आरटीओ ऑफिसर क्या होता है? RTO Officer कैसे बने? जानिए RTO Officer बनने से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे आरटीओ ऑफिसर (RTO Officer) कैसे बने पूरी जानकारी (How To Become RTO Officer In Hindi) के बारे में क्योंकि आधुनिक दौर में हमारे पास अपने मनपसंद करियर विकल्प को चुनने के लिए कई सारे ऑप्शन है। हर विद्यार्थी को अलग-अलग फील्ड में जाने का इंटरेस्ट होता है‌ इसीलिए विद्यार्थी उन्हें जिस फील्ड में जाना होता है, उसके अनुसार ही अपनी तैयारी करते हैं। इंडिया में विद्यार्थियों के बीच गवर्नमेंट नौकरी का बहुत ही ज्यादा क्रेज होता है, क्योंकि गवर्नमेंट नौकरी में उन्हें सैलरी तो अच्छी मिलती ही है, साथ ही उन्हें परमानेंट नौकरी की गारंटी भी मिलती है‌।

इसीलिए लोग गवर्नमेंट नौकरी करना ज्यादा पसंद करते हैं। इंडिया में विभिन्न प्रकार की गवर्नमेंट नौकरीयां है, जिनमें से ही एक नौकरी है RTO ऑफिसर की नौकरी। आज के इस लेख में जानेंगे कि RTO Officer Kaise Bane, आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या करे, RTO Officer Kya Hota Hai, आरटीओ ऑफिसर बनने का तरीका, RTO Officer Kaise Bante Hain, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

आरटीओ ऑफिसर क्या होता हैं? – Wha is RTO Officer Information in Hindi?

Rto Officer Kaise Bane
Rto Officer Kaise Bane

RTO का फुल फॉर्म Regional Transport officer होता है। भारत के हर जिले में एक RTO Officer अवश्य होता है, जहां पर रोड ट्रांसपोर्ट से संबंधित अलग-अलग काम होते हैं। RTO Officer का मुख्य कार्य नई गाड़ियों को परमिट जारी करना, उन्हें गाड़ी नंबर जारी करना, नए लाइसेंस बनाना और फर्जी लाइसेंस को निरस्त करना इत्यादि होता है। इसके अलावा भी आरटीओ ऑफिसर रोड ट्रांसपोर्ट से संबंधित अन्य काम भी करते है।

आरटीओ ऑफिसर कैसे बने? – How to Become RTO Officer?

हर अभ्यर्थी को यह बात पता होना चाहिए कि RTO Officer बनने की प्रक्रिया क्या है या फिर RTO ऑफिसर कैसे बना जाता है?  क्योंकि जब हमें इस बात की जानकारी होती है कि, हम जिस मंजिल को प्राप्त करना चाहते हैं, उसे प्राप्त करने का रास्ता क्या है़, तो हम उसके अनुसार ही अपनी तैयारी करते हैं और सही प्रकार से तैयारी करने के कारण आगे चलकर हमें अपनी मंजिल प्राप्त होती है। इसीलिए अगर आपको आरटीओ ऑफिसर बनना है, तो आपको इस बात की इंफॉर्मेशन भी होनी चाहिए कि, RTO ऑफिसर कैसे बना जाता है‌?

आरटीओ ऑफिसर बनने के लिए क्या करें? – What to do to become RTO officer?

RTO की नौकरी बहुत ही अच्छी नौकरी मानी जाती है, परंतु RTO ऑफिसर बनना इतना आसान नहीं होता, जितना कि लोगों को लगता है। हर साल लाखों विद्यार्थी RTO Officer की परीक्षा में शामिल होते हैं, जिनमें से बहुत कम विद्यार्थी ही इसकी परीक्षा पास कर पाते हैं। इसलिए इसकी परीक्षा की तैयारी करके ही RTO ऑफिसर बनने की कोशिश करनी चाहिए। चलिए अब यह जानते हैं कि RTO ऑफिसर कैसे बने और RTO ऑफिसर बनने की प्रक्रिया क्या है।

आरटीओ अधिकारी बनने के लिए शैक्षिक योग्यता – Educational Qualification to Become RTO Officer

RTO Officer की पोस्ट प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को अपने ग्रेजुएशन की डिग्री इंडिया के किसी भी सर्टिफाइड कॉलेज से पूरा करना जरूरी है। इसमें कोर्स की बाध्यता नहीं है, आप अपने ग्रेजुएशन की डिग्री को किसी भी कोर्स को करके कंप्लीट कर सकते हैं। ग्रेजुएट हो चुके लोग ही आरटीओ बनने के लिए काबिल माने जाते हैं। आपकी इंफॉर्मेशन के लिए बता दें कि, महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थी RTO Officer बनने की एग्जाम में शामिल हो सकते हैं। आपको बता दें कि आरटीओ ऑफिस में कुछ छोटे पदों के लिए दसवीं कक्षा पास अभ्यर्थी भी अप्लाई कर सकते हैं।

आरटीओ अधिकारी बनने के लिए आयु सीमा – Age Limit to Become RTO Officer

इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन में दिए गए आरक्षण के तहत RTO Officer में जॉइनिंग प्राप्त करने के लिए हर समुदाय के लिए अलग-अलग एज लिमिट तय की गई है, जिसकी जानकारी नीचे हम आपको दे रहे हैं।

  • जर्नल यानी कि सामान्य वर्ग के लड़के और लड़कियां कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 30 साल तक RTO ऑफिसर बन सकते हैं
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग कम से कम 21 साल और अधिक से अधिक 35 साल तक RTO Officer बन सकते हैं।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग यानी कि ओबीसी समुदाय के लोग कम से कम 21 साल और ज्यादा से ज्यादा 33 साल तक की उम्र तक RTO Officer बन सकते हैं।

आरटीओ अधिकारी की चयन प्रक्रिया – Selection Process of RTO Office

RTO ऑफिसर से संबंधित अन्य जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ आपको यह भी पता होना चाहिए कि आखिर आप RTO ऑफिसर कैसे बन सकते हैं। RTO ऑफिसर बनने की सिलेक्शन प्रोसेस क्या है, इसकी इंफॉर्मेशन नीचे बताए अनुसार है।

  • लिखित परीक्षा
  • फिजिकल टेस्ट
  • इंटरव्यू

1. आरटीओ ऑफिसर की लिखित परीक्षा

जब RTO Officer की वैकेंसी निकलती है, तब उसमें आपको अप्लाई करना पड़ता है और Apply करने के बाद एक निश्चित दिन आरटीओ ऑफिसर की एग्जाम, एग्जाम कमेटी के द्वारा ली जाती है, जिसमें आपको शामिल होना होता है। यह एक्जाम टोटल 2 घंटे की होती है और यह एग्जाम 200 मार्क की होती है।

आरटीओ ऑफिसर की लिखित एग्जाम में अभ्यर्थी से हिंदी व्याकरण, राष्ट्रीय और इंटरनेशनल करंट अफेयर, इंडियन हिस्ट्री, भूगोल, आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण और पारिस्थितिकी, सामान्य विज्ञान, अंग्रेजी लैंग्वेज जैसे सब्जेक्ट से संबंधित क्वेश्चन पूछे जाते हैं। इस एग्जाम को आपको अच्छे अंकों के साथ पास करना पड़ता है

2. आरटीओ ऑफिसर का फिजिकल टेस्ट

ऐसे विद्यार्थी जो RTO Officer की लिखित परीक्षा को पास कर लेते हैं, वह लिखित परीक्षा के रिजल्ट के आने के बाद आरटीओ ऑफिसर के फिजिकल टेस्ट में शामिल हो जाते है। इस टेस्ट में अभ्यर्थी की शारीरिक जांच की जाती है। इसलिए RTO Officer बनने के लिए आपको पहले से ही अपने आपको शारीरिक तौर पर फिट रखना चाहिए।

इसमें आपके टेस्ट अलग अलग प्रकार से लिए जाते हैं और इसमें आपकी परफॉर्मेंस के आधार पर आपको अंक दिए जाते हैं। आज के टाइम में तो आरटीओ ऑफिसर का फिजिकल टेस्ट अत्याधुनिक मशीनों के द्वारा होने लगा है।

3. इंटरव्यू

RTO Officer की लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट को पास करने के बाद सबसे आखिरी राउंड में अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इंटरव्यू में इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम के द्वारा अभ्यर्थी से अलग-अलग प्रकार के टिपिकल क्वेश्चन पूछे जाते हैं, साथ ही अभ्यर्थी की मानसिक क्षमता, उसके गुण और कौशल को जांचने कंप्रयत्न भी इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम के द्वारा किया जाता है। इसमें भी आपको आपकी परफॉर्मेंस के आधार पर परसेंटेज या फिर अंक दिए जाते हैं।

4. ट्रेनिंग पूरी करें और पद ग्रहण करें

RTO Officer के इंटरव्यू को पूरा करने के बाद आपको डायरेक्ट काम पर नहीं रख दिया जाता है, बल्कि इसके पहले आपको 6 महीने या फिर 9 महीने अथवा 1 साल तक आरटीओ ऑफिसर की ट्रेनिंग प्रदान की जाती है, जिसकी आपको सैलरी भी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मिलती है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आपको RTO Office में पोस्टिंग दे दी जाती है, जिसके बाद आप RTO ऑफिसर बन करके अपना वर्क स्टार्ट कर सकते हैं।

आरटीओ अधिकारी का कार्य – Work of RTO Officer

यह बात तो आप जानते हीं हैं कि जब हम कोई भी नई गाड़ी खरीदते हैं, तो उस गाड़ी के लिए हमें कई महत्वपूर्ण कागज बनाने होते हैं। यह सभी महत्वपूर्ण कागज गाड़ी को रोड पर चलाने के लिए आवश्यक होते हैं‌। अगर आप बिना कागज के गाड़ी को चलाते हैं, तो RTO Officer के द्वारा आपको दंड लगाया जा सकता है। एक RTO ऑफिसर मुख्य तौर पर गाड़ियों से संबंधित काम करता है। इसके अलावा भी वह अन्य कई काम करता है, जिसकी जानकारी इस प्रकार है।

1. ड्राइविंग लाइसेंस

भारतीय कानून के अनुसार रोड पर गाड़ी वही व्यक्ति चला सकता है, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस हो और ड्राइविंग लाइसेंस को जारी करने का काम आरटीओ ऑफिसर के द्वारा ही किया जाता है। ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपको अपने जिले में स्थित RTO Office जाना पड़ता है और वहां से आपको ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना पड़ता है।

2. व्हीकल रजिस्ट्रेशन

जब व्यक्ति कोई नई गाड़ी खरीदता है, तो उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन RTO Office में करवाना जरूरी होता है, जिसके बाद व्यक्ति की गाड़ी के लिए आरटीओ ऑफिस की तरफ से एक नंबर जारी किया जाता है। उस नंबर को गाड़ी के मालिक को एक नंबर प्लेट पर लगवा करके अपनी गाड़ी के आगे और पीछे लगवाना पड़ता है। इस नंबर के द्वारा ही कोई भी व्यक्ति यह जानकारी प्राप्त कर सकता है कि, उस गाड़ी का मालिक कौन है।

3. पॉल्यूशन टेस्ट

सभी गाड़ियों को हर साल में एक बार अपना पोलूशन टेस्ट करवाना पड़ता है। pollution टेस्ट करवाने से इस बात की जानकारी प्राप्त होती है कि, गाड़ी वातावरण के लिए हानिकारक है या नहीं। जिस गाड़ी का पॉल्यूशन लेवल ज्यादा होता है, उस गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को कैंसिल कर दिया जाता है।

4. इंश्योरेंस

नई या फिर पुरानी गाड़ी खरीदने के बाद उसका इंश्योरेंस कराना जरूरी होता है, ताकि अगर कभी गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाए तो गाड़ी मालिक को या फिर सामने वाले व्यक्ति को आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके‌। इंश्योरेंस हर साल Renew किया जाता है।

आरटीओ अधिकारी का वेतन – Salary of RTO Officer

हमने आपको पहले ही बताया कि RTO Officer एक गवर्नमेंट जॉब होती है। इसीलिए इसमें अच्छी सैलरी प्राप्त होती है। आरटीओ ऑफीसर किसी भी जिले के रीजनल ऑफिस का मुख्य अधिकारी होता है। एआरटीओ, आरटीओ ऑफिसर के नीचे काम करते हैं।

इंडिया में एक RTO Officer को महीने में सैलरी के तौर पर तकरीबन ₹55000 से लेकर ₹75000 तक की सैलरी प्राप्त होती है। हालांकि यह सैलरी अलग-अलग राज्यों के हिसाब से अलग-अलग भी हो सकती है। इसके अलावा भी आरटीओ ऑफिसर को गवर्नमेंट की तरफ से अन्य कई सुविधाएं प्रदान की जाती है।

निष्कर्ष

आशा है आपको RTO Officer Details In Hindi के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में RTO Officer Kaise Bane (How To Become RTO Officer In Hindi) और आरटीओ अधिकारी कैसे बने? अगर इस बारे में आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को RTO Kya Hota Hai के बारे में जानकारी मिल सके।

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