पोस्टमार्टम क्या होता है? पोस्टमार्टम कैसे होता है? जानिए पोस्टमार्टम क्यों करते है से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे पोस्टमार्टम कैसे होता है पूरी जानकारी (How Postmortem done in Hindi) के बारे में क्योंकि आपने अक्सर फिल्मों में या फिर अखबारों में यह देखा होगा कि किसी हाई प्रोफाइल केस के मामले में जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो पुलिस के द्वारा उसकी लाश का पोस्टमार्टम किया जाता है अथवा कभी-कभी गवर्नमेंट के आदेश पर भी लाश का पोस्टमार्टम किया जाता है। पोस्टमार्टम में यह रिपोर्ट निकल कर के सामने आती है कि आखिर जिस व्यक्ति की मौत हुई है उसकी मौत का कारण क्या है या फिर किस वजह से उस व्यक्ति की मृत्यु हुई है।

बता दे कि, पोस्टमार्टम एक प्रकार की सर्जिकल प्रोसेस होती है जिसमें मरी हुई लाश को चीर करके उसकी काफी बारीकी से चैकिंग की जाती है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Postmortem Kaise Hota Hai, पोस्टमार्टम क्यों करते है, Postmortem In Hindi, Postmortem Kya Hota Hai, पोस्टमार्टम करने का तरीका, Postmortem Kaise Kiya Jata Hai, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

पोस्टमार्टम क्या है? – What is Post Mortem Explain in Hindi

Postmortem Kaise Hota Hai
Postmortem Kaise Hota Hai

किसी व्यक्ति की मौत किन कारणों से हुई है अथवा उसकी मृत्यु का कारण क्या है, इस बात की इंफॉर्मेशन हासिल करने के लिए अनुभवी डॉक्टर की टीम के द्वारा व्यक्ति की लाश का पोस्टमार्टम किया जाता है। आपकी इंफॉर्मेशन के लिए बता दें कि, यह एक सर्जिकल प्रोसेस होती है और इस प्रोसेस में मरे हुए व्यक्ति की लाश को साधनों की सहायता से चीरा अथवा काटा जाता है और फिर अत्याधुनिक मशीनों के द्वारा उसकी पूरी बॉडी की स्कैनिंग और चेकिंग की जाती है। पोस्टमार्टम को अन्य नाम के तहत ऑटोप्सी और शवपरीक्षा भी कहा जाता है।

डॉक्टर अपने मन से ही किसी भी मरे हुए व्यक्ति की लाश का पोस्टमार्टम नहीं कर सकते हैं बल्कि किसी भी मरे हुए व्यक्ति की लाश का पोस्टमार्टम करने के लिए मरे हुए व्यक्ति की फैमिली वालों की परमिशन जरूरी होती है। सामान्य तौर पर देखा जाए तो मरे हुए व्यक्ति की लाश का पोस्टमार्टम 7 से लेकर 8 घंटे के अंदर हो जाना चाहिए क्योंकि जब इंसान की मृत्यु हो जाती है तो मृत्यु के बाद उसकी बॉडी में नेचुरल तौर पर बहुत सारे चेंज होते हैं। अगर किसी व्यक्ति की लाश का पोस्टमार्टम देरी से होता है तो आने वाले रिजल्ट में बदलाव भी हो सकते हैं।

इसके अलावा अगर पोस्टमार्टम काफी देर से किया जाता है, तो व्यक्ति की मौत कौन से कारणों से हुई है इसका पता लगाने में भी समस्या उत्पन्न हो सकती है। मरे हुए व्यक्ति की फैमिली के अलावा कभी-कभी कोर्ट के आदेश पर भी किसी व्यक्ति की लाश का पोस्टमार्टम किया जाता है।

पोस्टमार्टम क्यों करते है? – Why Postmortem is done?

जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे भारत देश में हर साल लाखों करोड़ों लोगों की मृत्यु होती है और इनमें से कई लोगों की मृत्यु सामान्य तौर पर होती है। ऐसे में उनके परिवार वाले उनकी लाश का पोस्टमार्टम नहीं करवाते हैं परंतु जब किसी व्यक्ति की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हो जाती है, तो उसके परिवार वाले उसकी मौत का कारण पता लगाने के लिए उसकी लाश का पोस्टमार्टम करवाते हैं, ताकि उन्हें यह जानकारी प्राप्त हो सके कि आखिर व्यक्ति की मृत्यु कैसे हुई है।

पोस्टमार्टम कैसे होता है? – How Postmortem done in Hindi

नीचे हम आपको चरणबद्ध तरीके से पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

  1. पोस्टमार्टम करने के लिए सबसे पहले लास को फ्रीजर से बाहर निकाला जाता है और उसे एक सेपरेट पोस्टमार्टम रूम में लेकर जाया जाता है। यह काम वार्ड बॉय करते हैं।
  2. इसके बाद पोस्टमार्टम रूम में मौजूद डॉक्टर अपने स्टाफ और पोस्टमार्टम करने के लिए जरूरी साधनों के साथ पोस्टमार्टम रूम में आते हैं।
  3. इसके बाद सबसे पहले डॉक्टर के द्वारा लास के बाहरी बॉडी की चेकिंग की जाती है।
  4. बाहरी बॉडी की चेकिंग करने के बाद डॉक्टर के द्वारा लास के बॉडी की अंदर की चेकिंग की जाती है। इसके लिए पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर लाश को ऊपर से चिरना चालू करते हैं और उसे पेट तक चीर देते हैं।
  5. इसके बाद डॉक्टरो के द्वारा मशीनों की सहायता से लास की पूरी तरह से सही ढंग से चेकिंग की जाती है जिसे करने में तकरीबन 3 से 4 घंटे भी लग सकते हैं।
  6. लास की बॉडी के अंदर की चेकिंग करने के लिए डॉक्टर बॉडी में मौजूद अंगों को काटकर के बाहर भी निकाल लेते हैं। जब पोस्टमार्टम की प्रोसेस पूरी हो जाती है तो डॉक्टर सभी अंगों को वापस से बॉडी में उनके यथा स्थान पर रख देते हैं और फिर लाश को सील देते हैं।
  7. इसके बाद फिर से लाश को फ्रीजर में डाल दिया जाता है।
  8. इसके बाद लाश के परिवारजन लाश को ले सकते हैं और उसका अंतिम संस्कार कर सकते हैं।

पोस्टमार्टम किस टाइम किया जाता है? – What is the time of Postmortem?

आपकी इंफॉर्मेशन के लिए बता दें कि, पोस्टमार्टम की क्रिया दिन में ही की जाती हैं। रात में कभी भी पोस्टमार्टम नहीं किया जाता है। हालांकि इंडिया के ग्रामीण इलाकों में रात में भी पोस्टमार्टम करने की मांग उठ रही है क्योंकि जब ग्रामीण इलाकों में किसी व्यक्ति की मौत शाम के टाइम हो जाती है तो रात में पोस्टमार्टम ना होने के कारण व्यक्ति की मौत कौन से कारणों से हुई है इसका सटीक पता लगाने में समस्या उत्पन्न हो जाती है।

रात में पोस्टमार्टम इसलिए भी नहीं किया जाता है क्योंकि बिजली की रोशनी में अगर पोस्टमार्टम किया जाता है तो व्यक्ति की बॉडी के खून का कलर लाल की जगह बैगनी दिखाई देने लगता है। इसके अलावा अगर व्यक्ति की बॉडी में कहीं पर चोट लगी है तो उसका कलर भी चेंज हो जाता है।

पोस्टमार्टम कौन करता है? – Who does the Postmortem

पोस्टमार्टम करने वाले लोगों की टीम में एक्सपर्ट डॉक्टर शामिल होते हैं। इनमें से अधिकतर डॉक्टर फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट होते हैं। इसके अलावा पोस्टमार्टम करने में डॉक्टरों की सहायता करने के लिए वार्ड बॉय भी होता है। अगर किसी व्यक्ति की हत्या की गई है तो ऐसी अवस्था में डॉक्टर पूरी बॉडी का पोस्टमार्टम करते हैं और अगर किसी व्यक्ति को किसी विशेष स्थान पर किसी जीव जंतु ने काटा है तो डॉक्टर सिर्फ उसी जगह का पोस्टमार्टम करते हैं।

कोई व्यक्ति डॉक्टर बनने के तकरीबन 5 साल के बाद ही पोस्टमार्टम करने के लिए एलिजिबल होता है और गवर्नमेंट के अनुसार 50 या फिर 55 साल तक की उम्र के ही डॉक्टर पोस्टमार्टम कर सकते हैं। इससे ज्यादा के उम्र के डॉक्टर पोस्टमार्टम नहीं कर सकते है।

पोस्टमार्टम कौन से मामलों में होता है?

क्रिमिनल केस में पोस्टमार्टम की इंपॉर्टेंस बहुत ही ज्यादा होती है क्योंकि पोस्टमार्टम होने पर ही पुलिस और लास के परिवार वालों को इस बात की इंफॉर्मेशन हासिल होती है कि आखिर उस व्यक्ति की मृत्यु कैसे हुई। जैसे कि किसी ने व्यक्ति को जहर दिया है या फिर किसी भी प्रकार की उसके साथ मारपीट की गई है। जिसके कारण उसकी मौत हुई है या फिर उसकी मौत दम घुटने से हुई है अथवा किसी ने उसकी हत्या की है इत्यादि। कई बार अदालत में सबूत के तौर पर भी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को पेश किया जाता है।

पोस्टमार्टम की टाइम लिमिट क्या है? – Postmortem time rules in India

सामान्य तौर पर पोस्टमार्टम करने की टाइम लिमिट 6 घंटे से लेकर के 10 घंटे तक की होती है क्योंकि जब इंसान की मौत हो जाती है तो उसके बाद से ही उसकी बॉडी में नेचुरल तौर पर तरह-तरह के बदलाव होने स्टार्ट हो जाते हैं। इसीलिए जल्द से जल्द डॉक्टर के द्वारा लाश का पोस्टमार्टम किया जाता है। हालांकि कई बार पोस्टमार्टम में देरी भी हो जाती है। ऐसी अवस्था में डॉक्टर को लाश का पोस्टमार्टम करने में काफी टाइम लग जाता है। पोस्टमार्टम करने में जितना ज्यादा देरी होती है लाश की मौत का कारण पता लगाने में उतना ही समस्या डॉक्टरों को पैदा होती है।

पोस्टमार्टम में क्या प्रॉब्लम है? – What’s wrong with the post-mortem?

पोस्टमार्टम की सबसे बड़ी समस्या खुद बॉडी ही होती है क्योंकि कई बार डॉक्टरों को ऐसी लाश का पोस्टमार्टम करने के लिए दिया जाता है जिसकी मौत काफी पहले हो चुकी होती है। कई बार तो डॉक्टरों को दो-तीन साल पुरानी बॉडी की लाश का पोस्टमार्टम करने के लिए दिया जाता है। ऐसे में पोस्टमार्टम करके सही रिजल्ट प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा कभी-कभी सड़े गले शव का पोस्टमार्टम भी डॉक्टर को करना पड़ता है।

ऐसी अवस्था में कभी-कभी डॉक्टरों को उल्टी भी हो जाती है। कभी-कभी तो डॉक्टरों के पास ऐसी लास पोस्टमार्टम करने के लिए आती है जिसकी बॉडी पर कीड़े मकोड़े चल रहे होते हैं अथवा उसका शव पूरी तरह से गल गया होता है। ऐसी अवस्था में मजबूत ह्रदय के डॉक्टर ही लाश का पोस्टमार्टम कर पाते हैं।

पोस्टमॉर्टम कैसे किया जाता है से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

Q1: पोस्टमार्टम कितने चरणों में होता है?

Ans: लाश का पोस्टमार्टम टोटल 2 चरणों में होता है जिसमें सबसे पहले चरण में लास के बाहरी हिस्सों की अच्छी तरह से चेकिंग की जाती है और उसके बाद लाश को चिरफाड करके उसकी बॉडी में मौजूद अंगों की अच्छी तरह से चैकिंग की जाती है। कई बार अंगों की चेकिंग करने के लिए डॉक्टर के द्वारा लास के किसी विशेष अंग को काट भी लिया जाता है और बाहर निकाल करके उसकी चेकिंग की जाती है और फिर उसे फिर से लास में रख दिया जाता है।

Q2: पोस्टमार्टम होने के बाद क्या होता है?

Ans: पोस्टमार्टम होने के बाद डॉक्टर के द्वारा लाश को फिर से सिल दिया जाता है और उसके कुछ दिनों के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की जाती है जिसे डॉक्टर लास के परिजनों के अलावा पुलिस को भी देते हैं।

Q3: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या होता है?

Ans: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में व्यक्ति की मौत कौन से कारणों से हुई है इसकी जानकारी होती है। इसके अलावा भी अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होती है।

निष्कर्ष

आशा है आपको Postmortem Details In Hindi के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में Postmortem Kaise Hota Hai (How Postmortem done In Hindi) और पोस्टमार्टम कैसे होता है? को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को Postmortem Kya Hota Hai के बारे में जानकारी मिल सके।

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