सरपंच क्या होता है? Sarpanch कैसे बने? जानिए Sarpanch बनने से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे सरपंच (Sarpanch) कैसे बने पूरी जानकारी (How To Become Sarpanch Details In Hindi) के बारे में क्योंकि हमारे देश के ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए गवर्नमेंट ने प्रधान का पद यानी सरपंच के पद पर किसी न किसी व्यक्ति को बैठाया है, जिसका मुख्य काम होता है सरकार की सभी योजनाओं को गांव में लागू करना और गांव का विकास करने का प्रयास करना। सरकार की पहुंच हर जगह तक नहीं हो सकती, इसीलिए भारत के ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए सरकार ने सरपंच के पद को बनाया है,

जो व्यक्ति इस पद पर चयनित होता है उसे सरकार के द्वारा काम करने के बदले में एक निश्चित तनख्वाह भी दी जाती है। इसके अलावा सरकार के द्वारा गांव के विकास के लिए जितने भी फंड आते हैं, वह Sarpanch के खाते में ही आते हैं। आज के इस लेख में जानेंगे कि Sarpanch Kaise Bane, सरपंच बनने के लिए क्या करे, Sarpanch Kya Hota Hai, सरपंच बनने का तरीका, Sarpanch Kaise Bante Hain, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

सरपंच किसे कहते हैं?

Sarpanch Kaise Bane
Sarpanch Kaise Bane

गांव के प्रधान को ही सरपंच और सरपंच को ही गांव का प्रधान कहा जाता है। Sarpanch हमारे और आपके जैसा एक आम व्यक्ति ही होता है। जब गवर्नमेंट के द्वारा हर 5 साल में गांव के प्रधान पद के लिए चुनाव करवाए जाते हैं, तो उसमें बहुत सारे लोग अपना पर्चा दाखिला करते हैं और एक निश्चित डेट पर वोटिंग होती है, इसके बाद जब Votes की काउंटिंग होती है तो उसमें जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा मत प्राप्त होते हैं, उसे विजई घोषित कर दिया जाता है और वही व्यक्ति उस गांव का सरपंच कहलाता है। जिस गांव से उसने चुनाव लड़ा होता है। सरपंच के पद के लिए गवर्नमेंट के द्वारा हर 5 साल के बाद चुनाव करवाए जाते हैं, क्योंकि एक सरपंच का कार्यकाल 5 साल तक होता है।

सरपंच कैसे बने? – How to become Sarpanch?

अगर आप यह सोच रहे हैं कि सरपंच अपने आप से बना जा सकता है तो आपकी सोच गलत है, बल्कि जिस प्रकार मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के पद के लिए चुनाव होते हैं, उसी प्रकार Sarpanch के पद यानी की प्रधान के पद के लिए भी हर 5 साल में गवर्नमेंट के द्वारा चुनाव करवाए जाते हैं और इस चुनाव में जो व्यक्ति विजई होता है उसे उस गांव का सरपंच बना दिया जाता है जिस गांव से उसने प्रधान के पद का चुनाव लड़ा था।

सरपंच बनने के लिए क्या करना चाहिए? – What Should do to Become a Sarpanch?

सरपंच बनने के लिए आपको अपने अंदर कुछ योग्यताओं को लाना होगा, जिसके तहत सबसे पहले तो आपको आप जिस गांव में रहते हैं, उस गांव के लोगों से अपना मेलजोल बढ़ाना होगा और उनके बीच अपनी पैठ बनानी होगी। इसके अलावा Sarpanch बनने के लिए क्या करना पड़ता है या फिर सरपंच कैसे बने, इसके बारे में हम आपको नीचे स्टेप बाय स्टेप बता रहे हैं, ताकि आप यह जान जाए कि सरपंच अथवा प्रधान कैसे बना जाता है।

सरपंच बनने की प्रक्रिया – Process to become Sarpanch

नीचे हम आपको बहुत ही आसान भाषा में सरपंच बनने की प्रक्रिया क्या है, इसकी इंफॉर्मेशन दे रहे हैं।

1. गांव का प्रधान यानी कि गांव का सरपंच बनने के लिए सबसे पहले आपको जब गांव के प्रधान पद का चुनाव हो, तब उसमें अपना पर्चा दाखिला करना पड़ता है जिसके लिए आपको अपने जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार करने होते हैं। अब एक निश्चित दिन पर आपका गांव जिस ब्लाक के अंतर्गत आता है उस ब्लाक में जाना होता है और वहां पर अपना नामांकन ग्राम प्रधान के चुनाव के लिए करना होता है।

2. नामांकन करने के बाद एक चुनाव का चिन्ह उम्मीदवार को दिया जाता है और एक निश्चित दिन गवर्नमेंट के द्वारा गांव के स्कूल में या फिर किसी भी सार्वजनिक जगह पर वोटिंग करवाई जाती है।

3. इस वोटिंग में पोलिंग अधिकारी द्वारा हर व्यक्ति के आईडेंटिटी कार्ड को चेक करने के बाद ही उसे वोटिंग करने को दिया जाता है। कई जगहों पर वोटिंग करने के दरमिया पुलिस या फिर सीआरपीएफ की भी तैनाती की जाती है ताकि चुनाव में कोई गड़बड़ी न कर सके या फिर हिंसा ना कर सके।

4. वोटिंग समाप्त होने के बाद शाम के समय बैलट बॉक्स को लेकर चुनाव के अधिकारी ब्लॉक में चले जाते हैं और वहां पर बैलट बॉक्स को एक सील बंद कमरे में रख दिया जाता है, जिसकी निगरानी सीआरपीएफ के जवान तब तक करते हैं जब तक वोटों की गिनती ना हो जाए।

5. वोट की गिनती के दिन जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, उसे विजयी घोषित कर दिया जाता है।

6. इसके बाद 5 से 10 दिनों के भीतर विजई उम्मीदवार को ब्लॉक में जाकर सरपंच के पद की शपथ लेनी होती है, जिसके बाद वह सरपंच बन जाता है।

7. इसके बाद ब्लॉक के द्वारा उसे प्रधानी करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते हैं और इसके बाद वह गांव के सरपंच का काम चालू कर सकता है।

सरपंच बनने के लिए पढ़ाई – Study to Become Sarpanch

जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे देश में कई राज्य हैं, इसीलिए हर राज्य में सरपंच के पद का चुनाव लड़ने के लिए अलग-अलग पढ़ाई की योग्यता तय की गई है। हालांकि कई जगहों पर दसवीं पास को सरपंच का पद लड़ने के लिए एलिजिबल माना जाता है, तो कई जगहों पर कम से कम आठवीं पास व्यक्ति को सरपंच के पद का चुनाव लड़ने के लिए एलिजिबल माना जाता है।

ग्राम सभा किसे कहते हैं?

जिस गांव में 200 या फिर 200 लोगों से ज्यादा व्यक्ति निवास करते हैं, उसे ग्रामसभा कहा जाता है और जिस गांव में 200 लोग से कम निवास करते हैं, उसे बगल के गांव के साथ अटैच कर दिया जाता है।

सरपंच की सैलरी कितनी होती है?

भारत के हर राज्य में सरपंच को महीने की सैलरी अलग-अलग दी जाती है। अगर हम उत्तर प्रदेश राज्य की बात करें तो यहां एक सरपंच यानी कि ग्राम प्रधान को महीने की सैलरी के तौर पर तकरीबन ₹6000 दिए जाते हैं। इसके साथ ही यात्रा भत्ता और अन्य खर्च मिलाकर उन्हें तकरीबन ₹20,000 एक्स्ट्रा दिए जाते हैं।

ग्राम प्रधान को शपथ कौन दिलाता है?

जब सरपंच का चुनाव लड़ा हुआ उम्मीदवार सरपंच का चुनाव जीत जाता है, तो चुनाव जीतने के बाद एक निश्चित दिन पर उसे ब्लॉक में बुलाया जाता है, जहां पर सरपंच को और उसके साथी सदस्यों को पीठासीन अधिकारी या फिर पंचायत सचिव के द्वारा Sarpanch के पद की शपथ ग्रहण करवाई जाती है।

सरपंच का काम – Work of Sarpanch

गांव का प्रधान या फिर गांव का सरपंच गांव के विकास के लिए काम करता है, जो इस प्रकार है।

1. विलेज काउंसलिंग के नाम से भी ग्राम पंचायत को पहचाना जाता है और ग्राम पंचायत के सरपंच का कार्यकाल टोटल 5 साल का होता है। 5 साल के बाद फिर से चुनाव होते हैं और उस चुनाव में जो उम्मीदवार विजेता घोषित होता है उसे ग्राम पंचायत के प्रधान का पद दिया जाता है।

2. एक सरपंच का मुख्य काम गांव का हर प्रकार से विकास करना और सरकार के द्वारा दिए जा रहे फंड का इस्तेमाल गांव के विकास हेतु करना होता ही।

3. गांव का Sarpanch गांव के प्राथमिक विद्यालय की समय-समय पर मरम्मत करवाता है और प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए चल रही लाभकारी योजना मिड डे मील में गुणवत्ता पूर्वक खाना बनवाता है।

4. गांव का प्रधान सरकारी हैंडपंप की भी समय-समय पर मरम्मत करवाता है और अगर कोई हैंडपंप एकदम से खराब हो गया है, तो उसे सही करवाने का काम करता है

5. गांव के लेवल पर मेडिकल और स्वास्थ्य से संबंधित काम को करवाने की जिम्मेदारी भी ग्राम प्रधान की होती है।

6. महिला और बाल विकास से संबंधित काम को करवाने का काम भी ग्राम प्रधान ही करवाता है।

7. इसके अलावा पशुधन विकास से संबंधित काम को करवाने की जिम्मेदारी ग्राम सरपंच की होती है।

8. गांव का प्रधान गांव में जो लोग पेंशन के लिए पात्रता रखते हैं उनकी पेंशन को भरने का काम करता है।

9. गांव का प्रधान गांव में राशन का वितरण करवाता है और अगर किसी को राशन वितरण से संबंधित समस्या है तो उसकी समस्या का निराकरण करने का प्रयास करता है।

10. गांव में जो भी सडके कच्ची या फिर पक्की है ग्राम प्रधान उनकी मरम्मत करवाता है और सड़कों को सही करवाने का काम करता है।

11. ग्राम प्रधान गांव में पानी के निकास की उचित व्यवस्था नाली के द्वारा करवाता है और टूटी फूटी नालियों को रिपेयर करवाने का काम करता है। इसके अलावा भी ऐसे कई काम है, जो ग्राम प्रधान या फिर ग्राम सरपंच करवाता है।

सरपंच की शक्तियां – Powers of Sarpanch

गांव के विकास की योजना को तय करने के लिए उत्तर प्रदेश में पंचायती राज एक्ट के तहत हर ग्राम पंचायत में छह समिति का गठन किया जाता है। यह समिति मिलकर गांव का विकास किस प्रकार से करना है तथा गांव में जो भी कमियां है उन्हें किस प्रकार से सुधारना है, इस बात का निर्णय लेती है और इस योजना के अनुसार गांव का विकास ग्राम प्रधान के द्वारा करवाया जाता है।

गांव के सरपंच के पास यह अधिकार होता है कि वह समय-समय पर ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की बैठक बुलाए और उसमें अपनी बातों को लोगों के सामने रखे और लोगों से उनकी राय अपनी बात पर ले।

सरपंच को पद से कैसे हटाया जा सकता है?

अगर आपको लगता है कि आपके गांव का प्रधान या फिर आपके गांव का सरपंच सरकार के पैसे का दुरुपयोग कर रहा है या फिर भ्रष्टाचार कर रहा है, तो आप उसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने ब्लॉक के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के पास जाना होगा और उन्हें एक लिखित एप्लीकेशन गांव के प्रधान के भ्रष्टाचार के बारे में देनी होगी।

इसके बाद वह एक जांच टीम गठित करेंगे और वह जांच टीम आपके गांव में आकर जांच करेगी और अगर आरोप सही साबित होते हैं तो ग्राम प्रधान को उसके पद से हटाया भी जा सकता है और उसने जो भी भ्रष्टाचार करके पैसे अर्जित किए हैं उसे सरकार को वापस देने भी पड़ सकते हैं।

निष्कर्ष

आशा करते हैं कि आपको Sarpanch Details In Hindi की पूरी जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। अगर फिर भी आपके मन में Sarpanch Kaise Bane (How To Become Sarpanch In Hindi) और सरपंच कैसे बने? को लेकर कोई सवाल हो तो, आप बेझिझक Comment Section में Comment कर पूछ सकते हैं।

अगर यह जानकारी पसंद आया हो तो, जरूर इसे Share कर दीजिए ताकि Sarpanch Kya Hota Hai बारे में सबको जानकारी प्राप्त हो।

About Ainain

सरपंचमैं इस ब्लॉग का संस्थापक और एक पेशेवर ब्लॉगर हूं। यहाँ पर मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी और मददगार जानकारी साझा करता हूं। ❤️

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.