ईएसआर टेस्ट क्या होता है? ESR Test कैसे होता है? जानिए ESR Test से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे ईएसआर टेस्ट (ESR Test) कैसे होता है पूरी जानकारी (How is the ESR Test Done In Hindi) के बारे में क्योंकि सभी इंसान यही चाहते हैं कि वह जिंदगी भर स्वस्थ रहें परंतु ना चाहते हुए भी उन्हें कभी कभी कोई ऐसी बीमारी अपनी गिरफ्त में ले लेती है, जिसके कारण वह काफी परेशान हो जाते हैं और उन्हें यह पता ही नहीं चलता है कि आखिर जिस बीमारी से वह परेशान है, उसका इलाज क्या है। डॉक्टर भी कभी-कभी रोगी को देख कर के उसे उसके रोग की दवाई दे देते हैं,परंतु कुछ रोग ऐसे होते हैं, जिनकी दवाई बिना टेस्ट किए नहीं दिया जा सकता।

इसलिए कुछ गंभीर रोगों के लिए अलग-अलग प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं, जिसमें से ही एक टेस्ट होता है ESR Test। आज के इस लेख में जानेंगे कि ESR Test Kaise Hota Hai, ईएसआर टेस्ट कैसे किया जाता है, ESR Test Meaning In Hindi, ESR Test Kya Hota Hai, ईएसआर टेस्ट की नार्मल रेंज क्या होती है, ESR Test Normal Range, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

ईएसआर टेस्ट क्या है? – What is ESR Test Information in Hindi?

Esr Test In Hindi
Esr Test In Hindi

ESR का पूरा नाम “Erythrocytes Sedimentation Rate” होता है। ESR मेडिकल की फील्ड में किया जाने वाला एक प्रकार का ब्लड टेस्ट होता है। इसमें टेस्ट ट्यूब के अंदर ब्लड डाला जाता है और ब्लड सैंपल का टेस्ट किया जाता है। ESR Test के द्वारा इस बात की जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है कि, खून में मौजूद रेड ब्लड सेल्स (RBC) कितनी तेजी से टेस्ट ट्यूब की निचली सतह में बैठ रही है। ESR Test करवा कर के डॉक्टर किसी व्यक्ति की बॉडी में मौजूद प्रॉब्लम को पकड़ने का काम करते हैं।

जैसे कि इस टेस्ट के द्वारा डॉक्टर इस बात का पता लगाते हैं कि, व्यक्ति की बॉडी में सूजन किस कारण से है या फिर उसे किस कारण से जलन महसूस हो रही है अथवा उसकी बॉडी में कोई इंफेक्शन है या नहीं। अगर रोगी को कोई बीमारी है, तो उसके अन्य टेस्ट के साथ-साथ ESR Test भी डॉक्टर के आदेश के अनुसार करवाया जाता है, ताकि डॉक्टर को रोगी की बीमारी के अलावा उसकी बॉडी में मौजूद अन्य बीमारियों का भी पता लगाने में सहायता प्राप्त हो।

ईएसआर टेस्ट क्यों किया जाता है? – Why is ESR Test Done?

जिस प्रकार किसी बीमारी का सटीक कारण पता लगाने के लिए हमारी बॉडी के कई टेस्ट किए जाते हैं, उसी प्रकार ESR Test भी बॉडी में इसलिए किया जाता है, ताकि इसके द्वारा इस बात का पता लगाया जा सके कि व्यक्ति को जलन, सूजन किस कारण से हो रही है या फिर उसकी बॉडी में कोई इंफेक्शन तो नहीं है अथवा उसके खून में कोई खराबी तो नहीं है।

मुख्य तौर पर खून की खराबी और बॉडी में किसी भी प्रकार की बीमारी का पता लगाने के लिए डॉक्टर के द्वारा ESR Level को किया जाता है। इसमें व्यक्ति के खून की जांच की जाती है और जांच के आधार पर ही यह पता चलता है कि व्यक्ति को कौन सी समस्या है।

ईएसआर टेस्ट कैसे किया जाता है? – How is the ESR Test Done?

ईएसआर ब्लड टेस्ट करने के लिए सबसे पहले अनुभवी डॉक्टर या फिर अनुभवी नर्स के द्वारा ESR Level किट की सहायता से आपकी बॉडी में से खून का सैंपल लिया जाता है। इसके बाद खून का सैंपल लेने के बाद आपके खून के सैंपल को लेबोरेटरी में टेस्ट करने के लिए भेज दिया जाता है, जहां पर आपकी बॉडी में से निकाले हुए खून के सैंपल को एक लंबी और पतली कांच की ट्यूब में रखा जाता है। इसके बाद तकरीबन 1 घंटे तक खून के नीचे गिरने के स्टेटस को मापा जाता है‌।

अगर आपकी बॉडी में कहीं पर भी सूजन होगी, तो अबनॉर्मल प्रोटीन रेड ब्लड सेल के गुच्छे बना देगा, जिसके कारण रेड ब्लड सेल का वेट बढ़ जाएगा और वह काफी तेजी के साथ नीचे गिरने लगेगा, जिसे मिली मीटर प्रति घंटे की माप से मापा जाता है। ऐसी अवस्था में डॉक्टर को इस बात की इंफॉर्मेशन प्राप्त हो जाती है कि आपकी बॉडी में कोई प्रॉब्लम है अथवा नहीं। अगर आपकी बॉडी में कोई भी प्रॉब्लम निकलती है, तो फिर डॉक्टर उसका योग्य उपचार करते हैं।

ESR टेस्ट की नार्मल रेंज क्या होती है? – What is the Normal Range of ESR Test?

ईएसआर की रेंज को जानने के लिए डॉक्टर के द्वारा मिली मीटर प्रति घंटे का इस्तेमाल किया जाता है। नीचे हम आपको नॉर्मल ईएसआर कितना होना चाहिए, इसकी इंफॉर्मेशन प्रदान कर रहे हैं।

  • ऐसे बच्चे जिन्होंने हाल ही में जन्म लिया है, उनका नॉरमल ईएसआर 2 मिलीमीटर प्रति घंटा होना चाहिए।
  • ऐसे बच्चों का ईएसआर 2 से लेकर 13 मिली मीटर प्रति घंटा होना चाहिए, जो जवानी की दहलीज पर कदम रखते हैं।
  • ऐसी महिला का ESR 20 मिली मीटर प्रति घंटा होना चाहिए, जिनकी उम्र 50 साल से कम है।
  • अगर किसी महिला ने 50 साल की उम्र को पार कर लिया है, तो उनका ESR 30 मिली मीटर प्रति घंटा होना चाहिए।
  • अगर किसी आदमी की उम्र 50 साल से कम है, तो उसका ESR 15 मिली मीटर प्रति घंटा होना चाहिए।
  • अगर किसी पुरुष की उम्र 50 साल से ज्यादा है, तो उसका ESR 20 मिली मीटर प्रति घंटा होना चाहिए।

ईएसआर क्यों बढ़ता है? – Why does ESR Increase?

ईएसआर के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिनके बारे में नीचे हम आपको बता रहे हैं।

  • वृद्ध हो जाने पर
  • बॉडी की मांसपेशियों अथवा जोड़ों में दर्द होने के कारण
  • रूमेटिक बुखार के कारण
  • बॉडी में ब्लड की कमी हो जाने पर
  • बॉडी में थायराइड की प्रॉब्लम होने पर
  • लिंफोमा के कारण
  • बॉडी में गाठिया की प्रॉब्लम हो जाने पर
  • प्रेगनेंसी की कंडीशन में

ईएसआर बढ़ने पर क्या होता है? – What happens when ESR Increases?

  • एनीमिया
  • किडनी की बीमारी
  • हाई कॉलेस्ट्रोल
  • थाइरोइड की बीमारी

क्या होता है जब ESR कम हो जाता है? – What happens when ESR Decreases

  • Congestive Heart Failure
  • Low Plasma Protein
  • Chronic Fatigue Syndrome
  • Sickle Cell Anemia

ईएसआर दर बढ़ने के लक्षण क्या हैं? – What are the Symptoms of Increasing ESR Rate?

  • ईएसआर बढ़ने के कारण व्यक्ति को तेज बुखार हो सकता है।
  • व्यक्ति को सिर दर्द की समस्या परेशान कर सकती है।
  • उसकी बॉडी में सूजन या फिर इंफेक्शन हो सकता है।
  • उसे लगातार बेचैनी हो सकती है।
  • व्यक्ति को डायरिया भी हो सकता है।
  • उसके जोड़ों में दर्द, शरीर में जकड़न या फिर गर्दन अथवा कंधों में दर्द हो सकता है।
  • उसकी लैट्रिंग में से खून आ सकता है।
  • उसे अचानक से ही काफी तेज पेट दर्द चालू हो सकता है।
  • उसकी बॉडी की हड्डियों में इंफेक्शन फैल सकता है।

बढ़ती ईएसआर दर से बचने के घरेलू उपाय – Home Remedies to Avoid Rising ESR Rate

अगर आपकी बॉडी में ESR Level बढ़ गया है, तो ऐसी सिचुएशन में आपको सबसे पहले तो इस बात का पता लगाना चाहिए कि, उसके बढ़ने का कारण क्या है, ताकि आप ESR Level को कम करने के लिए कुछ उपाय कर सकें। किसी भी प्रकार की बीमारी से बचने के लिए सबसे आसान रास्ता यही होता है कि आप एक हेल्थी लाइफस्टाइल अपनाएं। इसके साथ ही अपने खानपान पर विशेष तौर पर ध्यान दें। नीचे हम आपको ईएसआर रेट के बढ़ने से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

1. कसरत

अगर आप अपनी बॉडी में ईएसआर लेवल को बढ़ने से रोकना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको नियमित तौर पर तकरीबन आधा घंटा या फिर 1 घंटे तक कसरत अवश्य करनी चाहिए। आप जिम जाकर के भी कसरत कर सकते हैं या फिर घर पर रहकर ही थोड़ा सा वजन उठा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहे तो जोगिंग या फिर वॉकिंग भी कर सकते हैं। ऐसा करने से यह आपकी बॉडी में सूजन को कम करने में आपकी सहायता करती है।

2. योगा

योगा करके भी आप अपनी बॉडी के ESR लेवल को बढ़ने से रोक सकते हैं। इसलिए आप सुबह उठकर रोजाना योगा अवश्य करें।

3. तली भुनी चीजें ना खाएं

अगर आप ज्यादा मात्रा में मिर्च मसाले या फिर अधिक तेल वाली चीजें खाते हैं, तो यह आपकी बॉडी में जाकर के आपकी बॉडी के कोलेस्ट्रोल के लेवल को बढ़ाने का काम करती है, जिसके कारण आपकी बॉडी में सूजन आ सकती है। इसीलिए आपको इनका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।

4. अधिक मात्रा में पानी पिए

हमारी बॉडी में तकरीबन 70% तक पानी होता है। ऐसी अवस्था में आपको हमेशा अपनी बॉडी में पानी की पूर्ति करते रहना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से हमारी बॉडी हमेशा हाइड्रेट रहती है, जिसके कारण हमारी बॉडी की हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत बनी रहती है, साथ ही यह हमारी बॉडी में सूजन को भी कम करने का काम करता है। इसलिए आपको रोजाना कम से कम 8 गिलास या फिर 15 गिलास पानी दिन भर में अवश्य पीना चाहिए। इसके अलावा आपको हरी पत्तेदार सब्जियों का भी सेवन करना चाहिए और प्रोटीन युक्त चीजें खानी चाहिए।

एसआर रेट कम करने के घरेलू उपाय – Home Remedies to Reduce ESR Rate

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि ESR रेट को कम करने के घरेलू उपाय क्या है, तो इसके बारे में भी हम आपको नीचे इंफॉर्मेशन प्रदान कर रहे हैं।

1. नीम हमारी बॉडी के लिए बहुत ही फायदेमंद मानी जाती है। अगर आप अपनी बॉडी में ESR Level को घरेलू उपाय का इस्तेमाल करके कम करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको रोजाना नीम का सेवन करना चाहिए, क्योंकि नीम हमारी बॉडी के खून को साफ करने का काम करती है।

2. नीम की तरह हल्दी भी हमारी बॉडी के लिए फायदेमंद होती है, क्योंकि हल्दी के अंदर एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं, जो हमारी बॉडी के इन्फेक्शन को दूर करने का काम करते हैं और सूजन को कम करने में भी नीम हमारी बॉडी की सहायता करता है। इसके लिए आपको रोजाना सुबह अथवा रात के समय में एक चम्मच हल्दी को दूध में मिलाकर पीना चाहिए।

3. अगर आप मेथी का रोजाना सेवन करते हैं, तो यह आपकी बॉडी में जाकर के आपकी बॉडी के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है, साथ ही यह आपकी बॉडी में मौजूद सूजन और इन्फेक्शन को भी कम करती है। इसके लिए आपको पानी में तकरीबन एक चम्मच मेथी के बीज को डालना चाहिए और उस पानी को ठंडा करके उसे रोजाना सुबह के समय में खाली पेट पीना चाहिए।

ईएसआर टेस्ट कितने में होता है? – ESR Test Price in Hindi

गवर्नमेंट और प्राइवेट हॉस्पिटल में ESR Level की कीमत अलग-अलग होती है। अगर सामान्य आंकड़ों के अनुसार देखा जाए तो अधिकतर हॉस्पिटल में ESR Level ₹200 से लेकर ₹600 के आसपास में हो जाता है। गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ESR Test ₹200 से लेकर ₹300 के बीच में ही हो जाता है, वहीं प्राइवेट हॉस्पिटल में इसकी कीमत बस थोड़ी सी ज्यादा हो सकती है‌।

निष्कर्ष

आशा है आपको ESR Test Details In Hindi के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में ESR Test Kaise Hota Hai (How is ESR Test Done In Hindi) और ईएसआर टेस्ट कैसे होता है? को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को ESR Test Kya Hota Hai के बारे में जानकारी मिल सके।

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