निडर कौन होता है? निडर कैसे बने? जानिए Nidar बनने से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे निडर (Nidar) कैसे बने पूरी जानकारी (How To Become Fearless In Hindi) के बारे में क्योंकि जीवन में हर किसी को कभी न कभी किसी चीज से डर लगता ही है, ऐसे में किसी चीज को लेकर डरना कोई बुराई या शर्म की बात नहीं है, लेकिन हम किसी चीज से क्यों डर रहे हैं इसका पता करना बहुत जरूरी है और उस डर को स्वीकार कर के दूर करने का प्रयास भी करना चाहिए ऐसे में अगर आप किसी चीज से डरते हैं तो कुछ बातों और तरीकों से उस डर की स्थिति से बाहर निकल सकते हैं। एक व्यक्ति को किसी न किसी बात का डर होता है, उसे हर पल वो डर सताता रहता है।

किसी चीज से डर का कारण कई तरह का हो सकता है जैसे कि रोड पर चलने का , रात के अंधेरे से, सेहत खराब हो जाने का डर, किसी तरह के रोग से डर, किसी व्यक्ति का डर, किसी को बिजनेस में, नौकरी में, परीक्षा में फेल हो जाने का डर ऐसे कई कारण है जिससे हर व्यक्ति को किसी न किसी बात से डर होता है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Nidar Kaise Bane, निडर बनने के लिए क्या करे, Fearless Meaning In Hindi, Nidar kaun Hota Hai, निडर बनने का तरीका, Nidar Kaise Bante Hain, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

डरने का मुख्य नुकसान क्या है? – Main Disadvantage of Being Afraid

Disadvantage Of Being Afraid
Disadvantage Of Being Afraid

अगर आपको किसी चीज से डर होता है तो आप उसकी कल्पनाओं में उलझते चले जाते हैं, अगर कोई छोटा डर भी है तो वो आगे चलकर आप के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि यह एक मानसिक रोग की तरह होता है जो एक बार हो जाने पर आसानी से जाता नहीं है,ऐसे में हमें उस पर काबू करना बहुत आवश्यक है। डर की वजह से हमें बहुत सारे रोग हो सकते हैं जैसे कि फोबिया, एंग्जायटी,डिप्रेशन, ओसीडी,पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जैसे कई खतरनाक बीमारी है जो किसी चीज के डर के वजह से आपके अंदर प्रवेश कर सकता है। इसके अलावा भी डर के कई तरह के दुष्प्रभाव होते हैं जैसे कि

  • डिप्रेशन में चले जाना।
  • किसी काम में मन ना लगना।
  • नकारात्मक सोच के चलते आत्मविश्वास खो देना.
  • आत्महत्या के बारे में सोचना.
  • झूठ बोलना और जीवन में आगे ना बढ़ पाना
  • किसी से बात ना करने का मन
  • हमेशा चिड़चिड़ा रहना
  • और भी कई तरह के नुकसान हैं जो डर के कारन होते हैं.

डर से कैसे मुक्ति पाएं? – How to Remove Fear From Mind and Heart

अगर आपको किसी भी किस्म का डर है और आपको उससे दूर होना है, तो आपको सबसे पहले उस डर का कारण जानना बहुत जरूरी है, अगर आपको किसी भी चीज से कभी डर लगे तो सबसे पहले खुद से ये सवाल करना आवश्यक है कि आप उस बात से क्यों डर रहे हैं। और वास्तव में किस बात से डर लग रहा है, ऐसे में आपके अंदर जो डर है उसका असली कारण पता चलेगा क्योंकि किसी भी चीज का डर कभी भी वास्तविक नहीं काल्पनिक होता है।

अगर किसी भी चीज का काल्पनिक डर है तो उसे imagination की शक्ति से ही खत्म किया जा सकता है, ऐसे ही अगर डर की जगह साहस की कल्पना करने लगे तो वो अपने आप खत्म हो जाएगा, अगर किसी चीज से भय है तब आपको यह सोचना होगा कि आप उस चीज से कैसे जीत सकते हैं यानी कि अभय की कल्पना करनी होगी, आसान शब्दों में अगर आपको डर से जीतना है। तो आपको नेगेटिव सोचने की बजाय पॉजिटिविटी के तरफ सोचना होगा आपको किसी भी चीज से डर से बाहर निकालने के लिए अपने मस्तिष्क को स्थिर रखना होगा और फालतू के काल्पनिक चीजों पर ध्यान नहीं देना होगा।

जब हमारा दिमाग किसी काम में होता है, तो हमारा सारा ध्यान उसी चीज पर केंद्रित राहत है, ऐसा तभी होता है जब हम कोई काम नहीं करते रहते हैं और हमारा मन विभिन्न तरह की चीजों के बारे में सोचता है, आपने सुना होगा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है ऐसे में कोशिश यह करें कि अपने आपको ज्यादा से ज्यादा किसी भी चीज में व्यस्त रखें क्योंकि डर कई तरह के होते हैं इसलिए उनके इलाज भी कई प्रकार की होती है लेकिन कुछ उपाय हैं जिससे आप हर तरह के डर पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

निडर कैसे बने? – How to Become Fearless Information in Hindi

Nidar Kaise Bane Hindi
Nidar Kaise Bane Hindi

ऐसे 7 तरीकों के बारे में बताने जा रहा हूं जिन्हें अपनाकर आप निडर बन सकते हैं।

1. पॉजिटिव सोचना

अगर आप अपने मन में किसी भी तरह की नेगेटिविटी को अपने अंदर प्रवेश नहीं करने देंगे हमेशा पॉजिटिव यानी कि सकारात्मक सोच रखेंगे तो इसका कारण यह होगा कि आपके मन में जो भी डर है आप उस चीज के बारे में सोचेंगे ही नहीं, क्योंकि डर हमेशा काल्पनिक होता है अगर आप किसी चीज को सिर्फ नुकसान के बारे में ही सोचेंगे तो जाहिर सी बात है आप उससे डरेंगे अपने मन को नकारात्मक सोचने से हमेशा दूर रखना चाहिए। अगर आपके अंदर सकरात्मता होगी तो जाहिर सी बात है डर आपसे दूर भागेगा आसान शब्दों में जब कभी भी आप फ्री रहें तो अपने दिमाग को किसी भी नेगेटिव चीज के बारे में ना सोचने दे कई बार हमारी नकारात्मक सोच ही हमारे लिए दुश्मन बन जाती है, आप इन तरीकों से हमेशा पॉजिटिव सोच सकते हैं जैसे कि

  • हर दिन थोड़ी देर मेडिटेशन करें जिससे आपका दिमाग सारा दिन स्थिर रहेगा।
  • पॉजिटिव सोच रखने के लिए योगा करना बहुत जरूरी है।
  • हमेशा सकारात्मक लोगों के बीच रहें।
  • ज्यादा से ज्यादा लोगों से बात करें।
  • पॉजिटिविटी वाले बुक पढ़ें जिसके जरिए आप का दिमाग पॉजिटिव सोचेगा.
  • कभी भी किसी चीज में विफल होने से परेशान ना हो हमेशा सकारात्मक सोचे।
  • मोटिवेशनल वीडियो और ऑडियो सुनी इसके अलावा मोटिवेशनल कहानी सुनो।
  • अपने आपको हमेशा व्यस्त रखने की कोशिश करें।

3. पुरानी बातों पर ध्यान ना दें

डर होने का एक यह भी कारण है कि हमारे अतीत में कुछ ऐसे पुराने अनुभव रहते है जो हमें हमेशा परेशान करता है, हम उस चीज के डर में हमेशा रहते हैं कि हमारे साथ फिर से वैसा ना हो जाए और यह डर कई तरह का हो सकता है, ये डर हर इंसान के ऊपर निर्भर करता है कि उसका अतीत उसे किस प्रकार परेशान करता है। ऐसे में हमें उस चीज के बारे में कभी नहीं सोचना चाहिए जो हमारे अतीत में हो चुका है, अतीत में हुए गलतियों से सीख कर हमेशा निडरता से आगे की सोचना चाहिए क्योंकि डर से हम जितना डरेंगें वो हमे उतना ही डराएगा.

4. डर होने पर गहरी सांस लें

जब कभी भी आपको किसी चीज से डर लगे तो आप सबसे पहले बैठ जाए और आंख बंद करके गहरी सांस लें और कुछ सेकेंड तक सांस को रोके और धीरे-धीरे छोरे, ऐसा कम से कम 5 से 10 मिनट तक करते रहे जिससे आपका दिमाग स्थिर हो जाएगा और मन शांत हो जाएगा।

5. मेडिटेशन ओर योग करें

आपको हमेशा अपने आप को मोटिवेट रखना है, तो  दिन में कम से कम रोज हर सुबह 25 से 30 मिनट तक मेडिटेशन करें ओर योगा करें। क्योंकि डर पर विजय पाने का सबसे आसान तरीका है मन की शांति और पॉजिटिविटी मेडिटेशन का मतलब है सिर्फ ध्यान लगाना अपनी मन की आवाज को सुनना इसके लिए आप कई मेडिटेशन सेंटर को भी ज्वाइन कर सकते हैं जो आपकी मन की शांति के लिए बेहतर होगा अगर आपका मन बेहतर रहेगा तो बेहतर सोचेगा इसलिए मेडिटेशन और योगा करना बहुत जरूरी है।

6. डर का सामना करें

अगर किसी भी चीज से डर है तो उससे भागे नहीं निडरता के साथ उसका सामना करें क्योंकि आप किसी चीज से जितना डरेंगे वह आपको उतनना ही डरआएगा, अगर आपको किसी इंटरव्यू से डर है किसी के सामने बात करने से डर है तो आपको कोशिश करना चाहिए उसे फेस करने की, हो सकता है संभव है आपको शुरुआत में डर लगे लेकिन जब आप एक बार इस चीज के साथ comfortable हो जाएंगे तो आप उससे डरना छोड़ देंगे क्योंकि डर हमेशा काल्पनिक होता है और इंसान हमेशा वास्तविक होता है और काल्पनिक शक्ति पर हमेशा वास्तविक शक्ति भारी होती है।

7. इमैजिनेशन थेरेपी का उपयोग करें

अगर आपको अपने मन से डर भगाना है तो आपको काल्पनिक शक्ति का प्रयोग करना होगा मान लीजिए अगर आपको ऊंचाई से डर लगता है तो आप कहीं बैठ जाएं और सकारात्मक कल्पना करें कि आप दुनिया की सबसे बड़ी ऊंचाई पर खड़े हैं आप वहां से पूरी दुनिया को देख रहे हैं आप उस जगह पर बहुत खुश हैं।

आपको ऐसा लग रहा है कि आप बादल को छू सकते हैं ऐसा काल्पनिक सोचने पर इस बात का बहुत चांस है कि आपके मन से उस चीज का डर हट जाएगा क्योंकि जब कभी भी आप किसी चीज के पीछे की मजे के बारे में सोचेंगे तो उस से होने वाले नुकसान पर आपका ध्यान कभी नहीं जाएगा क्यों कि मन को हमेशा खुश रहना और मजा करना अच्छा लगता है।

8. चिंता, जोखिम, विफलताओं और अनिश्चितता से मत डरिये

अगर आपको किसी चीज के खोने का डर लगे,हारने का डर लगे, फेल होने का डर लगे, तो सोचें कि ऐसा अगर हो भी जाएगा तो ज्यादा से ज्यादा क्या होगा क्या आपका उस चीज के कारण आपका जीवन का अंत हो जाएगा जीवन के सत्य को जानते हुए डर को दूर भगा सकते हैं। जब भी डर लगे तो हमेशा उस दिन के बारे में सोचें जो आपके अभी तक के जिंदगी में सबसे खराब दिन था खुद से सवाल पूछें कि आपने जब वो बुरा दिन काट लिया तो आप कोई भी स्थिति से निकल सकते हैं क्योंकि हमेशा रात के बाद सुबह होना ही है क्योंकि चिंता किसी बात की हमेशा के लिए नहीं होती है।

अगर हम किसी चीज में रिस्क लेते हैं तो उसमें दो ही चीज होगा या तो हम जीतेंगे या हम हारेंगे कभी भी किसी चीज में फेल होने से डरिए मत हमेशा प्रयत्न करते रहिए आप की अनिश्चितता अपने आप समाप्त हो जाएगी और आप डर पर विजय पाएंगे। अगर आप इन चीजों को अपनी जिंदगी में फॉलो करेंगे तो आपको किसी भी चीज से डर नहीं होगा, डर भगाने का आसान सा उपाय है हमेशा सकारात्मक सोचे, भविष्य की अनिश्चितताओं  के बारे में ध्यान ना दें, योग और मेडिटेशन जरूर करें, डर का सामना करें, हमेशा पॉजिटिव सोचे, किसी चीज से होने वाले नुकसान के बारे में नहीं उससे होने वाले फायदे के बारे में सोचो।

निष्कर्ष

आशा करते हैं कि आपको Fearless Details In Hindi की पूरी जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। अगर फिर भी आपके मन में Nidar Kaise Bane (How To Become Fearless In Hindi) और निडर कैसे बने? को लेकर कोई सवाल हो तो, आप बेझिझक Comment Section में Comment कर पूछ सकते हैं।

अगर यह जानकारी पसंद आया हो तो, जरूर इसे Share कर दीजिए ताकि Nidar Kon Hota Hai बारे में सबको जानकारी प्राप्त हो।

About Ainain

nidarमैं इस ब्लॉग का संस्थापक और एक पेशेवर ब्लॉगर हूं। यहाँ पर मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी और मददगार जानकारी साझा करता हूं। ❤️

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.