महाजनपद से आप क्या समझते हैं? – 16 Mahajanapadas Map with Capital in Hindi

आज हम जानेंगे महाजनपद क्या है की पूरी जानकारी (Mahajanapadas in Hindi) के बारे में क्योंकि प्राचीन भारत की ऐसी कई चीजें हैं, जिनके बारे में आज तक इंसानों को पता नहीं चल पाया है। आपने भी देखा होगा कि समय-समय पर भारत में जब कहीं खुदाई होती है, तब वहां से कुछ ऐसी चीजें मिलती हैं जो देखने में बिल्कुल अजीब सी होती है, जिसका इस्तेमाल प्राचीन काल में किया जाता था।

प्राचीन काल के कुछ ऐसे शब्द भी हैं, जिनके बारे में शायद ही हम लोग जान सके। यहां तक कि प्राचीन काल में कुछ ऐसी भाषाएं थी, जिनके बारे में आज तक वैज्ञानिक पता नहीं लगा पाए हैं। प्राचीन काल में महाजनपद नाम के एक शब्द का इस्तेमाल किया जाता था। आज के इस लेख में जानेंगे कि Mahajanapadas Kya Hai, 16 महाजनपद और उनकी राजधानी, mahajanapadas meaning in Hindi, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

महाजनपद से क्या अभिप्राय है? – What is Mahajanapadas in Hindi

Mahajanapadas Map In Hindi
Mahajanapadas Map In Hindi

महाजनपद कोई आज का शब्द नहीं है। इसका अगर सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने के बात की जाए तो सबसे ज्यादा इसका इस्तेमाल वैदिक काल के दरमियांन किया जाता था। उस टाइम इसे कालखंड को बताने के लिए यूज में लिया जाता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसा माना जाता है कि इसकी टाइमिंग 600 ईसा पूर्व से लेकर के 340 ईसा पूर्व तक रही होगी।

अगर आप Mahajanapadas शब्द को अलग अलग करेंगे तो इसमें महा शब्द अलग होगा और जनपद शब्द अलग होगा और अगर इनका अर्थ निकाला जाए तो महा शब्द का अर्थ होता है बड़ा अथवा महान, वही जनपद शब्द का अर्थ होता है इलाका, क्षेत्र। प्राचीन काल में राजा का सिस्टम था और राजा अपने राज्य का विस्तार लगातार करते थे। जिन इलाकों में राजा का शासन होता था, उन सभी इलाकों को महाजनपद कहा जाता था।

महाजनपद का इतिहास क्या है?

महाजनपद के इतिहास को जानने के लिए आपको 1500 ईसा पूर्व के आसपास का इतिहास पढ़ना पड़ेगा। 1500 ईसा पूर्व के आसपास में जाने पर यह जानकारी हासिल होती है कि, उसी टाइम वैदिक काल स्टार्ट हुआ था और वैदिक काल चालू होने से लेकर के 600 ईसा पूर्व तक हमारे भारत देश में अन्य क्षेत्रों में तो बदलाव हुए ही, साथ ही सामाजिक अवस्था में भी कई बदलाव हुए, जिसके कारण जो छोटे-छोटे गुट होते थे वह इकट्ठे होने लगे और इकट्ठे होने के बाद वह एक बड़े कबीले में तब्दील हो गए।

इस प्रकार धीरे-धीरे यह कारवां आगे बढ़ता गया और जब वैदिक युग अपने अंत की कगार पर पहुंच गया तब छोटे-छोटे कबीले बड़े-बड़े Mahajanapadas बन गए, जिन पर अलग-अलग राजाओ ने राज करना चालू कर दिया। वर्तमान की बात की जाए तो जिस प्रकार हमारा भारत देश आज 28 अलग-अलग राज्यों से मिलकर के बना हुआ है, उसी प्रकार उस टाइम 16 खंडों से मिलकर के जो जनपद बनता था, उसे महाजनपद की संज्ञा दी जाती थी।

महाजनपद का विस्तार कहां तक था?

ऐसा कहा जाता है कि महाजनपद तब के उत्तरी अफगानिस्तान से लेकर के बिहार राज्य तक फैला हुआ था। वहीं कुछ महाजनपद हिंदूकुश से लेकर के गोदावरी नदी तक भी विस्तारित थे। जब बौद्ध काल चल रहा था तो उस टाइम हमारे भारत देश को उत्तरा पथ, पूर्वी भाग और पश्चिमी भाग जैसे भाग में बताया गया था, जो इस बात का प्रबल संकेत देता है कि हमारे भारत देश की भौगोलिक स्थिति पहले से ही लोगों को पता थी।

Mahajanapadas के बारे में एक खास बात यह है कि जब महाजनपद का समय था, उस टाइम में जिस महाजनपद में जो राजा शासन करते थे, उन सभी राजाओं ने मुद्रा के तौर पर सोने को अप्रूवल दिया था अर्थात व्यापारी लेनदेन करने के लिए मुद्रा के तौर पर सोने को ही एक्सेप्ट करते थे। आगे चलकर के चांदी को भी लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा था।

Mahajanapadas का अगर सबसे ज्यादा जिक्र कहीं पर मिलता है, तो वह बौद्ध मजहब और जैन मजहब के धर्म ग्रंथों में ही मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि टोटल 16 प्रकार के महाजनपद थे जिनका वर्णन अलग-अलग धार में किताबों में किया गया है।

16 महाजनपद कौन से हैं? – Name of 16 Mahajanapadas in Hindi

1. काशी : इस महाजनपद की राजधानी वाराणसी थी और इसके राजा अश्वसेन काशी काशी थे।

2. कोशल : इस Mahajanapadas की राजधानी अयोध्या थी और इसके अंतर्गत अयोध्या, गोंडा और बहराइच जैसे जिले शामिल थे।

3. अंग : इस महाजनपद की राजधानी चंपा थी और बिहार का मुंगेर तथा भागलपुर जिला इसके अंतर्गत आता था।

4. मगध : इस महाजनपद की राजधानी राजगीर थी और आधुनिक पटना तथा गया जिले इसके अंतर्गत आते थे।

5. वज्जि : इस महाजनपद की राजधानी वैशाली थी। इसके अंतर्गत दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर शामिल थे।

6. मल्ल : इस Mahajanapadas की राजधानी कुशीनगर थी और कुशीनगर के आसपास के इलाके इसे महाजनपद में शामिल थे।

7. चेदि : इस महाजनपद की राजधानी का नाम शक्तिमति था और बुंदेलखंड के आसपास के इलाके इस महाजनपद में शामिल थे।

8. वत्स : स महाजनपद की राजधानी कौशांबी थी और प्रयागराज के आसपास का इलाका इस महाजनपद के अंतर्गत आते थे।

9. कुरु : इसकी राजधानी इंद्रप्रस्थ थी और आधुनिक दिल्ली तथा हरियाणा की जमुना के आसपास का इलाका इस महाजनपद के अंतर्गत आते थे।

10. पांचाल (पांञ्चाल) : इस महाजनपद के अंतर्गत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाके आते थे।

11. मत्स्य (या मछ) : इसकी राजधानी विराटनगर थी और अलवर, जयपुर जैसे इलाके इस महाजनपद के अंतर्गत आते थे।

12. शूरसेन : इस Mahajanapadas की राजधानी मथुरा थी।

13. अश्मक : इसकी राजधानी पोटन थी और दक्षिण भारत के इलाके इसके अंतर्गत आते थे।

14. अवन्ति : इस महाजनपद में हैहय वंश का शासन था।

15. गांधार : इसकी राजधानी तक्षशिला थी और पश्चिमी पाकिस्तान तथा पूर्वी अफगानिस्तान का इलाका इसके अंतर्गत आता था।

16. कंबोज : इस महाजनपद की राजधानी का नाम राजापुर था।

महाजनपद में कृषि व्यवस्था कैसी थी?

बता दे की खेती भारत में कोई आज से नहीं हो रही है बल्कि जब से भारत का अस्तित्व है तब से ही किसानों के द्वारा खेती की जा रही है। आज तो हम आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल करके बड़े ही आसानी के साथ खेती कर लेते हैं परंतु महाजनपद के समय में खेती करने के लिए आधुनिक साधन नहीं थी। इसीलिए काफी दिक्कतें खेती करने के दरमियान आती थी। Mahajanapadas के टाइम में खेती के फील्ड में तो बहुत ही बड़े बदलाव हुए थे।

महाजनपद के टाइम में ही हल के फाल का इस्तेमाल करके लोहा बनाया जाने लगा था और इसका इस्तेमाल करके ही बैल की सहायता से किसान कठोर जमीन की खुदाई करते थे और उसमें फसल बोते थे। वही महाजनपद के समय में ही धान की रोपाई करने के लिए भी लोगों के मन में युक्ति आई और धान की पैदावार इसके कारण अधिक होने लगी। इन दोनों परिवर्तन के कारण महाजनपद के टैक्स में काफी बढ़ोतरी हुई और इसके कारण उनकी पावर में भी इजाफा हुआ।

महाजनपद (Mahajanapadas) से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्राचीन काल में टोटल कितने महाजनपद थे?

16

महाजनपद की आय का मुख्य स्रोत क्या था?

जनता से टैक्स

कौन सा महाजनपद एक गण था?

अशमक जनपद

कौन सा महाजनपद गणराज्य था?

वज्जि

सबसे शक्तिशाली महाजनपद कौन सा था?

मगध

निष्कर्ष

आशा है आपको महाजनपद क्या होता है के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में Mahajanapadas kya hota hai (16 Mahajanapadas in Hindi) और महाजनपद क्या होता है को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को 16 Mahajanapadas kya hai में जानकारी मिल सके।

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