कंप्यूटर इंजीनियर कौन होता है? Computer Engineer कैसे बने? जानिए Computer Engineer बनने से जुड़ी सभी जानकारी हिंदी में

आज हम जानेंगे कंप्यूटर इंजीनियर (Computer Engineer) कैसे बने पूरी जानकारी (How To Become Computer Engineer In Hindi) के बारे में क्योंकि हम सभी का अपनी जिंदगी में कुछ ना कुछ बड़ा करने का या फिर बनने का सपना होता है,क्योंकि सभी की जिंदगी का कुछ ना कुछ उद्देश्य होता है। हम अपनी जिंदगी में जो कुछ भी बनना चाहते हैं यह आवश्यक नहीं है कि वह पूरा हो परंतु इस दुनिया में कुछ भी इंपॉसिबल नहीं है। इंजीनियर की पढ़ाई में भी अलग अलग टाइप के इंजीनियरिंग के कोर्स होते हैं।

किसी का इंटरेस्ट सिविल इंजीनियर बनने का होता है तो कुछ को सॉफ्टवेयर इंजीनियर अथवा Computer Engineer बनने में इंटरेस्ट होता है। आज के इस लेख में जानेंगे कि Computer Engineering Kya Hota Hai, कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए क्या करे, Computer Engineer Meaning In Hindi, Successful Computer Engineer Kaise Bane, कंप्यूटर इंजीनियर बनने का तरीका, Computer Engineer Kaise Bante Hain, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

कंप्यूटर इंजीनियर क्या होता है? – What is a Computer Engineer Information in Hindi?

विषय-सूची

Computer Engineer Kya Hota Hai
Computer Engineer Kya Hota Hai

जो व्यक्ति कंप्यूटर का निर्माण करता है, उसे Computer Engineer कहा जाता है। आपको बता दें कि कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर 2 भाग होते हैं। इनमें से कीबोर्ड, माउस, मदरबोर्ड, सीपीयू, स्पीकर और मॉनिटर कंप्यूटर के हार्डवेयर के भाग होते हैं, वही एमएस पावर प्वाइंट, एमएस वर्ड, एमएस एक्सलौ फोटोशॉप, गूगल क्रोम कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर होते हैं। जो कंप्यूटर इंजीनियर होता है, वह कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों को क्रिएट करता है। मार्केट में दो प्रकार के Computer Engineer होते हैं, कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर इंजीनियर।

जो लोग कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर होते हैं, वह कंप्यूटर के हार्डवेयर को बनाने, असेंबल करने और रिपेयर करने का काम करते हैं और जो लोग कंप्यूटर सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हैं,वह कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर को डिवेलप करते हैं। Computer Engineer कंप्यूटर की लगभग तमाम प्रकार की परेशानियों को ठीक करने का काम कर सकता है। एक कंप्यूटर इंजीनियर को कंप्यूटर से संबंधित बारीक से बारीक बातों का ज्ञान होता है।

कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बने? – How to Become a Computer Engineer?

Computer Engineer बनने के लिए सबसे पहले आपको बारहवीं कक्षा साइंस, गणित जैसे विषयों के साथ अच्छे अंको से पास करनी पड़ती है। इसके बाद आपको अपने इंटरेस्ट के हिसाब से कंप्यूटर इंजीनियरिंग से संबंधित किसी भी कोर्स में एडमिशन लेना पड़ता है। हालांकि कंप्यूटर इंजीनियरिंग से संबंधित किसी भी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको कुछ एंट्रेंस एग्जाम देनी पड़ती है।

अगर आप उस एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर कर लेते हैं तो आपको Computer Engineering के Course में एडमिशन मिल जाता है, जिसके बाद आप कंप्यूटर इंजीनियर का कोर्स कर सकते हैं। नीचे हम आपको Computer Engineering का कोर्स करने के लिए सभी प्रकार की इंफॉर्मेशन उपलब्ध करा रहे हैं।

कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए कोर्स – Course to Become Computer Engineer

अगर आप Computer Engineer बनना चाहते हैं, तो कंप्यूटर से संबंधित निम्न कोर्स में आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग कर सकते हैं।

  • बीईई इन कंप्यूटर साइंस
  • बीटेक इन कंप्यूटर साइंस
  • बीएससी इन कंप्यूटर साइंस
  • डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस
  • बीएससी आईटी
  • बीईई इन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
  • बीटेक इन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
  • डिप्लोमा इन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी

कंप्यूटर इंजीनियरिंग में प्रवेश कैसे प्राप्त करें? – How to Get Admission in Computer Engineering?

कंप्यूटर इंजीनियरिंग में एडमिशन प्राप्त करने के लिए आपको 12वीं कक्षा को साइंस और गणित के विषयों के साथ कम से कम 60% अंकों के साथ पास करना पड़ेगा। इसके बाद आपको एंट्रेंस एग्जाम के लिए अप्लाई करना होगा। एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर करने के बाद आपको कंप्यूटर इंजीनियरिंग के उस कोर्स में एडमिशन मिल जाएगा, जिसे आप करना चाहते हैं।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लिए प्रवेश परीक्षा – Entrance Exam For Computer Engineering?

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के कोर्स में एडमिशन प्राप्त करने के लिए आपको कुछ एंट्रेंस एग्जाम देने होते हैं। सामान्य तौर पर कंप्यूटर इंजीनियरिंग के किसी भी कोर्स में एडमिशन प्राप्त करने के लिए, जो एंट्रेंस एग्जाम विद्यार्थियों को देने होते हैं, उनके नाम निम्नानुसार हैं।

  • All India Engineering Entrance Exams (AIEEE)
  • BITSAT
  • Orissa Joint Entrance Exam (JEE)
  • SRM University Engineering Entrance Exam
  • COMEDK Undergraduate Entrance Test
  • Delhi University Combined Entrance Examination
  • Indian Institute of Technology Joint Entrance Exam (IIT JEE)
  • EAMCET (Engineering, Agriculture and • Medicine Common Entrance Test)
  • Goa Common Entrance Test (CET)
  • Kerala Law Entrance Examination (KLEE)

कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए योग्यता – Qualifications to Become a Computer Engineer

कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए तथा कंप्यूटर इंजीनियरिंग से संबंधित किसी भी कोर्स को करने के लिए विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा मे गणित और साइंस के विषयों के साथ कम से कम 60% अंकों के साथ पास करना आवश्यक है।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के लिए शुल्क – Computer Engineering Fee

Computer Engineer बनने के लिए विद्यार्थियों को डिग्री या फिर डिप्लोमा का कोर्स करना होता है,जिसके लिए हमारे देश में प्राइवेट और गवर्नमेंट बहुत से इंस्टीट्यूट और पॉलिटेक्निक हैं। बता दें कंप्यूटर इंजीनियरिंग का कोर्स करने के लिए आपको सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में अलग-अलग फीस करनी पड़ सकती है, क्योंकि अक्सर सरकारी कॉलेज में कोर्स की फीस कम होती है और प्राइवेट कॉलेज में किसी भी कोर्स की फीस ज्यादा होती है।

अतः संक्षेप में कहें तो कंप्यूटर इंजीनियरिंग से संबंधित किसी भी प्रकार के कोर्स को करने के लिए आपको गवर्नमेंट कॉलेज में सालाना तौर पर ₹40,000 से लेकर ₹90,000 के आसपास तक की फीस भरनी पड़ सकती है, वहीं प्राइवेट कॉलेज में यह फीस ₹80,000 से लेकर ₹150,000 के आसपास हो सकती है।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स के पाठ्यक्रम और विषय – Syllabus and Subjects of Computer Engineering Course

कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स के विषय और पाठ्यक्रम इस प्रकार हैं।

  • कंप्यूटर सिस्टम
  • एडवांस सॉफ्टवेयर कोडिंग
  • प्रोग्रामिंग मैकेनिकल
  • कंप्यूटर आर्केटेक्चर
  • सॉफ्टवेयर टेस्टिंग
  • डेटाबेस मैनेजमेंट
  • कंप्यूटर नेटवर्कस
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज
  • डेटाबेस एंड फ़ाइल सिस्टम
  • सॉफ्टवेर इंजीनियरिंग एंड आपरेटिंग सिस्टम
  • इन्फॉर्मेशन सिस्टम एंड सेक्युरिटी
  • कम्पाइलर सिस्टम
  • माइक्रोप्रोसेसर
  • एम्बेडेड सिस्टम
  • कंप्यूटर ग्राफ़िक्स
  • ऑप्टिकल कॉम्युनिकेशन
  • नेचर लैन्वेज प्रोसेसिंग
  • आर्टिफिशियल एन्टीलेजेन्स
  • एनालिसिस ऑफ डिज़ाइन एल्गोरिथ्म
  • सिस्टम सॉफ्टवेयर डेटाबेस
  • मोबाइल नेटवर्क
  • क्लाउड कंप्यूटर
  • मल्टीमीडिया
  • वेब डेवलोपिंग
  • गेमिंग

कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स की अवधि – Computer Engineering Course Duration

कंप्यूटर के डिप्लोमा कोर्स को करने के लिए 3 साल का समय लगता है। कंप्यूटर के यूजी कोर्स जैसे कि बी टेक को करने के लिए 4 साल का समय लगता है, वही कंप्यूटर के पीजी कोर्स जैसे कि एमटेक को करने में 2 साल का समय लगता है।

कंप्यूटर इंजीनियर का वेतन – Salary of Computer Engineer

पक्के तौर पर इस बात को तो नहीं कहा जा सकता कि कंप्यूटर इंजीनियर बन जाने के बाद आपकी सैलरी क्या होगी, क्योंकि सैलरी इस बात पर आधारित होती है कि, आप प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे हैं या सरकारी कंपनी में काम कर रहे हैं। इसके अलावा सैलरी इस बात पर भी डिपेंड करती है कि आप भारत में काम कर रहे हैं या विदेशों में काम कर रहे हैं। इंडिया में एक Computer Engineer की शुरुआती सैलरी लगभग ₹35,000 से चालू होती है, वहीं अगर आप विदेशों में कंप्यूटर इंजीनियर की नौकरी करते हैं तो आपकी शुरुआती सैलरी लगभग ₹80,000 के आसपास से चालू होती है और एक्सपीरियंस बढने पर आपकी सैलरी में बढ़ोतरी होती है।

कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए कौशल – Skills to Become a Computer Engineer

एक बढ़िया कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए आपको कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। Computer Engineer बनने के लिए आपके अंदर सॉफ्टवेयर को डिवेलप करने की स्किल्स होनी चाहिए। इसके अलावा आपके पास कंप्यूटर लैंग्वेज का ज्ञान होना चाहिए, साथ ही आपकी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज स्ट्रांग होनी चाहिए और आपके अंदर किसी भी चीज को बारीकी से समझने की क्षमता होनी चाहिए। कंप्यूटर इंजीनियरिंग का कोर्स करने में कम से कम 2 साल और अधिक से अधिक 4 साल का समय लगता है, इसके लिए आपके अंदर संयम और धैर्य होना चाहिए।

कंप्यूटर इंजीनियर के कार्य और जिम्मेदारियां – Work and Responsibilities of Computer Engineer

एक सफल Computer Engineer कंप्यूटर और कंप्यूटर से संबंधित पार्ट को टेस्ट करता है और उसको डिजाइन करता है, साथ ही उसके इंप्लीमेंटेशन का काम भी करता है। इसके लिए कंप्यूटर इंजीनियर को काफी रिसर्च और परिश्रम करनी होती है। कंप्यूटर इंजीनियर कंप्यूटर के सर्किट, मदरबोर्ड, राउटर डिवाइस, ऑपरेटिंग सिस्टम, एंड्रॉयड डिवाइस, मेमोरी, प्रोसेसर को क्रिएट करता है, साथ ही वह कंप्यूटर को बनाने के दरमियान इस बात को भी चेक करता है कि कंप्यूटर के पार्ट और उसके फंक्शन सही प्रकार से वर्क कर रहे हैं या नहीं। Computer Engineer नेटवर्क की डिजाइन, सेटिंग और टेस्टिंग का भी वर्क करते हैं। इसके साथ ही वह टेस्टिंग का काम और रोबोट की डिजाइनिंग भी करते हैं।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स के स्पेशलाइजेशन – Specialization of Computer Engineering Course

कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स के स्पेशलाइजेशन निम्नानुसार है।

  • डेटाबेस सिस्टम
  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • नेटवर्किंग
  • ऑपरेटिंग सिस्टम
  • कंप्यूटर आर्किटेक्चर एंड ऑर्गेनाइजेशन •फाउंडेशन ऑफ कंप्यूटर सिस्टम
  • जावा प्रोग्रामिंग एंड वेबसाइट डिजाइन
  • ई कॉमर्स एंड ईआरबी एंड मल्टीमीडिया एप्लीकेशन

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के बाद करियर – Career After Computer Engineering

आज के समय में ऐसा कोई भी सेक्टर नहीं है,जहां पर कंप्यूटर का इस्तेमाल ना होता हो। कंप्यूटर पर किसी भी प्रकार के काम को करने के लिए सॉफ्टवेयर की आवश्यकता पड़ती है और इन सॉफ्टवेयर को क्रिएट करने में और उन्हें डिजाइन करने में तथा उनका डेवलपमेंट करने में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अथवा कंप्यूटर इंजीनियर का ही हाथ होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में नौकरी की अच्छी संभावना है। कंप्यूटर इंजीनियरिंग के कोर्स को पूरा कर लेने के बाद व्यक्ति निम्न क्षेत्रों में आसानी से नौकरी हासिल कर सकता है,जहां उसे काफी अच्छी सैलरी प्राप्त हो सकती है।

  • सॉफ्टवेयर इम्प्लीमेंटेशन
  • सॉफ्टवेयर डेवलोपिंग एंड मेंटीनेंस
  • एम्बेडेड सिस्टम्स
  • डेटाबेस मैनजमेंट
  • आईटी
  • टेलीकॉम्युनिकेशन
  • कंप्यूटर हार्डवेयर
  • एम्बेडेड सिस्टम्स
  • मल्टीमीडिया
  • गेमिंग

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के बाद नौकरी – Job After Computer Engineering

कंप्यूटर इंजीनियरिंग का कोर्स कर लेने के बाद आपको निम्न जगह पर नौकरी प्राप्त हो सकती है।

  • गवर्नमेंट एंड प्राइवेट सेक्टर
  • एंटरटेनमेंट सेक्टर
  • टीचिंग
  • कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी
  • रिटेल सेक्टर
  • आईटी सेक्टर
  • आटोमोबाइल सेक्टर
  • टेलीकॉम्युनिकेशन इंडस्ट्री
  • हेल्थकेयर सेक्टर
  • एग्रीकल्चर सेक्टर
  • डिफेन्स एंड एरोस्पेस सेक्टर
  • मैनुफैक्चरिंग सेक्टर
  • नेशनल एंड इंटरनेशनल ट्रेड

कंप्यूटर इंजीनियरिंग के बाद क्या करें? – What to do after computer engineering?

Computer Engineer से संबंधित किसी भी प्रकार के कोर्स को पूरा कर लेने के बाद आपको उस कोर्स में इंटर्नशिप कर लेनी चाहिए। ऐसा करने से आपको काफी अच्छा एक्सपीरियंस प्राप्त हो जाएगा और आपने जो कोर्स किया है आपको उसकी सभी बारीकियों के बारे में पता चल जाएगा, जो आगे चलकर आपके उज्जवल भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होगा।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग कोर्स करने के फायदे? – Benefits of Doing Computer Engineering Course?

कंप्यूटर इंजीनियरिंग का कोर्स कर लेने के बाद आपको कंप्यूटर से संबंधित अधिक से अधिक बातों का ज्ञान हो जाता है, जिसके कारण आपको कई फायदे होते हैं। इसमें पहला फायदा यह है कि आपको डाटा एंट्री करना आ जाता है,जिसके द्वारा आप आसानी से किसी भी कंपनी में डाटा एंट्री की नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आप कंप्यूटर की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज C, C++, Java और cobol को सीख लेते हैं,साथ ही आप डोएक के A लेवल तथा B लेवल के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।

निष्कर्ष

आशा करते हैं कि आपको Computer Engineering Details In Hindi की पूरी जानकारी प्राप्त हो चुकी होगी। अगर फिर भी आपके मन में Computer Engineer Kaise Bane(How To Become computer engineer In Hindi) और कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बने? को लेकर कोई सवाल हो तो, आप बेझिझक Comment Section में Comment कर पूछ सकते हैं।

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