पीएचडी कोर्स क्या है? PhD Course कैसे करें? Full Form, Qualification, Admission Process, Career, Salary, Fees, Entrance Exam, Scope आदि से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे पीएचडी (PhD) कैसे करें पूरी जानकारी (How to do PhD Course In Hindi) के बारे में क्यों की आप कई बार लोगों के नाम के आगे डॉक्टर (Dr.) लगा हुआ देखा होगा और आपको लगता होगा कि यह मरीज को ठीक करने वाले डॉक्टर होंगे, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। उनमे से कुछ लोग अपने नाम के आगे डॉक्टर तब भी लगा सकते हैं जब वह पीएचडी कर लिए होते हैं। PhD एक डॉक्टरेट की डिग्री होती है। आप भी PhD करने के बाद अपने नाम के आगे Dr. लगा सकते है।

आज के इस लेख में जानेंगे कि PhD Kya Hota Hai, PhD Course के लिए Qualifications, PhD Meaning In Hindi, PhD Course Kaise Karen, PhD Course के लिए Eligibility, PhD Course के लिए Admission Process, पॉलिटेक्निक कोर्स के लिए तैयारी कैसे करें, PhD Entrance Exams, PhD Course की Fees, PhD Course करने के बाद Career & Scope, PhD Course के बाद Salary, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

पीएचडी डिग्री क्या होता है? – What is PhD Degree Information in Hindi

विषय-सूची

PhD Degree in Hindi
PhD Degree in Hindi

PhD एक बहुत लोकप्रिय डिग्री है जो कि Granted Universities द्वारा दी जाने वाली एक उच्च शैक्षणिक डिग्री होती है। PhD करने वालो को मिलने वाली यह Degree एक Highest academic degree के रूप में माना जाता है। PhD के students को Universities द्वारा इस Advanced academic degree से सम्मानित किया जाता है।

PhD या Research से जुडी़ डिग्री द्वारा विश्वविद्यालय में Professor या Researcher के रूप में आप अपने करियर की शुरुआत कर सकते है। अतः पीएचडी की डिग्री शोधकर्त्ता या प्रोफेसर के पद के लिये अनिवार्य न्यूनतम शैक्षिक योग्यता होती है। इसलिए, पीएचडी डिग्री Researcher या Professor के पद के लिए एक अनिवार्य न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता है।

पीएचडी में किसी विशेष विषय पर deep Study किया जाता है। जिससे आपको अपने विषय के बारे में पूरी जानकारी हो जाती है और आप अपने विषय में expert बन जाते हैं। मगर आप सीधे ही Doctor of Philosophy की पढा़ई नहीं कर सकते है, उसके लिये पहले आपको अपनी graduation और post graduation की पढ़ाई पूरी करना अनिवार्य होता है। PhD degree पूरे 3 साल का कोर्स होता है मगर लोग अपनी डिग्री 5 वर्ष में भी पूरी करते है।

पीएचडी डिग्री करने से पहले आपको यह ध्यान रखना चाहिये कि यह एक जटिल पढा़ई होती है अतः आप अपनी रूचि के विषय में ही Study करें जिससे आपके लिये PhD course करना आसान हो जायेगा। या जिस विषय में आपको Graduate और Master’s degree में सबसे अच्छे अंक प्राप्त हुये हैं आप उसके हिसाब से अपने Study subject का चुनाव कर सकते हैं। इससे आपको PhD course में काफी मदद मिलेगी।

PhD का फुल फॉर्म क्या होता है? – What Is PhD Full Form In Hindi?

PhD का Full Form Doctor of Philosophy होता है। हिंदी में PhD का फुल फॉर्म डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी होता है।

पीएचडी कोर्स कैसे करें पूरी जानकारी How to do PhD Course?

PhD कोई सामान्य डिग्री नहीं है इसलिए आप यह समझना जरूरी है कि आपके पास अच्छे अंक हैं और अपने विषय पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए।

 1  12 वीं Class पास करे

graduation की पढ़ाई करने के लिए किसी भी विषय से आपका 12 वीं कक्षा pass करना जरूरी होती है। ताकि आप अपनी रुचि के अनुसार विषय का चुनाव करते हुए अगले स्तर की पढा़ई कर सकें। यदि आप 11 वीं और 12 वीं कक्षा में ठीक से विषय चुनते हैं, तो यह आपको भविष्य में पीएचडी करने में मदद करेगा। आपको कम से कम 60% अंकों के साथ 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है।

 2  ग्रेजुएशन में एडमिशन लेकर डिग्री पूरी करें

12 वीं pass करने के बाद अपनी रुचि के अनुसार या जिस विषय में आपको अच्छे अंक मिलते हैं, उस विषय के साथ ग्रेजुएशन के लिये कॉलेज में apply करदे। फिर अच्छे से पढ़ाई कर Entrance Test को पास कर, कॉलेज में admission लें और अगर आप किसी विषय में specialist बनना चाहते हैं, तो 3 साल के इस study को बहुत अच्छी तरह से पढ़े ताकि आप उस विषय पर पकड़ बना सकें और आगे के study में इसका उपयोग कर सके।

 3  Post Graduation में Admission लेकर Degree पूरी करें

ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद, आपको अपनी रुचि का विषय पता चल जाता है। अपने पसंदीदा विषय में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए आगे apply करें। लेकिन ध्यान रखें कि जिस विषय में आप अपनी अच्छी Performance दे सकते हैं, उसी विषय को चुनें। एडमिशन के बाद 2 साल के इस कोर्स को पूरा कीजिये।

जिस विषय में आपने graduation किया है, उसी विषय में Postgraduate डिग्री करने के बाद, आपको PhD की Degree करने में काफी फायदा होगाBachelor Degree औरMasters Degree में अच्छे अंक या कम से कम 60% अंक प्राप्त करने की कोशिश करें ताकि आपको entrance examinations में कोई दिक्कत न हो

 4  UGC NET Test के लिये Apply कर एग्जा़म क्लियर करें

आपकी पोस्ट ग्रेजुएशन अथवा मास्टर्स की डिग्री पूरी होती ही आप UGC NET का एग्जा़म के लिये एप्लाई करने के लिये Eligible हो जायेंगे। आपको पीएचडी करने के लिये UGC NET (University Grant Commission) का एग्जा़म देना होगा। इस एग्जा़म को पास कर आप पीएचडी करने योग्य हो जायेंगे अर्थात् पीएचडी में प्रवेश लेने का यह दूसरा अंतिम और अहम् चरण होता है। पहले PhD Degree करने के लिये इस प्रकार का कोई एग्जाम नहीं होता था, किंतु अब इस एग्जा़म को पास करना अनिवार्य हो गया है। UGC NET से जुडी़ पूरी जानकारियों के लिये आप nta.ac.in वेबसाईट पर जाकर चेक कर सकते हैं।

 5  PHD के लिए Entrance Exam Clear करें

जैसे ही आप UGC Net का एग्जा़म पास कर लेते है, इसके बाद आप PhD Entrance Exam देने के योग्य हो जाते है। अब आप अपने हिसाब से जिस भी कॉलेज से अपनी पीएचडी की पढा़ई करना चाहते हैं, उस कॉलेज के Entrance Exam दे और क्लियर कर PhD में प्रवेश लेवें। सभी यूनिवर्सिटी अपने Entrance Exam आयोजित करती है, अतः आप इस बारे में पूरी जानकारी रखते हुये, उस यूनिवर्सिटी का एग्जा़म के लिये अप्लाई कर क्लियर कर पीएचडी में एडमिशन लें। इस प्रकार आप पीएचडी की पढा़ई शुरू कर सकते है, और अपने फेवरेट विषय का चुनाव करते हुये उसमें अच्छे से रिसर्च कर PhD Degree हासिल करें।

PhD Degree के बारे इतना जानकर सबके मन में यह बखत तो उडती ही है कि इतनी जटिल स्टडी उतनी ही महंगी भी होगी! या PhD course के लिये कितनी फीस लगती है और कौनसे कॉलेज से पीएचडी करनी चाहिये? ये सभी प्रश्न स्वभाविक है। आपको बता दे कि PhD course के लिये फीस का कोई निश्चित निर्धारण नहीं होता है, हर कॉलेज की फीस अलग- अलग होती है।

लेकिन अगर आप गवर्मेंट कॉलेज से अपनी पीएचडी की पढा़ई करते है तो, आपका खर्चा इतना अधिक नहीं आयेगा मगर यदि आप किसी प्राईवेट कॉलेज से पीएचडी करते है तो, यह डिग्री बहुत महंगी पडे़गी। अतः अच्छे मार्क्स लाने की कोशिश करें ताकि आपको गवर्मेंट university में प्रवेश मिल सके।

पीएचडी कोर्स के लिए योग्यता – Qualification For PhD Course

  • PhD में प्रवेश लेने के लिये आपके पास Graduation Degree होनी चाहिये, जिससे कि आप मास्टर्स में प्रवेश ले सकें।
  • आपके पास graduation की Degree के साथ में post graduation या master’s degree भी होनी चाहिये।
  • बिना इन डिग्रीयों के आप PhD course के लिये कतई योग्य नहीं होंगे।
  • मास्टर्स की डिग्री के बाद पीएचडी में प्रवेश करने के लिये आपको उसके Entrance Test को कम से कम 55% अंकों के साथ उत्तीर्ण करना चाहिये।
  • जिस प्रकार UGC NET द्वारा पीएचडी entrance test कराया जाता है उसी प्रकार Engineering में पीएचडी करने के लिये आपको GATE की परीक्षा देनी होगी, जिसके बाद पीएचडी में प्रवेश के लिये आपके पास एक Valid Gate Score Card होना आवश्यक है।

पीएचडी के बाद नौकरियां – Jobs after PhD Course

PhD Course करने के बाद करियर ऑप्शन के रूप में लोगों को बस यही लगता है कि पीएचडी यूनिवर्सिटी प्रोफेसर बनने के लिये एक स्टडी प्रोसेस है। यह बात तर्कसंगत कुछ हद तक सही भी है, लेकिन पीएचडी का प्रोग्राम ऐकेडमिक क्षेत्र से कहीं ऊपर व्याप्त है जिसके बारे में लोगों को अधिक ज्ञान नहीं होता है। जो लोग पीएचडी की डिग्री प्राप्त करते हैं, उनकी तुलना में कम लोग ही एकेडमिक क्षेत्र ज्वॉइन करते हैं। आजकल पीएचडी ग्रेजुएट्स; राइटिंग, रिसर्च, इंवेस्टमेंट, लॉ, बैंकिंग और इससे जुडे़ क्षेत्रों में विभिन्न विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।

 1  पीएचडी प्रोग्राम एक सामान्य डिग्री से कहीं अधिक विशेष है।

पीएचडी डिग्री से केवल डॉक्टर टाईटल लगने से proud महसूस करने से आपको अच्छी जॉब मिलेगी ऐसा जरूरी नहीं है, हालांकि पीएचडी डिग्री की value बहुत अधिक है क्योंकि इसमें ट्रेनिंग और नॉलेज पर आधारित शोध क्रिया को ज्यादा महत्व दिया जाता है। पीएचडी में शोध विषयों की अच्छी समझ के साथ Deep Study Work और Observation skills के साथ Important Problem Solution को हल करने की काबिलियत शामिल होती हैं। ये गुण केवल किसी एकेडमिक एक्सपर्ट के लिये बहुत आवश्यक हैं, बल्कि Research, Finance & Public Service जैसे अन्य कार्यक्षेत्रों के लिये भी अनिवार्य हैं।

 2  एकेडमिक क्षेत्र में PhD Degree Holders का भविष्य

PhD Programmes वालों की पहली पसंद Academic Area बन गया है। क्योंकि इस क्षेत्र में काम करने के लिये उन्हें आजादी मिलती है और साथ ही उनको सैलरी पैकेज बहुत अच्छा मिलता है। कुल मिलाकर, पीएचडी कैंडिडेट्स को जॉब देते समय अधिकांश संगठन उस कैंडीडेट्स के अंदर Superior Analytical Skills और Complicated Problems को तुरंत Resolve करने की काबिलियत देखते हैं।

पीएचडी के बाद नौकरी और कैरियर विकल्प – Job and Career Options After PhD

Phd Programmes करने वाले Financial Sectors से Public Sectors  तक, आजकल PhD Candidates हर क्षेत्र की ओर फैल रहे हैं क्योंकि अब वे केवल Academic Area में ही काम करने तक सीमित नहीं रह गये हैं।

आजकल, अपनी पीएचडी पूरी करने के बाद Professional Academic Research के क्षेत्र से किसी कॉरपोरेट परिवेश में काम करना चाहते हैं ताकि अपने स्किल्स का अच्छे और सही ढंग से इस्तेमाल कर सकें। आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि यदि आप बैंकिंग सेक्टर में काम करना चाहते हैं तो आपके पास PhD in Finance की डिग्री होनी चाहिए। ऐसा इसलिये जरुरी है क्योंकि Academic Research से यह बदलाव आपके Study Area/Subject से काफी आगे तक जा सकता है।

PhDWork Space
In PhD English literatureCollege professor
PhD in LinguisticsPublic Sector  And Science Communication
PhD in PharmacyMedical Research Centers
PhD in ChemistryAnalyst in Chemical Research And Laboratories
PhD in GeologyHead of service in Geological Centres
PhD in LawAdvisory Position in Govt. Sector
PhD in BiologyScience Writing
PhD In NutritionScientific Advisor
PhD in BiochemistryPatent Lawyer
PhD in Molecular BiologyMedical Research and Development

पीएचडी कोर्स वर्क सिलेबस या पीएचडी कोर्स उपयुक्तता – PhD Course Work Syllabus Or PhD Course Suitability

PhD Course Work Syllabus को परीक्षा पैटर्न के हिसाब से सैट किया गया है। जिसमें दो भाग में पेपर्स होते हैं। पहला पेपर General Paper होता है। जिसमें शैक्षणिक योग्यता और रिसर्च से जुडे़ प्रश्न आते हैं। दूसरा पेपर Subject Scheme Paper होता है जिसमें चयनित विषय विशेष संबंधित प्रश्नों को पूछा जाता है। पेपर ऑब्जेक्टिव होता है।

पेपर का समय पूरे तीन घंटे का होता है। जिसमें पहले घंटे Paper-1 और दो घंटे Paper-2 का आयोजन होता है। उन्हें अपने अध्ययन में विभिन्न मुद्दों और समस्याओं की प्रणालीगत जांच से संबंधित शिक्षण कौशल और क्षमताएं होनी चाहिए। आवेदकों के पास उत्कृष्ट संचार कौशल होना चाहिए।

जैसे निष्कर्ष प्रस्तुत करना और जटिल आंकड़ों की व्याख्या करना और लिखित तकनीकी रूप से उनका उत्पादन करना। उन्हें एक अच्छी समस्या निवारक होना चाहिए जैसे संबंधित जानकारी निकालना, निष्कर्ष निकालना और तार्किक सिफारिशें करना। नामित समय सीमा के भीतर विशिष्ट कार्यों को पूरा करने जैसे; अच्छा समय प्रबंधन कौशल उनके लिए एक और प्लस प्वाइंट है।

पीएचडी कोर्स करने के फायदे – Benefits of doing PhD course

PhD course करने के Benefits निम्नलिखित है:-

  • PhD Course करने के बाद आप अपने नाम के आगे डॉक्टर शब्द लगा सकते है।
  • PhD प्रोग्राम के बाद यदि आप Academic Side में जाते है तो, आप शिक्षक होने का अच्छा अनुभव प्राप्त करेंगे उसके साथ ही आपका क्षेत्र काफी आरामदायक और अच्छी सैलेरी वाला होगा।
  • इस क्षेत्र में आपको भरपूर सम्मान दिया जायेगा।
  • पीएचडी डिग्री होल्डर को विदेशों के सेमिनार में जाने का भी मौका मिलता है।
  • यदि आप रिसर्च स्कॉलर के रूप में चुने जाते हैं तो आपको ₹25,000 से ₹50,000 तक Scholarship दी जायेगी।
  • आपकी शोध न केवल आपके क्षेत्र में बल्कि विश्व स्तर पर भी सराहनीय बन सकती है।
  • यह एक ऐसा कोर्स है जो लड़की और लड़के दोनों के लिये ही तथा उन लोघों के लिये बहुत ही उत्तम है जिन्हें पढा़ई का शोक रहता है या कॉलेज की पढा़ई के बाद भी अपनी पढा़ई पूरी रखना चाहते हैं।

पीएचडी कोर्स से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q-1. क्या PhD Course को बिना NET का Exam दिये भी किया जा सकता है?

जी हां PhD Course को बिना नेट एग्जा़म के भी किया जाना संभव है, नेट एग्जा़म के द्वारा आपको पीएचडी करवाने वाली यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने में आसानी होती है। बिना नेट एग्जाम क्लियर किये भी बहुत सी यूनिवर्सिटी पीएचडी प्रोग्राम चलाती है, उसके लिये अप्लाई कर सकते है।

Q-2. NET Exam को क्लियर करने के बाद कितने साल तक पीएचडी को शुरू करना अनिवार्य होता है?

नेट एग्जा़म को पास करने के बाद, ऐसा कोई निश्चित समय नहीं है जिसमें आपको पीएचडी शुरू करना जरूरी होता है। हां मगर NET JRF स्कॉलरशिप की Validity निश्चित होती है जिसमें आपको अपना पीएचडी कार्यक्रम शुरू करना आवन्यक होता है।

Q-3. पीएचडी की प्रक्रिया क्या होती है?

यह Different universities में Different हो सकती हैं मगर सामान्य तरीके से समझने के लिये, कह सकते हैं कि पीएचडी प्रक्रिया शुरू करने के लिये लिखित प्रवेश परीक्षा होती है। पेपर पास करने के बाद आप अपना शोध शुरू कर सकते हैं।

Q-4. PhD करना कितना ठीक होता है?

PhD प्रोग्राम अपने आप में ही एक विशेष प्रोग्राम है। हां यह थोडी़ जटिल प्रक्रिया होती है । मगर अऔसतन 24 साल के बाद आप यह प्रोग्राम कर सकते है। पीएचडी प्रोग्राम किसी वर्ग विशेष के लिये नहीं बना यदि किसी पास योग्यता है तो वह पीएचडी कर सकता है। इसके लिये कोई न्यूनतम आयु भी नहीं है।

Q-6. पीएचडी कितने साल का कोर्स है?

PhD degree पूरे 3 साल का Course होता है मगर लोग अपनी डिग्री 5 वर्ष में भी पूरी करते है।

Q-7. पीएचडी के लिए कितने मार्क्स चाहिए?

कम से कम 60% अंकों के साथ आपको 12वीं कक्षा को पास करना अनिवार्य होता है।

Q-8. पीएचडी की फीस कितनी है?

PhD Ki Fees निर्धारित नहीं है यह कॉलेज पर भी निर्भर करती है। सभी कॉलेज की अलग-अलग फ़ीस होती है लेकिन सरकारी कॉलेज के मुकाबले प्राइवेट कॉलेज में पीएचडी की फ़ीस अधिक होती है।

निष्कर्ष

आशा करते हैं कि आपको phd course Details In Hindi की पूरी जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। अगर फिर भी आपके मन में phd course Kya Hota Hai? (What Is phd course In Hindi) और पीएचडी कैसे करे? को लेकर कोई सवाल हो तो, आप बेझिझक Comment Section में Comment कर पूछ सकते हैं।

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Padmalochan

PhD course से जुड़ी सभी जानकारी अपने अच्छे से बताई है इसके लिए आपको धन्यबाद