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कपालभाति क्या है? कपालभाति प्राणायाम कैसे करे? जानिए कपालभाति के प्रकार, फायदे और नुकसान की पूरी जानकारी हिन्दी मे

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आज हम जानेंगे कपालभाति प्राणायाम कैसे करे की पूरी जानकारी (kapalbhati kaise kare) के बारे में क्योंकि आपने कई लोगों के मुंह से यह सुना होगा कि भैया हमसे योगा ना हो पाएगा, क्योंकि शायद उन्हें योगा करने के फायदे पता ही नहीं होते हैं। अगर उन्हें योगा करने के फायदे पता होते तो वह यह अवश्य कहते कि हम एक ना एक बार अवश्य योगा ट्राई करेंगे। योगा के अंदर जितने भी आसान है उनमें से कुछ आसान ऐसे हैं जो करने में बहुत ही सरल है तो कुछ आसन ऐसे हैं जो करने में बहुत ही हार्ड है।

इसलिए जो लोग यह सोचते हैं कि उनसे योगा नहीं हो पाएगा, उन्हें योगासन में मौजूद सरल आसनों को करना चाहिए और जब वह सरल आसनों को सीख जाए तब धीरे-धीरे उन्हें कठिन आसनों की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। बात करें अगर कपालभाति की तो यह योगासन में आने वाला एक बहुत ही इफेक्टिव योगा है जिसमें आपके दिमाग को अनंत शांति मिलती है। आज के इस लेख में जानेंगे कि kapalbhati kaise kare, Kapalbhati in Hindi, कपालभाति प्राणायाम कैसे करे, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

कपालभाति क्या है? – What is Kapalbhati in Hindi

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कपालभाति प्राणायाम कैसे करें
Kapalbhati Kaise Kare

बता दे कि कपालभाति का पूरा नाम कपालभाति प्राणायाम है। इस प्रकार के प्राणायाम के अंदर आपको एक जगह पर बैठ कर के अपनी सांसो को तेजी से अंदर बाहर छोड़ना होता है। देखने में तो यह आसन बहुत ही आसान है परंतु इसके फायदे बहुत ही बढ़िया है।योग शास्त्रो में यह कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी बॉडी को अंदर से साफ करना चाहता है, तो उसके लिए कपालभाति प्राणायाम सबसे बेस्ट प्राणायाम साबित हो सकता है।

इसके अलावा इसका वर्णन यह भी है कि इसे करने पर इंसानों की बॉडी के अंदर जितने भी अंग हैं, वह अपना वर्क बढ़िया तरीके से करने लगते हैं, साथ ही साथ खून की अशुद्धि का सामना जो लोग करते हैं, उन्हें भी इसके जरिए फायदा होता है। रोजाना ऐसे लोगों को कपालभाति प्राणायाम अवश्य करना चाहिए, जो लोग अत्याधिक टेंशन में रहते हैं और जिनका दिमाग गरम रहता है। यह प्राणायाम उनके दिमाग को टेंशन फ्री करता है, साथ ही उनके चेहरे के तेज को भी बढ़ाने का काम करता है।

कपालभाति प्राणायाम के प्रकार – Types of Kapalbhati in Hindi

इसके टोटल 3 प्रकार है जिसकी इंफॉर्मेशन नीचे बताए अनुसार है।

1. वातक्रम कपालभाति : इसमें सीधा एक जगह बैठ कर के एक नाक के छेद पर उंगली रखनी होती है और दूसरी नाक के छिद्र से सांस लेनी होती है।

2. व्युत्क्रम कपालभाति : इस प्रकार के कपालभाती में एक जगह बैठ कर के हल्के गर्म पानी को व्यक्ति अपने नाक से खींचता है और फिर उसे अपने मुंह के द्वार से बाहर निकाल देता है।

3. शीतकर्म कपालभाति : इसमें पानी मुंह में ले कर के उसे नाक से बाहर निकाल देता है।

कपालभाती प्राणायाम के फायदे – Benefits of Kapalbhati in Hindi

नीचे कपालभाति के एडवांटेज अथवा Kapalbhati के बेनिफिट आपको बताए जा रहे हैं।

1. ब्लड सरकुलेशन अच्छा करे कपालभाति

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि जब कपालभाति प्राणायाम किया जाता है, तो इसमें काफी तेजी के साथ सांस को अंदर बाहर किया जाता है। इससे हमारी बॉडी में जो ब्लड सरकुलेशन धीमा पड़ गया होता है, उसमें तेजी आती है और यही वजह है कि कई प्रकार की प्रॉब्लम से हमारी बॉडी की रक्षा होती है।

2. लाइफ हेल्दी बनाता है कपालभाति

कपालभाति के अंदर लंबी सांस ली जाती है और फिर उसे धीरे-धीरे छोड़ा जाता है। इसकी वजह से हमारी लाइफ स्टाइल अच्छी बनी रहती है।

3. जहरीले तत्व बाहर निकाले कपालभाति

अनियमित खान-पान के कारण और नशा करने के कारण हमारी बॉडी में कुछ विषैले तत्व भी इकट्ठा हो जाते हैं, जिन्हें समय रहते दूर करना आवश्यक होता है। बता दे कि कपालभाति बॉडी में से जहरीले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। इसके साथ ही साथ यह फेफड़े और स्वसन तंत्र के लिए भी बढ़िया माना जाता है, साथ ही खून की जो अशुद्धियां है, यह उसे भी बाहर निकाल सकता है।

4. डायबिटीज में फायदेमंद है कपालभाति

हालांकि इसके ऊपर अभी और भी रिसर्च होनी बाकी है परंतु कुछ एक्सपर्ट के अनुसार यह कहा गया है कि डायबिटीज यानी कि मधुमेह की प्रॉब्लम जिन लोगों को है उन्हें Kapalbhati करने से कुछ फायदे हो सकते हैं।

ये भी पढ़ें : वजन कम कैसे करें?

5. वजन कम करें कपालभाति

इंडिया में हर 100 में से 10 लोग बढ़ते हुए मोटापे से परेशान हैं जिसे खत्म करने के लिए वह न जाने कितने पैसे जिम में और सप्लीमेंट में फूंक चुके हैं परंतु फिर भी उन्हें फायदा नहीं हुआ है। ऐसे लोगों को एक बार कपालभाति प्राणायाम पर भी अपना विश्वास अवश्य जताना चाहिए। यह वजन कम करने में सहायक साबित हो सकता है। हालांकि इसके साथ ही साथ आपको अपने खान-पान का भी ध्यान रखना होगा।

6. पेट की प्रॉब्लम दूर करे कपालभाति

जीभ के स्वाद के कारण अधिकतर लोग तेल मसाले वाली चीजें खाना पसंद करते हैं परंतु वह यह नहीं जानते हैं कि यह चीजें पेट में जाने के बाद गैस, एसिडिटी और कब्ज की प्रॉब्लम पैदा करती है। ऐसे में कपालभाति करने के साथ ही साथ अगर उचित ट्रीटमेंट ली जाती है, तो इन समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

7. अस्थमा में फायदेमंद है कपालभाति

वर्तमान के समय में प्रदूषण काफी बढ़ जाने के कारण तथा मौसम की खराबी के कारण कई लोगों को दमा या फिर अस्थमा जैसी प्रॉब्लम हो जाती है। जिन लोगों को भी यह प्रॉब्लम है उन्हें Kapalbhati करना आज से ही चालू कर देना चाहिए। कपालभाति करने से अस्थमा और दमा की प्रॉब्लम में राहत की प्राप्ति होती है।

8. दिमाग को बेहतर बनाए कपालभाति

क्या आप जानते हैं कि Kapalbhati मुख्य तौर पर टेंशन से निजात पाने के लिए ही किया जाता है। इसलिए जिन लोगों को ज्यादा टेंशन होती है वह अपने दिमाग को शांत करने के लिए और मेंटल शांति पाने के लिए कपालभाति कर सकते हैं। इसे करने पर उनकी एकाग्रता बढ़ती है, साथ ही उनके दिमाग की शक्ति में भी बढ़ोतरी होती है।

ये भी पढ़ें : योग क्या है? योग के प्रकार, नियम, फायदे, इतिहास और नुकसान क्या है?

9. चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए Kapalbhati

खून की अशुद्धि के कारण तथा अन्य गलतियों के कारण हमारे चेहरे से ब्राइटनेस चली जाती है। इसे वापस लाने के लिए कपालभाति करना अच्छा माना जा सकता है। यह वापस से हमारे चेहरे पर खोई हुई चमक लाने का काम करता है, जिससे हमारे चेहरे पर ब्राइटनेस बढती है और हमारे चेहरे पर तपस्वी साधु वाला तेज आ जाता है।

कपालभाति प्राणायाम के नुकसान – Side Effects of Kapalbhati in Hindi

नीचे आपको कपालभाति के साइड इफेक्ट अथवा डिसएडवांटेज बताए गए हैं।

1. रीड की हड्डी में दर्द

कपालभाति प्राणायाम करने के दरमियान आपको लगातार अपने रीढ़ की हड्डी को सीधा करके रखना पड़ता है। यही वजह है कि कई लोगों को रीढ़ की हड्डी में दर्द की अनुभूति होती है।

2. पेट में गैस बनना

कई लोगों को एक ही जगह पर लगातार बैठे रहने के कारण पेट में गैस बनने की समस्या भी होती है। Kapalbhati के दरमियान भी आपको एक ही जगह पर बैठे रहना पड़ता है। ऐसे में आपको पेट में गैस की समस्या हो सकती है।

कपालभाति प्राणायाम कैसे करें? – How to do Kapalbhati Pranayama in Hindi

हम यहां पर आपको सामान्य तौर पर जो कपालभाति प्राणायाम किया जाता है उसे करने की विधि बता रहे हैं, क्योंकि अधिकतर लोग इसी प्रकार के Kapalbhati प्राणायाम को करते हैं।

1. कपालभाति प्राणायाम चालू करने के लिए सबसे पहले सुबह जल्दी से उठ जाएं और किसी ऐसी जगह पर चले जाए जहां पर समतल सत्तह हो। अब उसके ऊपर आप चटाई या फिर कोई भी दरी बिछा दें और उसके ऊपर वज्रासन में बैठ जाएं।

2. अब आपको अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रख लेना है और आपके मन में जो भी उधेड़बुन चल रही है उसे भूल जाना है।

3. अब आपको गहरी सांस लेनी है और फिर अपनी सास को धीरे-धीरे छोड़ना है। ऐसा आपको लगातार 2 से 3 बार करना है।

4. अब आपको फिर से गहरी सांस लेनी है और उसे फिर से बाहर छोड़ना है। इस दरमियान आपको अपने पेट को अंदर की ओर ही रखना है।

5. इस प्रकार आपको रोजाना 20 से 25 बार यह क्रिया करनी है। याद रखिए कि आपको सांस अंदर और बाहर सिर्फ अपनी नाक से ही करनी है और आपको अपना मुंह बंद रखना है।

कपालभाति कितने मिनट तक करना चाहिए?

कपालभाती एक ऐसा आसान है, जिसमें आपको बिल्कुल भी शारीरिक कष्ट नहीं होता है, क्योंकि इसमें आपको वज्रासन में बैठकर सिर्फ अपनी सांस को अंदर बाहर छोड़ने की गति पर ध्यान देना होता है। इसलिए इसे आप 30 मिनट से लेकर के 60 मिनट तक कर सकते हैं। हालांकि इस बीच में अगर आपके रीढ़ की हड्डी दुखती है तो आप कुछ देर तक खड़े भी हो सकते हैं और यहां वहां टहलने के बाद फिर से इसे करना चालू कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें : सर्वांगासन क्या है? सर्वांगासन कैसे किया जाता है?

कपालभाति कब करना चाहिए?

अन्य योगासन की तरह इसे करने के लिए भी सुबह का समय ही सर्वोत्तम माना जाता है परंतु अगर सुबह आपको ऑफिस जाने की जल्दी है, तो आप इसे शाम के समय भी कर सकते हैं या फिर आपको जब समय मिले तब आप इसे कर सकते हैं। याद रखिए कि इसे ऐसी जगह पर ही किया जाना चाहिए जहां पर वातावरण शांत हो, साथ ही इसे करने के दरमियान आपको अपने सेल फोन को भी स्विच ऑफ कर देना है, ताकि आप सारा ध्यान इस प्राणायाम में लगा सके।

कपालभाति से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या हम शाम के समय में कपालभाति प्राणायाम कर सकते हैं?

आप कर सकते हैं।

कपालभाति प्राणायाम के टोटल कितने प्रकार हैं?

इसके टोटल 3 प्रकार हैं।

कपालभाती प्राणायाम में क्या करना होता है?

लगातार सांस को अंदर बाहर छोड़ना पड़ता है।

क्या मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा करने के लिए Kapalbhati बेस्ट प्राणायाम है?

हां

क्या गर्भवती महिलाएं भी कपालभाति कर सकती हैं?

इसके बारे में उन्हें डॉक्टर से पूछना चाहिए।

कपालभाति कब नहीं करना चाहिए?

जब नाक में से खून बहने की प्रॉब्लम हो।

निष्कर्ष

आशा है आपको कपालभाति कैसे करे के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में kapalbhati kaise kare (how to do kapalbhati in hindi) और कपालभाति कैसे करे को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को kapalbhati kaise kare के बारे में जानकारी मिल सके।

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Ainain
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