स्वतंत्रता दिवस पर निबंध,बड़े निबंध,छोटे निबंध? (Long and Short Essay on Independence Day in Hindi)

स्वतंत्रता दिवस? भारत सबसे प्रसिद्ध देश है इसकी गिनती कई देशों के साथ की जाती है भारत को अनोका देश भी कहते है क्योंकि यहां अलग अलग धर्म के लोग रहते है फिर भी यहां की संस्कृति अपने आप में कायम है। भारत का स्वतंत्रता दिवस, स्वतंत्रता दिवस, स्वतंत्रता दिवस पर शायरी, स्वतंत्रता दिवस पर निबंध, स्वतंत्रता दिवस पर भाषण, स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं, स्वतंत्रता दिवस पर हिंदी भाषण, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, स्वतंत्रता दिवस का महत्व, स्वतंत्रता दिवस पर कविता, स्वतंत्रता दिवस शायरी, स्वतंत्रता दिवस 2020 स्वतंत्रता दिवस भाषण ये सभि चिजे आज हम इस आर्टिकल में जन्नेंगे,

स्वतंत्रता दिवस Independence Day in Hindi

अगर आप भारतीय है तो आपको कभी न कभी स्वतंत्रता दिवस बारे में सुना होगा लेकिन फिर भी आप स्वतंत्रता दिवस क्या है, भारत में स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है, स्वतंत्रता दिवस किस दिन मनाया जाता है अगर आपको ये सारी बात नहीं पता है तो हम आपको यहाँ पर इन सभी चीजो के बारे में जानने वाले है या फिर आपको किसी स्वतंत्रता दिवस के भाषण के लिए जानकारी प्राप्त करना है तो कोई दिक्कत नहीं आप यहां से प्राप्त कर सकते हैं अब हम चले आते हैं अपने topic पर स्वतंत्र दिवस आजादी का दिन या आजादी के दिन के रूप में मनाया जाता है इस दिन भारत देश ने उन विदेशी लोगों जिसे हम अंग्रेज बोलते हैं से आजादी प्राप्त की थी अंग्रेजों के अत्याचारों से भारत बिखर सा गया था लेकिन कई गांव में धीरे धीरे आंदोलन चल रहे थे लेकिन अंग्रेजों ने फूट डालो राज करो की नीति अपना और भारतीयों को और नीचे धकेल दिया जिससे भारतवासी एकजुट नहीं हो पाए और वह लगभग गुलामी के नजदीक आ गए थे लेकिन महात्मा गांधी के प्रयासों और अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देने पर हमारे भारत देश में फिर से हरियाली लौट आए और 15 अगस्त 1947 को भारत देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई और इस दिन को भारत में स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध (Essay on Independence Day in Hindi)

स्वतंत्रता दिवस पर निबंध छोटे और बड़े रूप में लिखे जा सकते हैं यहां पर हम कुछ छोटे व बड़े निबंध आपके सामने रख रहे हैं आप इन्हें देख सकते हैं और अपने कार्य में उपयोग कर सकते हैं।

Independence Day in Hindi)

Independence Day in Hindi

स्वतंत्रता दिवस पर २०० शब्दों में निबंध (200 Word Essay on Independence Day in Hindi)

15 अगस्त 1947 को नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है इस दिन लाल किले पर प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं और राजपथ पर भी कार्यक्रम होता है और भारत की तीनों सेनाए मिलकर अपने बल का प्रदर्शन भारतवासियों के समक्ष करती है यहां पर पूरी सुरक्षा के साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है यहां पर देश-विदेश और भारत के लगभग सभी राज्यों से यहां पर लोग इस कार्यक्रम को देखने के लिए आते हैं यहां पर भारत वासियों को कुछ अलग अंदाज देखने को मिलता है इस कार्यक्रम को भव्य बनाया जाता है हर साल इस कार्यक्रम को अच्छा और भी अच्छा किया जाता है ताकि हर बार सभी लोगों को कुछ अलग देखने को मिले यहां पर दिल्ली में सभी स्कूलों से सभी बच्चे अपना प्रदर्शन इस कार्यक्रम के अंदर करते हैं और सुरक्षा बल वाले भी अपना प्रदर्शन करते हैं इस दिन प्रधानमंत्री और हमारे देश के राष्ट्रपति सभी लोग इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं और अतिथि के रूप में विदेश के कुछ अतिथिगण भी शामिल होते हैं लगभग हर साल यहां पर देश प्रदेश के अतिथि भी आते हैं और इस कार्यक्रम को और भी बेहतर बनाने के लिए सभी भारत वासियों का योगदान रहता है।

स्वतंत्रता दिवस पर ४०० शब्दों में निबंध (400 Word Essay on Independence Day in Hindi)

भारत एक विशाल देश है और इसके अंदर अलग अलग धर्म जाति के लोग निवास करते हैं अलग-अलग जाति के लोग होने पर भी यहां पर सभी लोग एक ही संस्कृति का पालन करते हैं भारत देश में सभी धर्म के लोग 15 अगस्त और 26 जनवरी के शुभ अवसर पर एकत्रित होते हैं और इसे धूमधाम से मनाते हैं कोई भेदभाव नहीं इस दिन सभी लोग मिलकर इस दिन को एक साथ मनाते हैं इस पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

क्योंकि इस दिन हमारे देश में आजादी नाम का एक शब्द भी जुड़ गया जो कि 200 सालों बाद ब्रिटिश साम्राज्य के हुकूमत से भारत देश आजाद हुआ इसी मौके पर सभी देशवासियों ने इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने का ठान लिया और अब इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा इस दिन को सिर्फ एक ही जगह नहीं मनाया जाता है इस दिन को सभी स्कूलों कॉलेजों सरकारी दफ्तरों और सभी पूरे भारत देश में इस दिन को मनाया जाता है।

और सभी भारत वासियों को इस त्योहार की बधाइयाँ दी जाती है आजादी के इस महान पर्व में सभी लोग इस दिन की तैयारी के लिए कुछ दिनों पहले से ही तैयारियों में लग जाते हैं जुट जाते हैं तैयारियों के लिए ताकि इस त्योहार को और भी अच्छा और यादगार बनाया जा सके और हम उन शहीद और जवानों को इस दिन याद करते हैं जिन्होंने हमारे भारत देश में आजादी के लिए अपना जीवन को भी इस देश के लिए बलिदान कर दिया हम सब उस दिन को तो भूल नहीं सकते लेकिन हम उस दिन के लिए कुछ खास कर सकते हैं और आज स्वतंत्रता दिवस के दिन हम उन सभी बलिदान देने वाले महान व्यक्तियों को याद करते हैं।

और हम आज यह कसम खाते हैं कि उन व्यक्तियों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे हम इस भारत देश के लिए हमेशा उन्नति का काम करेंगे और इस भारत देश की स्वतंत्रता कायम बनाए रखेंगे और सभी भारत वासियों को निवेदन है किस दिन आप सभी इस दिन को और बेहतर करने की कोशिश करें इसी धूमधाम से मनाएं और देश की प्रगति में भारत देश का योगदान जरूर करें।

हम प्रेरणा लेते हैं उन सभी महान व्यक्तियों से जिन्होंने भारत देश के लिए बलिदान दिया है और आज इस भारत देश में उनका एक महत्व है इतना बड़ा कि उन्हें हर व्यक्ति याद करता है वह सब उनकी अच्छाइयों और भारत माता के प्रेम की वजह से संभव हो पाया है।

स्वतंत्रता दिवस के लिए बड़े निबंध 800 शब्दों में (800 Word Essay on Independence Day in Hindi)

प्रस्तावना- भारत एक पुरानी संस्कृति वाला देश है यहां कई ऐसे ऐतिहासिक चीजें देखने को मिल जाती है या सुनने को मिल जाती है आपने भी कहीं पर भी या फिर अपने बड़ों से कुछ ऐतिहासिक चीजों के बारे में जरूर सुना होगा और बात आती है आजादी पर अंग्रेजों ने भारत देश को एकदम गुलाम बना दिया था हमें इतना गुलाम बना दिया था कि हम अपने दिमाग मस्तिष्क शरीर से कुछ भी नहीं कर सकते थे जो भी करना होता को उनके बताए गए नियमों आदेशों के द्वारा ही करना होता था एक गुलामी इसी को कहते हैं आजादी उसे कहते हैं अपने शरीर अपने मन और मस्तिष्क से काम करना कोई रोक-टोक नहीं सब कुछ अपने मन से करो कोई आप को रोकने वाला नहीं टोकने वाला नहीं आप एक बेहतर ढंग से कार्य तभी कर सकते हैं जब आपका मन आजाद स्वतंत्र हो तभी ही आप अपने देश के लिए कुछ उन्नति का काम कर सकते हैं अपने परिवार के लिए कुछ अच्छा कर सकते हैं अपने परिवार का पालन पोषण अच्छे से कर सकते हैं।

अंग्रेजों का भारत आना – भारत देश में करीब 200 वर्ष पूर्व अंग्रेजों का आग-मन यहां पर हुआ यहां पर आए तो थे अपना व्यापार फैलाने और व्यापार से धन कमाने के लिए लेकिन धीरे-धीरे उन अंग्रेजों की संख्या बढ़ती गई और उन्होंने अपने व्यापार में विस्तार कर लिया उनकी वस्तुओं को लगभग पूरे देश में फैला दिया और वह अपने व्यापार को फैलाते गए जब अंग्रेज भारत आए तब मुगलों का शासन था तो अंग्रेजों ने उन राजाओं को अपनी नियति में फंसा लिया और उन्होंने फूट डालो राज करो की नीति अपनाई और धीरे-धीरे सभी छोटे-मोटे राजाओं को परास्त करके उनकी जगह उनके राज्य पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया और लगभग 18 सदी में उन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी स्थापना कर ली।

जब भारत गुलाम था – अंग्रेजों ने सबसे पहले अपनी वस्तुओं को पूरे देश में फैलाया और उसे धन कमाने लगे फिर उन्होंने अपनी सुविधाओं और अपने शिक्षा का हवाला देते हुए भारत वासियों को अपने जाल में फंसा लिया और उन्होंने कहा कि हम आपको एक बेहतर शिक्षा और व्यापार मैं नौकरी देंगे और भारत के लोग इनके जाल में फस गए अब अंग्रेजों ने भारतीयों पर शारीरिक रूप से और मानसिक रूप से प्रताड़ना करना शुरू कर दिया और इस दौरान कई युद्ध भी हुए जिसमें से द्वितीय विश्व युद्ध प्रमुख है और जलियांवाला बाग हत्याकांड भी प्रमुख है भारत वासियों का भारत में ही अपना कुछ वर्चस्व नहीं रहा और उन्हें कौड़ियों के भाव में सेना में भर्ती किया जाने लगा और उनकी कुर्बानियां दी जाने लगी जिससे पूरे भारतवर्ष में हाहाकार मच गया और उन्हें गुलाम बना दिया।

नई पार्टी की स्थापना हुई – भारत में पहली बार नई पार्टी की स्थापना की गई जिसका नाम कांग्रेश रखा गया इसकी स्थापना 28 दिसंबर 1885 में की गई इस पार्टी के अंदर कुल 64 व्यक्तियों को रखा गया इस पार्टी के बन जाने के बाद भारत देश में मुस्लिम समुदाय भी अपनी पार्टियों का संगठन करने लगे और सभी ने मिलकर भारत को योगदान दिया भारत को आजाद कराने में सभी समुदायों का योगदान रहा और इनके कठिन परिश्रम और बहादुरी को देखकर अंग्रेज भारत से भाग गए और अंततः भारत देश स्वतंत्र भारत देश बना

भारतीयों ने कई बलिदान दिए – जब भारत देश में अलग-अलग समुदाय ने विद्रोह करना शुरू किया तो कई विद्रोह में भारत के लोगों को अपनी बलिदानी भी देनी पड़ी और अंतिम में भारतीयों ने मिलकर एक संगठन बनाया एकता की ताकत को पहचाना और सभी ने मिलकर एक साथ विद्रोह कर दिया और कुछ विद्रोह मैं कई लोगों को बलिदानी भी देनी पड़ी लेकिन उनकी बलिदान व्यर्थ नहीं गई उनकी वजह से आज भारत देश आजाद है और आने वाले समय में भी आजाद रहेगा और अंग्रेजो के पास अंतिम रास्ता था या तो वापस लौट जाओ या फिर अपने आप को इस मिट्टी में समा दो यानी कि उनकी मृत्यु यहां पर तय अब उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा था इसीलिए उन्हें हाथ धोकर यहां से भागना पड़ा और आखिरकार भारत देश स्वतंत्र हुआ।

स्वतंत्रता दिवस को मनाने का कारण – आज जिन लोगों के वजह से हम यह स्वतंत्रता वाला जीवन व्यतीत कर रहे हैं अपने भारत देश में भ्ला हम उन्हें कैसे भूल सकते हैं उन्हें याद करने के लिए हम हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के रूप में उनकी यादें हर साल ताजा करते हैं और उन्हें शहीदों की नजर से देखते हैं जिनकी वजह से आज भारत देश इस मुकाम पर खड़ा है भले ही उनके परिवारों में आज वह न रहे हो लेकिन उनके परिवार वाले भी गर्व से उन्हें याद करते हैं और इस दिन को मनाते हैं और आगे भी उन्हें हमेशा सम्मान मिलता रहेगा जब तक भारत देश रहेगा हमारा साथ हमेशा रहेगा यह उन सेनाओं के लिए अच्छा नारा साबित होगा क्योंकि वही आज इस भारत की रक्षा कर रहे हैं और उन्हें भी सम्मान मिलना चाहिए और उन्हें भी सम्मान देना चाहिए यही भारत की संस्कृति है इसे कायम बनाए रखना है।

 

निष्कर्ष – इस पर्व को हम स्वतंत्रता के रूप में मनाते हैं और हम यह प्रेरणा करते हैं कि आगे से हम कभी भी फूट डालो और राज करो की नीति के अंदर नहीं फसेगे और अपने भारतवासियों के लिए ही विद्रोह पैदा नहीं करेंगे हम सब मिलकर एक साथ रहेंगे और अपने भारत देश के लिए प्रगति का कार्य करेंगे और उन वीर और बलिदानों को हमेशा याद करते रहेंगे उनके परिवार वाले के लिए हमेशा उषा की कामना करते रहेंगे और आगे से हम भारत देश के लिए विकास का कार्य करेंगे।

धन्यवाद…..

 

तो दोस्तों आपके सामने यहां पर भारत देश के लिए स्वतंत्रता दिवस के बारे में निबंध लिखा है अगर आप इससे अच्छा लिख सकते हैं तो आप हमें comment में भी बता सकते हैं साथ ही अगर आपको स्वतंत्रता दिवस के बारे में निबंध लिखना है तो आप यहां से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं बिना किसी दिक्कत के अगर आपको यहां पर कोई चीज समझ में नहीं आए तो आप हमें नीचे comment box पर comments कर सकते हैं धन्यवाद।

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