कंप्यूटर की पीढ़ी की पूरी जानकारी – Generation of Computer in hindi

आज हम जानेंगे कंप्यूटर की पीढ़ी कितनी होती है की पूरी जानकारी (Generation of Computer in Hindi) के बारे में क्योंकि Computer का आविष्कार आज से कई वर्ष पहले सन 1946 मैं हुआ था। जो कि एक प्रथम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वैक्यूम ट्यूब युक्त एक Computer की शुरुआत हुई थी। जिसका विकास विभिन्न चरणों में हुआ था।

प्रथम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस Computer के निर्माण से आज तक के Computer के विकास क्रम को हम पांच भागों में विभाजित करते हैं। या कह सकते कि पाच पीढ़ीयो मैं विभाजित करते हैं। आज के इस लेख में जानेंगे कि computer ki pidiya kitni hai, कंप्यूटर की पीढ़ी कितनी होती है, Generation of Computer in Hindi, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

कंप्यूटर की पीढ़ी – Generation of Computer in Hindi

नीचे हम आपको कंप्यूटर के जेनरेशन के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं जिसे पढ़कर आप कंप्यूटर के जेनरेशन के बारे में जान सकते हैं।

1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी (first generation of computer) :- 1946-1956

Computer की प्रथम पीढ़ी 1946 से 1956 तक चली थी। जिसकी शुरुआत 1946 में एकर्ट व मुचली ने एनिएक नामक Computer के निर्माण से की थी। तथा इस पीढ़ी के Computer बहुत ही बड़े होते थे जो किसी एक स्थान पर रहते थे। जिनका स्थान परिवर्तन करना इतना आसान नहीं होता था।

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी
कंप्यूटर की पहली पीढ़ी

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी के कुछ लक्षण:-

  • इनमें वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया गया था।
  • Storage के लिए मैग्नेटिक ड्रम का उपयोग किया जाता था।
  • यह Computer पंच कार्ड पर आधारित होते थे।
  • यह Computer बहुत ही कमजोर और बहुत ही कम विश्वसनीय होते थे।
  • इनमें Machine तथा Assembly Programming भाषाओं का प्रयोग किया जाता था।

ये भी पढ़ें : कंप्यूटर क्या है? कंप्यूटर की पूरी जानकारी

2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी (Second Generation Of Computers) :- 1956-1964

सन 1956 मैं दूसरी पीढ़ी की शुरुआत हुई थी। जिसमें ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया जाने लगा था। विलियम शाकले ने ने 1947 में ट्रांजिस्टर का आविष्कार किया था जिसके कारण Computer में वेक्यूम ट्यूब की जगह अब ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया जाने लगा था जिसके कारण स्वरूप इस समय में Computer की गति में बढ़ोतरी हुई थी साथी धीरे-धीरे विश्वसनीय होने लगे थे।

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी (Second Generation Of Computers) - 1956-1964
कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी के कुछ लक्षण:-

  • वैक्यूम ट्यूब के जगह अब ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया जाने लगा था।
  • प्रथम पीढ़ी से छोटे ऊर्जा की लागत में कमी आई थी।
  • गति में बढ़ोतरी तथा विश्वसनीयता मिलने लगी थी।
  • स्टोरेज डिवाइस वह प्रिंटर और ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया जाने लगा था।

3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी (Third Generation of Computer) :- 1965-1971

सन 1964 में Computer की तीसरी पीढ़ी का आगाज हुआ था इस पीढ़ी में कंप्यूटरों में आईसी का प्रयोग होने लगा था आईसी मतलब इंटीग्रेटेड सर्किट का प्रयोग होता था

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कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी के कुछ लक्षण :-

  • इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग होने लगा था।
  • पहली व दूसरी पीढ़ी के तुलना में आकार वह वजन में कमी आने लगी थी साथ ही विश्वसनीय भी होने लगे थे।
  • तीसरी पीढ़ी मैं पोर्टेबल व रख रखाव मैं आसानी होने लगी थी।

4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी (Fourth Generation Of Computers) :- 1971-1985

सन 1971 में Computer की चौथी पीढ़ी की शुरुआत हुई थी इस पीढ़ी में इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग अधिक दो होने लगा था और इस पीढ़ी वह सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट नामक एक छोटी चिप का आविष्कार हुआ था जिसको माइक्रो प्रोसेसर के नाम से भी जाना जाता है।

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कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी के कुछ लक्षण :-

  • Computer के आकार में अत्यधिक कमी
  • इस समय में Computer को कोई भी खरीद सकता था।
  • अत्यधिक मेमोरी क्षमता
  • Computer के अनेक नेटवर्क का विकास होने लगा था।

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5. कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी (Fifth Generation of Computer) :- 1985 – अब तक

सन 1985 मैं Computer की पांचवी पीढ़ी की शुरुआत हुई थी जो कि 1985 से लेकर वर्तमान समय तक चल रही है जिसके अंदर Computer का कार्य में अत्यधिक बदलाव आया था और अब धीरे-धीरे Computer लैपटॉप और टेबलेट में बदल गए थे। अब हमें छोटे-छोटे लैपटॉप बनने लग गए थे कीबोर्ड माउस मोबाइल फोन अलग से सीपीयू माइक्रोफोन इन सब का अविष्कार हुआ था साथ इनका अत्यधिक प्रचलन भी बढ़ने लगा था।

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कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी

इस समय में Computer घड़ी के रूप में भी आने लगे थे तथा अत्यधिक पोर्टेबल हो गए थे कि हम इसको कहीं पर भी ले जा सकते हैं और कहीं पर भी यूज़ करने लगे थे और इनमें इंटरनेट के माध्यम से दस्तावेजों का आदान-प्रदान तो होने लगा था जैसे कि मेल मैसेजेस वगैरा इत्यादि से।

कंप्यूटर की पांचवीं पीढ़ी के कुछ लक्षण:-

  • Computer के आकार में बहुत ही बड़ी कमी :- Computer अतिरिक्त छोटा होकर लैपटॉप टेबलेट के रूप में बदलने लगे थे।
  • इंटरनेट :- Computer के पांचवी पीढ़ी में इंटरनेट एक मुख्य रूप से अपनी भूमिका निभाता है इसके माध्यम से लोग एक दूसरे से जोड़ने लगे थे।
  • मल्टीमीडिया :- अब धीरे-धीरे ऑडियो वीडियो व फोटो का इस्तेमाल होने लगा था।

निष्कर्ष

आशा है आपको कंप्यूटर की पीढ़ी कितनी होती है के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में computer ki generation kya hai (Generation of Computer in Hindi) और कंप्यूटर की पीढ़ी क्या है को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी कोकंप्यूटर में जनरेशन कितने प्रकार के होते हैं में जानकारी मिल सके।

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