जज क्या होता है? जज कैसे बने? जानिए Judge बनने से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे जज कैसे बने पूरी जानकारी (How To Become Judge In Hindi) के बारे में क्योंकि दुनिया के हर लोकतांत्रिक देश में न्याय करने का जिम्मा अदालत के ऊपर होता है। अदालत के अंदर मौजूद जज एक ऐसा व्यक्ति होता है जिसे न्याय का देवता कहा जाता है, क्योंकि जज ही वह व्यक्ति होता है जो गवाहों और सबूतों के आधार पर अपराधी को सजा देने का काम करता है और निर्दोष लोगों के साथ न्याय करने का काम करता है।

जज बनना इतना आसान नहीं होता है बल्कि जज बनने के लिए व्यक्ति को सालों साल संघर्ष और मेहनत करनी पड़ती है, तब जाकर कोई व्यक्ति जज बनने में कामयाब हो पाता है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Judge Kaise Bane, जज  बनने के लिए क्या करे, Judge Meaning In Hindi, Judge Kya Hota Hai, जज बनने का तरीका, Judge Kaise Bante Hain, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

जज कैसे बने? – How to Become Judge in Hindi

Judge Kaise Bane
Judge Kaise Bane

इंडिया में जो व्यक्ति जज की पोस्ट पर पोस्टेड होता है, उसकी पोस्टिंग हमारे देश के राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है। जैसा कि आप जानते हैं हमारे देश में दो मुख्य कोर्ट है जिसमें पहली है सुप्रीम कोर्ट और दूसरी है हाई कोर्ट। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य जज की नियुक्ति इंडिया के राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है और हाई कोर्ट में मुख्य जज की नियुक्ति राज्यपाल के द्वारा की जाती है। सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया जाता है, यही एक ऐसा तरीका है जिसका इस्तेमाल करके सुप्रीम कोर्ट के जज को उनके पद से पद मुक्त किया जा सकता है।

जज बनने के लिए क्या करें? – What to do to become Judge

हमें पता है कि आप जज बनने का सपना पाल कर बैठे हैं और इसीलिए आप यह जानना चाहते हैं कि आखिर जज कैसे बना जाता है अथवा जज बनने के लिए क्या करना पड़ता है। अगर आप जज बनना चाहते हैं तो इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको इस बात की जानकारी प्रदान कर रहे हैं कि जज बनने के लिए योग्यता, पात्रता, कौशल, पढ़ाई क्या है। आइए जानते हैं जज कैसे बने?

जज बनने के लिए योग्यता – Qualification to become Judge

इंडिया में जज की पोस्ट प्राप्त करने के लिए अथवा जज बनने के लिए व्यक्ति के अंदर निम्न योग्यताएं होनी चाहिए।

  • सबसे आवश्यक बात यह है कि इंडिया में जज बनने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना जरूरी है।
  • ऐसे अभ्यर्थी जो जज बनना चाहते हैं उनकी उम्र जज बनने के लिए 62 साल के नीचे होनी चाहिए।
  • जज बनने के लिए व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी जरूरी है।
  • उनकी आंखें बिल्कुल स्वस्थ होनी चाहिए।
  • उन्हें कलर ब्लाइंडनेस की समस्या नहीं होनी चाहिए।

जज बनने के लिए शैक्षिक योग्यता – Educational Qualification to become Judge

जो भी व्यक्ति इंडिया में जज बनना चाहता है अथवा जज की पोस्ट प्राप्त करना चाहता है उसे इसके लिए कुछ शैक्षिक पात्रता को पूरा करना होगा, जो इस प्रकार है।

  • जज बनने के लिए व्यक्ति के पास कम से कम 7 साल की वकालत का एक्सपीरियंस भी होना जरूरी है।
  • जज बनने के लिए व्यक्ति के पास कानून की डिग्री होनी चाहिए।

अगर व्यक्ति इन दोनों पात्रता को पूरा करता है तो वह इंडिया में जज बनने के लिए कोशिश कर सकता है अथवा जज बन सकता है।

जज बनने की प्रक्रिया – Process to become judge

जज बनना कोई एक या 2 साल का खेल नहीं होता है, बल्कि इसके लिए व्यक्ति को सालों साल मेहनत करनी होती है। आइए नीचे हम आप को बड़े ही आसान शब्दों में स्टेप बाय स्टेप जज बनने की प्रोसेस क्या है, इसकी इंफॉर्मेशन दे रहे हैं।

1. 10वीं और 12वीं कक्षा को पास करें

जज बनने का आपका सफर दसवीं कक्षा से ही चालू हो जाता है। जज बनने के लिए आपको दसवीं और बारहवीं कक्षा को अच्छे अंकों के साथ पास करना पड़ता है। आप दसवीं और बारहवीं कक्षा को किसी भी स्ट्रीम के साथ पास कर सकते हैं

2. LLB में एडमिशन लें

12वीं कक्षा को पास करने के बाद आपको एलएलबी के कोर्स में एडमिशन लेना होता है। हालांकि इसमें एडमिशन लेना इतना आसान नहीं होता है, क्योंकि इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको कुछ एंट्रेंस एग्जाम को पास करना पड़ता है। अगर आप एंट्रेंस एग्जाम को पास कर लेते हैं तभी आपको इस कोर्स में एडमिशन मिलता है।

LLB का कोर्स कानून से संबंधित कोर्स होता है और जज बनने के लिए इस कोर्स को करना आवश्यक होता है। LLB Course को करने के बाद आपके सामने वकील बनने के अलावा अन्य कई ऑप्शन भी मौजूद हो जाते हैं।

3. Bar council of india में रजिस्टर्ड हो

LLB के कोर्स को पूरा करने के बाद आप वकालत के तौर पर अपने करियर को चालू कर सकते हैं। इसके लिए आपको सबसे पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया में अपने आपको रजिस्टर करवाना होता है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया का सर्टिफिकेट मिलने के बाद आप वकालत चालू कर सकते हैं।

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4. जज की पोस्ट के लिए अप्लाई करें

जब आपको वकालत करते करते तकरीबन 7 साल का समय हो जाता है यानी कि आपको कानून का 7 साल का एक्सपीरियंस हो जाता है तो उसके बाद आप जब कभी भी जज की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हो तो उसमें अप्लाई कर सकते हैं। कई बार पदोन्नति के द्वारा भी गवर्नमेंट अदालतों में जज की भर्ती करती है। ऐसे में अगर आपके अंदर जज बनने की सारी योग्यता है तो निश्चित ही आपको जज की पोस्ट के लिए सिलेक्ट कर लिया जाता है।

5. ट्रेनिंग पूरी करें और पद ग्रहण करें

जज की पोस्ट के लिए सिलेक्शन पाने के बाद आपको सीधा ही अदालतों में न्याय करने के लिए नहीं रख दिया जाता है, बल्कि इसके पहले आपको ट्रेनिंग भी दी जाती है। यह ट्रेनिंग सामान्य तौर पर 6 महीने से लेकर 1 साल तक चलती है। जब आप ट्रेनिंग कंप्लीट कर लेते हैं तो उसके बाद आपको अदालतों में काम करने के लिए जज की पोस्ट प्रदान की जाती है। इस प्रकार आप इंडिया में जज बनने में सफलता प्राप्त कर लेते हैं।

जज बनने के लिए कौशल – Skills to Become Judge

जज बनने के लिए व्यक्ति के अंदर निम्न कौशल भी होने आवश्यक है।

  • जो भी व्यक्ति जज बनना चाहता है या फिर जज बनने की इच्छा रखता है उसके अंदर फैक्ट और डाटा का एनालिसिस करने की क्षमता होनी चाहिए, साथ ही उसके अंदर सही डिसीजन लेने का भी हुनर होना चाहिए।
  • जज बनने के लिए व्यक्ति को भारतीय संविधान और भारतीय कानून के बारे में पूरी और सही इंफॉर्मेशन होनी चाहिए ताकि वह कानून का पालन करते हुए लोकहित के लिए सही और उचित निर्णय दे सके।
  • जज बनने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को निडर होना चाहिए, साथ ही उसे बिना किसी भी व्यक्ति के दबाव में आए हुए काम करने की आदत होनी चाहिए।
  • जज बनने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को दोनों पक्षों को सुनने की आदत होनी चाहिए और दोनों पक्षों की सुनने के बाद ही निर्णय देना चाहिए।
  • जज बनने के लिए व्यक्ति के अंदर भावनात्मक लगाव कम होना चाहिए, उसे हमेशा तथ्यों पर आधारित बातों को ही स्वीकार करना चाहिए।
  • जज बनने के लिए व्यक्ति को हिंदी भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा का भी ज्ञान होना चाहिए, क्योंकि अधिकतर डॉक्यूमेंट अंग्रेजी भाषा में ही अदालत में पेश किए जाते हैं।

जज का वेतन – Salary of Judge

इंडिया में सुप्रीम कोर्ट के जज की महीने की सैलरी ₹2,80,000 होती है, वही हाई कोर्ट के जज की महीने की सैलरी 2,40,000 के आसपास होती है। इसके अलावा भी जज को अन्य कई सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता है। जैसे कि मुफ्त आवास, बावर्ची, रसोईया, नौकर, यात्रा के लिए मुफ्त खर्चा, फ्री टेलीफोन बिल, फ्री लाइट फोन बिल, आवागमन के लिए सरकारी वाहन, सुरक्षा गार्ड, रेलवे में यात्रा करने पर मुफ्त यात्रा का प्रावधान इत्यादि।

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जज का काम – Work of Judge

देखा जाए तो जज का काम मुख्य तौर पर न्याय करना होता है, इसके अलावा भी एक जज को अन्य कई काम करने होते है, जो इस प्रकार है।

  • जज को हमारे इंडिया में न्याय का देवता कहा जाता है, इसीलिए एक जज का मुख्य काम होता है अदालत में दोनों पक्षों की बातों को सुनना और बिना किसी प्रेशर के सही निर्णय देना है।
  • जज गवाहों और सबूतों के आधार पर फैसला सुनाता है और दोषी अपराधी को सजा देता है तथा निर्दोष व्यक्ति को बरी करता है।
  • जज किसी भी पक्ष के आग्रह पर केस की तारीख को आगे बढ़ा सकता है अथवा किसी भी पक्ष के आग्रह पर उसे अधिक समय सबूतों को पेश करने के लिए दे सकता है।
  • इसके अलावा जज कुछ विशेष मामलों में पीड़ित व्यक्ति को पुलिस सुरक्षा मुहैया करने का आदेश भी देता है, साथ ही जज पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा प्रदान करने का आदेश भी गवर्नमेंट को देता है।
  • जज किसी भी पुलिस अधिकारी को दोषी पाए जाने पर सस्पेंड कर सकता है अथवा उससे हर्जाना भरवा सकता है।

जज बनने के फायदे – Benefits of Becoming Judge

जज बनने के बाद व्यक्ति को अच्छी सैलरी मिलती है। इसके अलावा इन्हें समाज में काफी मान सम्मान भी मिलता है। इनके पास गवर्नमेंट की पावर होती है। रिटायरमेंट के बाद भी सरकार इन्हें सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड प्रदान करती है। इन्हें कई गवर्नमेंट के फायदे पद पर रहते हुए और पद पर ना रहते हुए भी मिलते हैं। सरकार अक्सर इनकी सलाह किसी विशेष काम में भी लेती है।

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जज का करियर स्कोप – Career Scope of Judge

जज का करियर स्कोप काफी ज्यादा उज्जवल है। जब व्यक्ति जज बन जाता है तो उसे अच्छी सैलरी, मान सम्मान और सरकारी शक्तियां प्राप्त होती है। इसके अलावा जब यह अपने पद से रिटायर हो जाते हैं तब भी इन्हें अक्सर गवर्नमेंट के द्वारा विभिन्न सरकारी कार्यक्रम मे बुलाया जाता है। रिटायरमेंट के बाद इन्हें सरकारी पेंशन और अन्य कई सुविधाएं प्राप्त होती हैं, साथ ही यह चाहे तो रिटायरमेंट के बाद लोगों को कानूनी सलाह देकर भी पैसे कमा सकते हैं।

निष्कर्ष

आशा है आपको Judge Details In Hindi के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में Judge Kaise Bane (How to Become judge In Hindi) और जज कैसे बने? को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को judge Kaise Bane के बारे में जानकारी मिल सके।

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