बवासीर क्या है? घर पर बवासीर की ट्रीटमेंट कैसे करें?

आज हम जानेंगे बवासीर के लक्षण और इलाज क्या है की पूरी जानकारी (Piles (Hemorrhoids) Treatment in Hindi) के बारे में क्योंकि आपने पतंजलि की बवासीर की दवा का विज्ञापन टीवी पर देखा ही होगा या फिर आपने बैद्यनाथ अर्शकल्प की एडवर्टाइजमेंट भी देखी होगी। इसके अलावा आपने अखबार में भी यह देखा कि वहां पर यह लिखा होता है कि बवासीर का इलाज पक्के तौर पर हमारे यहां उपलब्ध है। ऐसे में आपके मन में यह क्वेश्चन अवश्य उत्पन्न होता होगा कि भला यह बवासीर कौन सी बला है जो इतनी व्यापक रूप से फैल गई है कि इसे दूर करने के लिए दवाइयों की एडवर्टाइजमेंट करनी पड़ रही है।

बता दें कि बाबासीर का दर्द वही आदमी महसूस कर सकता है जो इस समस्या से परेशान होता है। एक प्रकार से समझ ले कि आप ढंग से टॉयलेट भी नहीं कर सकते, अगर आपको बवासीर है तो। आज के इस लेख में जानेंगे कि bawaseer kya hota hai, बवासीर का इलाज क्या है, bawaseer kaisa hota hai, Piles Treatment in Hindi, bawaseer ka ilaj, bawaseer ka gharelu upchar, आदि की सारी जानकारीयां विस्तार में जानने को मिलेंगी, इसलिये पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढे़ं।

बवासीर क्या होता है? – What is Piles (Hemorrhoids) in Hindi?

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Hemorrhoids Or Piles In Hindi
Hemorrhoids Or Piles In Hindi

अगर आप कई दिनों से सामान्य टॉयलेट करते हुए आ रहे हैं और अचानक से ही आपको ऐसा महसूस होता है कि, आपके टॉयलेट करने के दरमियान आपको अत्याधिक दर्द हो रहा है या फिर आपका टॉयलेट बड़ी मुश्किल से आपकी बॉडी में से बाहर निकल रहा है, तो समझ लीजिए यह कहीं ना कहीं बवासीर होने के लक्षण है,

क्योंकि बवासीर जब किसी भी व्यक्ति को होती है तो जब वह टॉयलेट करता है तो उसे काफी ज्यादा दर्द महसूस होता है। यहां पर बता दे कि टॉयलेट से हमारा मतलब है मल त्याग करना जिसे सामान्य भाषा में दो नंबर कहा जाता है। बवासीर की समस्या किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है परंतु इस समस्या से वृद्ध लोगों को ज्यादा परेशान होते हुए देखा जाता है।

बवासीर एक ऐसी खतरनाक प्रॉब्लम मानी जाती है जो आदमी को ढंग से मल त्याग भी नहीं करने देती है।‌ उसे अपने पेट पर ज्यादा प्रेशर देना होता है, तभी उसका मल त्याग होता है। हालांकि इसमें भी उसे काफी दर्द होता है। जब किसी व्यक्ति को बवासीर होती है तो जहां से दो नंबर टॉयलेट किया जाता है वहां पर अंदर के हिस्से में और बाहर के हिस्से में सूजन आ जाती है और यह सूजन जितनी बड़ी होती है, दर्द उतना ही ज्यादा होता है।

Piles का मतलब क्या है? – Piles (Hemorrhoids) meaning in Hindi

पाइल्स को ही हिंदी भाषा में बवासीर कहा जाता है और बवासीर की समस्या को ही अंग्रेजी भाषा में पाइल्स कहा जाता है। इस प्रकार इन दोनों शब्दों को ले करके आप यह कंफ्यूजन ना पाले की इनका मतलब एक ही है या अलग है। पाइल्स को दूर करने के लिए कई दवाएं मार्केट में उपलब्ध है परंतु सभी दवाएं काम करे यह आवश्यक नहीं है।

कुछ दवाओं के इस्तेमाल से आपको साइड इफेक्ट भी हो सकता है। इसलिए पाइल्स को दूर करने के लिए सही दवा का चयन करने के लिए आपको डॉक्टर से अवश्य राय सलाह करनी चाहिए।

बवासीर कैसे होता है? – Piles Kaise Hota Hai

कब्ज ही वह प्रॉब्लम है जो बवासीर होने के लिए सबसे मुख्य वजह मानी जाती है। दरअसल बात यह है कि कब्ज की समस्या होने के कारण व्यक्ति के खाने का पाचन सही से नहीं होता है और जब वह मल त्याग करता है तो उसे मल को बाहर निकालने के लिए अपने पेट पर ज्यादा प्रेशर देना पड़ता है। पेट पर प्रेशर देने के कारण लीवर और किडनी पर भी प्रेषर पड़ता है।

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इस प्रकार अगर इस समस्या से छुटकारा नहीं प्राप्त किया जाता है तो धीरे-धीरे यह समस्या बवासीर के रूप में तब्दील हो जाती है, जिसमें गुदा के आसपास का जो इलाका होता है, वहां पर छोटे छोटे फुंसी के जैसे दाने पहले निकलने लगते हैं और फिर भी इसका इलाज नहीं किया जाता है, तो यह बड़े हो जाते हैं तब यह बहुत ही कष्ट कारक हो जाते है।

बवासीर के प्रकार – Types of Piles (Hemorrhoids) in Hindi

Types Of Piles Hemorrhoids In Hindi
Types Of Piles Hemorrhoids In Hindi
  1. आंतरिक बवासीर : यह गुदा के अंदर वाले भाग में होती है।
  2. बाहरी बवासीर : यह गुदा के बाहर वाले भाग में होती है।

बवासीर के लक्षण – Piles (Hemorrhoids) Symptoms

  • टॉयलेट करने के दरमियान पतला या गाढ़ा खून निकलना
  • टॉयलेट करने के दरमियान खुजली होना
  • जहां से टॉयलेट किया जाता है वहां पर दर्द महसूस होना
  • आसानी से मल का बॉडी में से बाहर ना निकलना
  • बैठने पर भी दर्द महसूस होना
  • मल त्याग करने में कठिनाई होना
  • टॉयलेट करने के दरमियान पेट पर ज्यादा प्रेशर देना

बवासीर होने के कारण – Piles (Hemorrhoids) Causes

  • कब्ज की प्रॉब्लम
  • प्रेगनेंसी
  • सही ढंग से खाना ना पचना
  • ज्यादा भारी वजन उठाना
  • टॉयलेट करने के दरमियान पेट पर ज्यादा प्रेशर देना
  • किसी एक ही जगह पर बैठे रहना
  • सिरोसिस की बीमारी
  • जिस खाने में फाइबर की मात्रा कम है उन्हें खाना
  • बढ़ी हुई उम्र
  • आवश्यकता से अधिक मोटा होना
  • गुदा के आसपास इन्फेक्शन होना

घर पर बवासीर का इलाज कैसे करें? – Home Remedy for Piles (Hemorrhoids) Treatment in Hindi

आपके घर में नारियल का तेल तो उपलब्ध होगा ही। अरे वही तेल जिसका इस्तेमाल बालों को पोषण देने के लिए किया जाता है। यही नारियल तेल आपको बवासीर के दर्द से छुटकारा दिलाएगा, क्योंकि यह बवासीर की गांठो को कम करता है और बवासीर की सूजन को भी कम करता है, तो सबसे पहले आपको किसी भी शुद्ध कंपनी का अच्छा सा नारियल तेल लेना है।

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और उसके बाद आपको गुदा के आसपास के इलाके को साफ करना है और वहां पर आपको इस नारियल तेल को लगाना है। इसे आप को इस तरह से लगाना है कि यह बवासीर की गांठो के ऊपर भी पहुंच जाए। हफ्ते में आपको रोजाना रात को सोने से पहले इसे लगाना है। यह उपाय आपको तब तक ट्राई करना है जब तक कि बवासीर की सूजन कम नहीं हो जाती है अथवा बवासीर की गांठ छूमंतर नहीं हो जाती है।

आप सोच रहे होंगे कि भला यह उपाय कैसे बवासीर के दर्द से आराम दिलाएगा तो बता दे कि नारियल के तेल में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं जो पाइल की समस्या को खत्म करते हैं क्योंकि यह गुण सूजन को कम करने की ताकत रखते हैं। इसके अलावा नारियल में पाया जाने वाला एंटीमाइक्रोबॉयल तत्व इंफेक्शन पैदा करने वाले कीटाणुओं को खत्म करता है।

बवासीर हमेशा के लिए कैसे हटाए? – How to cure Piles (Hemorrhoids) Permanently in Hindi

देखिए बवासीर अगर आप हमेशा के लिए हटाना चाहते हैं तो आपको दवा करने के साथ ही साथ सावधानियां भी बरतनी होगी। बवासीर को हमेशा के लिए हटाने के लिए आपको नीचे दिए गए काम करने हैं।

  • अर्शकल्प की दो गोली सुबह खाना खाने के बाद एक गिलास दूध के साथ और रात को खाना खाने के बाद दो गोली एक गिलास दूध के साथ लेना चालू करें।
  • जिन खाने में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है उन्हें खाना चालू करें, जैसे कि चना, सोयाबीन, गुड इत्यादि।
  • खाने को पचाने के लिए कोई अच्छा सा सिरप लेना चालू करें जैसे कि लीवर 52 सिरप, साइपोन सिरप इत्यादि। इसकी जगह पर आप आयुर्वेदिक चूर्ण भी ले सकते हैं, जैसे कि पतंजलि मेदोहर वटी, दिव्य चूर्ण, त्रिफला चूर्ण इत्यादि।
  • ज्यादा देर तक किसी एक ही जगह पर ना बैठे रहे बल्कि थोड़ी थोड़ी देर में यहां वहां टहले।

बवासीर के रोगियों को क्या खाना चाहिए?

  • साबुत अनाज खाए।
  • फल खाएं।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं।
  • पालक का जूस पिए।
  • फलों का जूस पिए।
  • रोजाना 12 गिलास पानी पिए।
  • हर्बल चाय पिए।

बवासीर के रोगियों को क्या नहीं खाना चाहिए?

  • बवासीर में न खाएं अदरक
  • धूम्रपान ना करें
  • सफेद ब्रेड ना खाएं।
  • बवासीर में कैफीनयुक्त भोजन न करें
  • बवासीर में बेकरी प्रोडक्ट है हानिकारक
  • बवासीर में प्रोटीन युक्त भोजन न करें
  • मिर्च मसाले वाली चीजें ना खाएं।
  • जंक फूड ना खाएं।
  • देर से पचने वाला खाना ना खाएं।
  • कॉफी ना पिए।

बवासीर की सबसे अच्छी दवा कौन सी है? – Best Medicine for Piles (Hemorrhoids) in Hindi

  • लूपिन लिमिटेड की पाइल क्योर टेबलेट
  • हिमालय की हिमालय पालेक्स टेबलेट
  • पीलोन टेबलेट
  • पीलिन टेबलेट
  • इंडियन रिमेडी पाईलेसर कैप्सूल
  • Recticare
  • anecream
  • Proctocort
  • Cidaleaze

बवासीर के लिए सबसे अच्छी क्रीम कौन सी है? – Best Cream for Piles (Hemorrhoids) in Hindi

  • शील्ड रेक्टल ऑइंटमेंट
  • रेक्टी केयर एनोरेक्टल क्रीम
  • Tronolane हेमोरॉयड क्रीम
  • डॉक्टर बटलर हेमोरॉयड एंड फिशर ऑइंटमेंट
  • Equate Hemorrhoid Cream
  • Anusol Hemorrhoidal Ointment
  • Anovate Cream
  • Cherioll Hemorrhoids Ointment

बवासीर के रोगी के लिए सही आहार – Diet for Piles (Hemorrhoids) Patient in Hindi

बवासीर का बाहरी इलाज करने के साथ ही साथ जल्दी से बवासीर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको अपने खाने पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर आप अपने खाने पर ध्यान दे देते हैं साथ ही बवासीर की ट्रीटमेंट भी करते हैं तो आप दर्द निवारक पाइल्स से बहुत जल्दी छुटकारा पा जाएंगे। नीचे हम आपके साथ  बवासीर के पेशेंट के लिए खाने के लिए एक सैंपल डाइट चार्ट दे रहे हैं।

  • सुबह का नाश्ता : ब्रेड चाय के साथ चाय, साथ में भीगे हुए चने
  • प्याज के साथ : सुबह 10:00 बजे किसी भी फल का जूस
  • दोपहर 12:00 बजे : दो रोटियां, थोड़ा सा चावल और अरहर की दाल
  • शाम 4:00 बजे : चार ब्रेड, मूंग की भींगी हुई दाल और 1 गिलास मोसंबी का अथवा सेब का जूस
  • रात का खाना : थोड़ा सा दाल चावल, थोड़ी सी रोटी सब्जी और एक गिलास गाय का दूध हल्दी के साथ।

Piles (Hemorrhoids) बवासीर करे के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्शकल्प दवा बवासीर को खत्म करने के लिए असरदार होती है क्या?

बता दे कि अर्शकल्प एक ऐसी दवा है जो बवासीर को खत्म करने के लिए कई लोगों ने ट्राई की है और इसका अच्छा रिजल्ट उन्हें मिला है, तो इसीलिए आप भी इस दवा को ट्राई कर सकते हैं।

मुझे मल त्याग करते समय बहुत प्रेशर देना पड़ता है क्या इससे मुझे बवासीर हो सकती है?

जी हां बवासीर होने के कारण में यह कारण भी शामिल होता है। अगर आपको यह समस्या लगातार होती है तो इसका कोई उपाय अवश्य ढूंढे, वरना आपको बवासीर की समस्या हो सकती है।

बवासीर होने पर दर्द क्यों होता है?

बवासीर जब होता है तो आपके गूदा के आसपास के इलाके में अंदर के हिस्से में छोटे छोटे दाने हो जाते हैं जिसके कारण दर्द होता है। यह दाने जितने ज्यादा बड़े होते हैं, आपको उतना ही ज्यादा दर्द होता है।

क्या बवासीर से बचने के लिए फाइबर अच्छा माना जाता है?

जी हां फाइबर से भरपूर खाना अगर आप खाते हैं तो आपको बवासीर होने की संभावना काफी कम होती है, क्योंकि यह खाने का पाचन सही से करता है जिससे आपका मन कड़ा नहीं होता है और वह आसानी से निकल जाता है।

बवासीर से बचने के लिए कौन सा योगा करना चाहिए?

Ans: भुजंगासन,धनुरासन,मत्स्यासन,वज्रासन, सर्वांगासन

निष्कर्ष

आशा है आपको Piles (Hemorrhoids) in Hindi के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। अगर अभी भी आपके मन में Bawasir kaise thik karen (Home Remedies For Piles in Hindi) और बवासीर का इलाज क्या है को लेकर आपका कोई सवाल है तो आप बेझिझक कमेंट सेक्शन में कमेंट करके पूछ सकते हैं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें ताकि सभी को Bawaseer ka ilaj kya hai में जानकारी मिल सके।

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