग का पता लगाती है। जिसके बाद चैनल की रैंकिंग लिस्ट को तैयार कर पूरे देश के Top Channels Or Shows का अनुमान लगाती है। ऐजेंसी द्वारा इस्तेमाल किये गये उस विशेष Tool को People Meter कहा जाता है| trp in hindi

How Trp is Calculated in Hindi और TRP in Hindi

TRP को Calculated/मापने वाली यह इकाई अथवा टूल डिवाइस People Meter कहलाती है। जिसकी मदद से विशेष स्थान पर लगी इस डिवाइस द्वारा 20 मीटर की area में टी.वी. देखने वाले लोगों को observe किया जाता है| ऐजेंसी द्वारा लगाये गये इस मीटर को प्राप्त होने वाली frequency को हर मिनट TAM की Monitoring team के जरिये TAM agency तक भेजा जाता है। इस प्राप्त जानकारी के आधार पर टी.आर.पी. का निर्धारण किया जाता है।

TRP का यह ब्यौरा साप्ताहिक या मासिक रूप से तैयार किया जाता है अर्थात् Television Rating List भी साप्ताहिक अथवा मासिक हो सकती है। वर्तमान में Indian Television Audience Measurement(INTAM) ही एकमात्र ऐसी ऐजेंसी है जो टीआरपी का आकलन करती है। आपने टीवी पर अक्सर आने वाले उस विज्ञापन को तो देखा ही होगा जिसमें कुछ अभिनेत्रियों द्वारा आप सभी को यह बताया गया कि आप सभी Setup Box को अपने टेलीविजन के साथ जरूर से जोड़ लेवें अन्यथा आप सभी के टीवी का कनेक्शन काट दिया जायेगा। मगर आपमें से बहुत कम को पता होगा कि वास्तव में उस setup box की क्या भूमिका होती है? सेट अप बॉक्स में लगी एक चिप को मिलने वाली frequency के विवरण से ही घरों में चल रहे television की Rating Point अथवा TRP in hindi निर्धारित होती है। इसीलिये आपसे सेट अप बॉक्स को सभी घरों में निर्धारित समय तक जरूर से लगाने को लेकर बार-बार चेताया जा रहा था।

TRP से TV Channel की कमाई कैसे होती है

क्या टीआरपी केवल चैनल्स की लोकप्रियता को बताने के लिये ही होती है? नहीं ऐसा सोचना गलत है। टीआरपी से टीवी चैनल्स को Income भी होती है। आप सभी ने TV पर Program के बीच में 1-2 मिनट का Ads आते देखा होगा। ये Ads ही चैनल्स की कमाई का जरिया होता है। विज्ञापन दाता चैनल्स की TRP के आधार पर ही अपनी कंपनी के प्रोडक्ट्स और उससे जुडी़ सेवाओं का प्रमोशन करने के लिये  चैनल्स से approach करते हैं, जिसके बाद चैनल्स द्वारा उन कंपनियों या ब्रांड्स के विज्ञापनों को दर्शकों को दिखाया जाता है, जिसके बदले में चैनल्स करोडो़ं रूपये लेता है।

अब यह पता लगाना स्वभाविक होता है कि बहुत से चैनलों में से किस चैनल पर अपने उत्पाद का विज्ञापन दिखाने से अधिक प्रमोशन होगा। इसके लिये चैनल्स की TRP ही काम आती है। जिस चैनल की टीआरपी सबसे बेहतरीन होगी कंपनी अपने उत्पाद का प्रमोशन उसी चैनल पर करेगी। अर्थात् उस चैनल को दर्शकों द्वारा अधिक देखा जाता है जिससे उस विज्ञापनों को भी दर्शकों द्वारा खूब देखा जायेगा। टेलीविजन पर बहुत से टीवी चैनल्स की कमाई का मजबूत स्रोत विज्ञापन ही होता है। trp in hindi

जैसे : Star Plus, Zee Tv, Colors, Sub Tv, Ndtv, India Tv, Mtv इत्यादि…

पिछले दशकों में दिखायी देने जाने वाले विज्ञापनों की समय सीमा 2 मिनट से अधिक हुआ करती थी, भारत में भी विज्ञापनों की समयसीमा बहुत अधिक हुआ करती थी। जिस तरह से दर्शकों द्वारा चैनल्स को हटा दिया जाता था इससे उत्पाद का पूर्ण प्रमोशन रूक जाने से बाजार दर्शन(Market philosophy) में कमी आ जाती थी। अमेरीका में टेलीविजन पर शुरूआती दौर में 2 मिनट से अधिक दिखाये जाने विज्ञापन का प्रारूप बदलकर उनकी समयसीमा 1 से 1.5 मिनट कर दी गयी थी। इसका परिणाम यह रहा कि विज्ञापनों से बाजार दर्शन और बिक्री में बढो़तरी हुयी। जिसके बाद बाकि कंपनियों ने भी इस पहल को शुरू किया और विज्ञापनों की समय सीमा 1 मिनट से डेढ़ मिनट निर्धारित कर दी गयी। जिसके अधिक से अधिक लोगों द्वारा विज्ञापन देखे जा सके।trp in hindi

TV Channel की TRP से पड़ने वाला प्रभाव

टीवी चैनल की trp in hindi कम ज्यादा होने से सीधे उसकी इनकम पर प्रभाव पड़ता है। इस चीज को हम “द कपिल शर्मा शो” से देख सकते हैं। यदि द कपिल शर्मा शो की TRP rating एक हफ्ते की 4.5 होती है,तो कभी 4 से कम होती रहती है। जिसका असर चैनल पर भी पड़ता है। कभी-कभी एक शो की टीआरपी अच्छी होने से दर्शकों तक उस चैनल की लोकप्रियता बढ़ जाती है।

इससे यदि उस चैनल की Television Rating Point अच्छी हो जाती है। तो विज्ञापन दाता द्वारा चैनल को अधिक विज्ञापन दिये जायेंगे। जिससे अच्छी रकम का भी भुगतान किया जा सकेगा। मगर यदि चैनल की टीआरपी अच्छी नहीं है तो, या तो कंपनी द्वारा उसे विज्ञापन नहीं दिये जाते है या फिर कम बजट के विज्ञापन दाता द्वारा उस चैनल पर प्रमोशन कराया जायेगा, जिससे इनकम इतनी अधिक नहीं होती है। कम trp in hindi वाले चैनल्स पर दिखाये जाने वाले प्रोग्राम्स दर्शकों द्वारा नहीं देखे जाते जिससे चैनल असफलता की ओर चला जाता है जिससे उसे भारी नुकसान होता है।

निष्कर्ष

हमारी इस पोस्ट TRP क्या है(trp in hindi)? Trp ka Full Form और trp rating से जुडी़ सभी जानकारियां को पढ़कर आपको पता लगा होगा कि आम जीवन में देखे जाने वाले टेलीविजन और टेलीविजन के चैनल व प्रोग्राम्स की लोकप्रियता का निर्धारण किस प्रकार होतख है। उम्मीद है आपको trp in hindi के विषय में यह पोस्ट को पढ़कर संतुष्टि हुयी होगी। अगर अभी भी आपके मन में TV TRP क्या है?(trp in hindi) या टीआरपी के विषय से जुडे़ सवाल comment box में सवाल लिखकर पूछ सकते है।

3 thoughts on “TRP(Television Rating Point) क्या होता है? T.V में टीआरपी रेटिंग कैसे तय होती है? TRP Full Form in Hindi से जुडी़ सभी जानकारियां”

  1. भाई मैंने आपका पूरा आर्टिकल पड़ा एकदम मस्त आर्टिकल लिखा है आपसे । उम्मीद करते हैं आप ऐसे ही बेहतरीन आर्टिकल लिखते रहेंगे।

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